Betul Analogue Paneer : एनालॉग पनीर के लिए डेयरियों पर ताबड़तोड़ छापे

बैतूल में कहीं भी नहीं मिला पनीर, 5 सैंपल लिए

Betul Analogue Paneer :  बैतूल। प्रदेश सरकार द्वारा एनालॉग पनीर की बिक्री पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद खाद्य एवं औषधि विभाग ने जिले में कार्रवाई तेज कर दी है। जिला मुख्यालय से लेकर ब्लॉक स्तर तक संचालित डेयरियों और पनीर विक्रेताओं के यहां विभाग की टीम ने जांच की। इस दौरान जिले में किसी भी दुकान या डेयरी पर एनालॉग पनीर बिक्री करते हुए नहीं मिला। हालांकि विभाग ने पांच अलग-अलग दुकानों से पनीर के सैंपल लेकर जांच के लिए भोपाल स्थित प्रयोगशाला भेजे हैं।

खाद्य एवं औषधि विभाग के निरीक्षक संदीप पाटिल ने बताया कि शासन के निर्देश के बाद जिलेभर में डेयरियों और पनीर विक्रेताओं की जांच की जा रही है। अब तक की कार्रवाई में कहीं भी एनालॉग पनीर नहीं मिला है। दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिबंधित एनालॉग पनीर की बिक्री या भंडारण नहीं करें। यदि जांच के दौरान ऐसा पनीर पाया जाता है तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

क्या है एनालॉग पनीर

अधिकारियों के अनुसार एनालॉग पनीर पारंपरिक दूध से तैयार होने वाले पनीर से अलग होता है। इसे तैयार करने में दूध के स्थान पर या दूध की मात्रा कम करके पॉम ऑयल, स्टार्च, वनस्पति वसा सहित अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे उत्पाद की गुणवत्ता और उसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री को लेकर स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं रहती हैं। इसी को देखते हुए शासन ने इसकी बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है। खाद्य विभाग की टीम ने जिले की प्रमुख डेयरियों और पनीर विक्रेताओं की जांच के साथ यह जानकारी भी जुटाई कि कहीं प्रतिबंधित एनालॉग पनीर चोरी-छिपे तो नहीं बेचा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि बैतूल जिले में अभी तक एनालॉग पनीर की बिक्री का कोई मामला सामने नहीं आया है। बताया गया कि बड़े शहरों में इस तरह के पनीर की बिक्री की शिकायतें अधिक सामने आती हैं, जिसके चलते जिले में भी विभाग सतर्कता बरत रहा है।

पांच दुकानों से लिए पनीर के सैंपल

जांच अभियान के दौरान खाद्य एवं औषधि विभाग ने अलग-अलग पांच दुकानों से पनीर के सैंपल लिए। इन सैंपलों को जांच के लिए भोपाल की प्रयोगशाला भेजा गया है। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि पनीर निर्धारित गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप है या उसमें किसी तरह की मिलावट पाई गई है। यदि जांच रिपोर्ट में मिलावट या मानकों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विभागीय अधिकारियों ने कहा कि यह जांच अभियान केवल एक बार की कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा। जिले में समय-समय पर डेयरियों और पनीर विक्रेताओं की जांच जारी रखी जाएगी। खासकर त्योहारों और अधिक मांग वाले समय में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। विभाग ने दुकानदारों को भी चेतावनी दी है कि प्रतिबंधित या मिलावटी पनीर की बिक्री से बचें, अन्यथा कार्रवाई के लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।

इनका कहना….
सरकार की तरफ से एनलॉग पनीर की प्रतिबंध लगाया तबसे अलग-अलग दुकानों पर पहुंचकर जांच की है। जांच में कहीं भी पनीर नहीं मिला है। जांच के लिए पनीर के पांच सेम्पल भोपाल भेजे है।
संदीप पाटिल, निरीक्षक, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

Related Articles

Back to top button