Betul News: गौठाना में कचरा सफाई का काम सुस्त, कंपनी पर ब्लैक लिस्ट की गाज

बार-बार नोटिस के बाद भी नहीं सुधरी ईकोस्टान की कार्यप्रणाली, पर्याप्त मशीनरी नहीं लगाने से बायोमाइनिंग भी रही सुस्त
Betul News: बैतूल। गोठाना ट्रेंचिंग ग्राउंड पर वर्षों से जमा कचरे के निष्पादन को लेकर नगर पालिका की निगरानी और ठेकेदार कंपनी की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। अब नगर पालिका की रिपोर्ट में सामने आई गंभीर लापरवाहियों के बाद नोएडा की ईकोस्टान इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड पर नगरीय प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते उसे ब्लैक लिस्ट कर दिया है। नगर पालिका ने 7 अगस्त को कंपनी के खिलाफ ब्लैक लिस्ट करने का प्रस्ताव भेजा था और नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त ने 11 अगस्त को कार्रवाई कर दी।
कंपनी को गोठाना ट्रेंचिंग ग्राउंड पर पुराने कचरे का बायो रेमेडिएशन और बायोमाइनिंग करना था। इसके लिए पर्याप्त मशीनरी, संसाधन और निर्धारित समय में काम पूरा करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन नगर पालिका के मुताबिक कंपनी ने काम की गति बढ़ाने के लिए आवश्यक अतिरिक्त मशीनरी नहीं लगाई। नतीजा यह रहा कि वर्षों से जमा कचरे के निष्पादन की प्रक्रिया अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सकी।
कचरा अलग हुआ तो आरडीएफ हटाने में भी सुस्ती
बायोमाइनिंग के दौरान निकलने वाले क्रष्ठस्न मटेरियल के निष्पादन को लेकर भी कंपनी की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में रही। नगर पालिका का आरोप है कि आरडीएफ को नियमानुसार समय पर हटाने और उसका निष्पादन करने में कंपनी ने गंभीर लापरवाही बरती। संचालनालय स्तर से निरीक्षण के बाद आरडीएफ के निपटारे को लेकर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
बैंक गारंटी भी समय पर रिन्यू नहीं
कंपनी की लापरवाही केवल कचरा निष्पादन तक सीमित नहीं रही। नगर पालिका के अनुसार कंपनी द्वारा प्रस्तुत बैंक गारंटियों की वैधता समाप्त होने के बाद भी उन्हें समय पर नवीनीकृत कर निकाय में जमा नहीं कराया गया। इसके लिए नगर पालिका को कंपनी और संबंधित बैंक शाखा से बार-बार पत्राचार करना पड़ा। अनुबंध की शर्तों के पालन में इस तरह की स्थिति ने कंपनी की कार्यप्रणाली पर और सवाल खड़े कर दिए।
नगर पालिका की बिजली इस्तेमाल की 3.77 लाख भी नहीं चुकाए
सबसे गंभीर बात यह है कि कंपनी ने ट्रेंचिंग ग्राउंड पर नगर पालिका की विद्युत सुविधा का उपयोग किया, लेकिन उसका भुगतान भी समय पर नहीं किया। नगर पालिका के पत्र के अनुसार कंपनी पर 3 लाख 77 हजार 131 रुपए की विद्युत राशि बकाया थी। राशि जमा कराने के लिए कई बार पत्र जारी किए गए, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। निकाय ने इसे वित्तीय और अनुबंधीय अनुशासन का उल्लंघन माना।
नोटिस पर नोटिस, फिर भी नहीं सुधरी व्यवस्था
नगर पालिका का कहना है कि कंपनी को कई बार पत्र और नोटिस जारी कर कार्य की गति बढ़ाने, पर्याप्त मशीनरी लगाने, आरडीएफ का समय पर निष्पादन करने और अनुबंधीय दायित्वों का पालन करने के निर्देश दिए गए। इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं आया।
आखिरकार नगर पालिका ने 7 अगस्त को कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा और चार दिन बाद 11 अगस्त को नगरीय प्रशासन आयुक्त ने कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर दिया। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि गोठाना में वर्षों से जमा कचरे के पहाड़ को हटाने की जिम्मेदारी किस व्यवस्था के तहत आगे बढ़ेगी। कंपनी पर कार्रवाई तो हो गई, लेकिन अधूरे बायोमाइनिंग कार्य, बचे हुए और ट्रेंचिंग ग्राउंड की मौजूदा स्थिति का समाधान निकाय के सामने बड़ी चुनौती है।
नपा ने किया 6 में से 3 करोड़ का भुगतान
गौठाना स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड से कचरा हटाने वाली कंपनी शुरू से विवादों में रही है। कहा जा रहा है कि बड़े महानगरों में टेंडर लेने वाली इस कंपनी ने बैतूल जैसे छोटे जिले मेें टेंडर हासिल करने के बाद कछुआ चाल जैसी गति से काम किया। जनप्रतिनिधियों और कलेक्टर की नाराजगी के बाद भी कोई असर नहीं हुआ। करीब 6 करोड़ के इस टेंडर पर आधा अधूरा काम करने वाली कंपनी को नगरपालिका को पूर्व में तीन करोड़ का भुगतान किया जा चुका है।
शेष तीन करोड़ का भुगतान कंपनी को नहीं किया गया, चूंकि काम ठीक से नहीं किए जाने को लेकर नपा ने कंपनी को ब्लैक लिस्टेड कर लिया है। इससे भुगतान मिलने की संभावना भी कम हो गई है। कुल मिलाकर कंपनी को लापरवाही पर तीन करोड़ की रााशि का फटका बैठने की संभावना जताई जा रही है।
इनका कहना…
ट्रैचिंग ग्राउंड पर कचरा हटाने का टेंडर हासिल करने वाली कंपनी का बायो रेमिडिएशन और बायो माइनिंग में गंभीर लापरवाही की है। बार-बार चेतावनी के बावजूद काम की रफ्तार नहीं बड़ी। इसी वजह आयुक्त को पत्र लिखकर कंपनी को ब्लैक लिस्टेड कर दिया है।
नवनीत पांडेय, सीएमओ नपा बैतूल




