Betul News: एनएच बायपास से लगी जमीन के बांट दिए पट्टे, शाहपुर में जमीनों की बंदरबांट पर उठे गंभीर सवाल

30 से 40 पट्टे बांटने का दावा, जंगल की भूमि पर भी पट्टे देने के आरोप
Betul News: बैतूल/शाहपुर। शाहपुर नगर परिषद द्वारा जमीनों के पट्टे बांटने का मामला लगातार गहराता जा रहा है। इस मामले में रोज नए खुलासे और गंभीर आरोप सामने आने से पट्टा वितरण प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि नियम-कायदों को ताक पर रखकर अपात्र लोगों को पट्टे बांटे गए हैं और पुराने ग्राम पंचायत रिकॉर्ड में भी कथित तौर पर हेराफेरी की जा रही है।
शिकायतकर्ता अमित मेहतो के मुताबिक शाहपुर एनएच बायपास से लगी हुई जिस भूमि पर हाल ही में पट्टे बांटे हैं, वह भूमि वर्ष 2016 में जंगल के रूप में दर्ज थी। आरोप है कि उस समय उक्त भूमि तक पहुंचने के लिए कोई मार्ग तक मौजूद नहीं था। इसके बावजूद अब उसी क्षेत्र की भूमि पर लगभग 30 से 40 पट्टे बांटे जाने का दावा किया जा रहा है। मामले ने इसलिए भी गंभीर रूप ले लिया है, क्योंकि शिकायतकर्ता ने जंगल की भूमि पर पट्टे दिए जाने की आशंका जताई है।
ग्राम पंचायत के नाम से बनाए गए फर्जी दस्तावेजों का आरोप
अमित मेहतो का आरोप है कि बांटे गए पट्टे ग्राम पंचायत शाहपुर के नाम से कथित तौर पर फर्जी तरीके से तैयार किए हैं। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत के पुराने रिकॉर्ड का उपयोग कर दस्तावेजों में हेराफेरी की जा रही है। शिकायतकर्ता ने नगर परिषद के एक अस्थाई कर्मचारी सुनील साहू पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
उनका कहना है कि ग्राम पंचायत शाहपुर के पुराने समय का पूरा रिकॉर्ड उक्त कर्मचारी के पास है और रिकॉर्ड में कथित रूप से हेराफेरी की जा रही है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इस पूरे कार्य में नगर परिषद अध्यक्ष का भी सहयोग प्राप्त है।
जांच हुई तो खुल सकते हैं कई राज
पट्टा वितरण और पुराने रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी के आरोपों ने शाहपुर नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि मामले की राजस्व, वन विभाग और स्थानीय निकाय स्तर पर संयुक्त जांच कराई जाती है तो जमीन की वास्तविक स्थिति, पुराने रिकॉर्ड और पट्टा वितरण की प्रक्रिया से जुड़े कई तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।




