Betul ki Khabar: झोपड़ी में गरीबों की जिंदगी, पीएम आवास की सूची में पक्के मकान!

पार्षदों ने फर्जी पट्टों पर उठाएं सवाल, अब गेंद एसडीएम के पाले में

Betul ki Khabar: शाहपुर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और आवासहीन परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है, लेकिन शाहपुर नप में वर्ष 2026 की प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

 स्थानीय पार्षदों ने आरोप लगाया है कि सूची में ऐसे लोगों को भी पात्र बताया गया है, जिनके पास पहले से पक्के मकान हैं। वहीं करीब आधा दर्जन हितग्राहियों को कथित रूप से फर्जी पट्टों के आधार पर योजना का लाभ दिलाने के आरोप भी सामने आए हैं।

जानकारी के अनुसार नगर परिषद शाहपुर में वर्ष 2026 के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के लगभग 60 हितग्राहियों की सूची जारी की गई है। इस सूची को लेकर पार्षदों ने नगर परिषद प्रशासन पर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।

पार्षदों का कहना है कि पात्रता की जांच में गंभीर लापरवाही की है और कुछ ऐसे लोगों के नाम भी सूची में शामिल कर दिए हैं, जिनके परिवारों के पास पहले से पक्के आवास है।

फर्जी पट्टों के सहारे आवास का लाभ देने का आरोप

मामले में सबसे गंभीर आरोप जमीन के दस्तावेजों को लेकर लगाए जा रहे हैं। पार्षदों का दावा है कि करीब आधा दर्जन लोगों को कथित रूप से फर्जी पट्टे तैयार कराकर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जा रहा है। आरोप है कि नगर परिषद से जुड़े कुछ कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से दस्तावेज तैयार किए गए और इसके आधार पर संबंधित लोगों को पात्र घोषित कर दिया।

पार्षदों ने इस मामले की शिकायत अनुविभागीय अधिकारी शाहपुर से भी की थी, शिकायत के बाद भी अब तक जांच या कार्रवाई आगे नहीं बढ़ने के आरोप लगाए जा रहे हैं। पार्षदों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होने से संदेह और गहराता जा रहा है।

अध्यक्ष पर चहेतों को लाभ पहुंचाने का आरोप

पार्षदों ने नगर परिषद अध्यक्ष पर भी अपने चहेते लोगों को कथित रूप से लाभ पहुंचाने के आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि नगर परिषद के कुछ कर्मचारियों के साथ कथित मिलीभगत कर अपने पसंदीदा लोगों के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में शामिल कराए जा रहे हैं।

हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र प्रशासनिक जांच होना अभी बाकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में पारदर्शिता की कमी का सबसे बड़ा नुकसान वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को हो रहा है।

कई ऐसे परिवार बताए जा रहे हैं, जो आज भी कच्चे और जर्जर मकानों अथवा टूटी झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में इन परिवारों की परेशानी और बढ़ जाती है, जबकि आरोप है कि पहले से पक्के मकान रखने वाले लोगों को सरकारी योजना का लाभ मिल रहा है।

पुराने मामलों को लेकर भी उठते रहे हैं सवाल

नगर परिषद शाहपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर पहले भी अनियमितताओं के आरोप सामने आते रहे हैं। स्थानीय स्तर पर एक ही परिवार के कई सदस्यों को आवास योजना का लाभ मिलने और प्रधानमंत्री आवास से संबंधित अन्य मामलों को लेकर भी सवाल उठाए जा चुके हैं।

अब वर्ष 2026 की नई सूची में कथित फर्जी पट्टों और अपात्र लोगों को पात्र बनाने के आरोपों ने विवाद को फिर गरमा दिया है। पार्षदों और स्थानीय नागरिकों की मांग है कि प्रशासन वर्ष 2026 की प्रधानमंत्री आवास योजना की पूरी सूची का भौतिक सत्यापन कराए।

प्रत्येक हितग्राही के मकान, जमीन के दस्तावेज, पट्टे और पात्रता संबंधी रिकॉर्ड की स्वतंत्र जांच की जाए। उनका कहना है कि यदि सूची और दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच होती है तो कई नामों की पात्रता पर सवाल खड़े हो सकते हैं।

इनका कहना…..

एसडीएम ने जांच दल गठित किया है। हर बिंदुओं पर जांच चल रही है। 

डॉ. सौरभ संजय सोनवणे, कलेक्टर बैतूल

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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