Betul Murder Cases : 7 माह में पुलिस ने 35 में से 34 हत्याओं को किया खुलासा
एसपी ने पत्रकारवार्ता में दी जानकारी, एक और हत्या से उठा पर्दा

Betul Murder Cases : बैतूल (सांझवीर टाईम्स)। जिले में मामूली विवाद पर हत्या का ग्राफ बढ़ रहा है। पुलिस ने इन हत्याओं के प्रकरणों को गंभीरता से लिया और आरोपियों को पकडऩे में बड़ी सफलता हासिल की है। इस वर्ष जनवरी से अब तक जिले में कुल 35 हत्याओं के मामले सामने आए है। इनमें से पुलिस ने एक को छोडक़र 34 मामलों का खुलासा कर पुलिस ने बढ़ी उपलब्धी हासिल की है।
सोमवार को कंट्रोल रूम में आयोजित पत्रकारवार्ता ने खुद एसपी वीरेन्द्र जैन ने इस बारे में जानकारी दी। पत्रकारवार्ता में एएसपी कमलेश कुमार खरपुसे, बैतूल एसडीओपी अन्नपूर्णा सिरसाम, सांईखेड़ा थाना प्रभारी भैयालाल उइके, महिला थाना प्रभारी कविता नागवंशी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान सांईखेड़ा थाना क्षेत्र में अंधे कत्ल का भी पुलिस ने भी खुलासा किया।
एसपी जैन ने हत्या की घटना का खुलासा करते बताया कि सांईखेड़ा थानाक्षेत्र के ग्राम धाबला में 31 जुलाई को एक खंती जिसमें पानी भरा हुआ था। उसमें एक युवक का शव पड़ा मिला था, जिसकी शिनाख्त धाबला निवासी लालू पिता गंजू धुर्वे (47) के रूप में की गई। सूचना मिलने पर सांईखेड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और घटना स्थल का निरीक्षण कर जांच प्रारंभ कर दी। पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में युवक की गला दबाकर हत्या होने की जानकारी सामने आई। गले की हड्डी टूटी हुई थी। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी।
जांच में यह बात सामने आई है कि लालू धुर्वे जंगल में मशरूम लेने के लिए गया था। आरोपी आनंद राव पिता नब्बा बारस्कर (40) लालू का पीछा करते जंगल गया। सूनसान स्थान देखकर आनंद राव ने लालू का गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या की घटना पर पर्दा डालने के लिए आरोपी ने युवक के शव को पानी से भरी एक खंती में फेंक दिया था।
जब पुलिस ने आरोपी आनंदराव को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की तो पुरानी रंजीश और अवैध संबंधों कारण हत्या करने की बात सामने आई। आरोपी इसके पहले भी एक मामले में जेल गया था। आरोपी के खिलाफ धारा 103(1) बीएनएस एवं एससीएसटी एक्ट अधिनियम की धारा 3(2)(वी), 3 (2)(वीए) के तहत मामला पंजीबद्ध किया।
इस हत्या के प्रकरण का खुलासा करने में सांईखेड़ा थाना प्रभारी भैयालाल उइके, क्राइम एक्सपर्ट आबीद अंसारी, महिला थाना प्रभारी कविता नागवंशी, प्रधान आरक्षक सुभाष माकोड़े, बलवीर मर्सकोले, विनय जायसवाल, राजकुमार धुर्वे, देवेंद्र ठाकुर, रामानंद धुर्वे, इमोला सिरसाम, रविंद्र नागले, आरक्षक विनोद साहू, बबलू धुर्वे, संतराम उइके, शशि पवार, रंजीता उइके की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
जनवरी से अब तक 35 हत्या की घटनाएं
एसपी वीरेंद्र जैन ने बताया कि जनवरी से लेकर अब तक जिले में कुल 35 हत्या की घटनाएं सामने आई हैं। जिसमें से 34 हत्या की घटनाओं का खुलासा कर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने का काम किया है। 25 ऐसी घटनाएं थी जिसमें अवैध संबंध या पारिवारिक विवाद के कारण घटना को अंजाम दिया गया।
एसपी ने बताया कि हत्या की घटनाओं का खुलासा करना आसान नहीं है। खुलासा करने में पुलिस को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। साक्ष्य जुटाने में भी पुलिस को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इस हत्या के प्रकरण में कई ऐसे उलझे पहलू थे, जिन्हें सुलझाना आसान नहीं था, लेकिन संबंधित थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों की मेहनत के कारण हत्या की घटनाओं का खुलासा करने में सफलता हासिल हुई है। एक हत्या के प्रकरण का खुलासा होना शेष है।
एसपी ने बताया कि इस गुत्थी को भी जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। जिले में हत्या की घटनाएं जरूर सामने आ रही है, लेकिन पुलिस ने लगभग सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।




