Betul News: अतिक्रमण हटाया, फिर भी सिमट रही सड़क! लिंक रोड निर्माण में मनमानी पर भड़के रहवासी

हंगामे के बाद मौके पर पहुंचे पीडब्ल्यूडी अधिकारी, ठेकेदार को नियमों के तहत निर्माण के निर्देश
Betul News: बैतूल। कारगिल चौक से गाडाघाट तक करीब 7 करोड़ रुपये की लागत से बन रही लिंक रोड का निर्माण इन दिनों विवादों में घिर गया है। सड़क की चौड़ाई को लेकर स्थानीय रहवासियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए निर्माण कार्य पर सवाल उठाए। लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण से पहले प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी।
कई परिवारों ने स्वेच्छा से अपने निर्माण भी हटाए, लेकिन अब सड़क का निर्माण निर्धारित चौड़ाई के अनुसार नहीं किया जा रहा है। कहीं सड़क चौड़ी तो कहीं संकरी बनाई जा रही है, जिससे लोगों में नाराजगी है। हंगामा मचते ही अधिकारी भी दौड़े दौड़े मौके पर पहुंचे और जैसे तैसे लोगो को शांत किया गया।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि निर्माण एजेंसी और ठेकेदार कपिल शर्मा मनमाने तरीके से सड़क का निर्माण कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सड़क और नाली के बीच दो से ढाई फीट तक अनावश्यक जगह छोड़ी जा रही है, जबकि इसी स्थान का उपयोग सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए किया जा सकता था। लोगों का कहना है कि जब अतिक्रमण हटाने के दौरान उन्हें चौड़ी सड़क का भरोसा दिया गया था, तो अब निर्माण में इस तरह की असमानता समझ से परे है।
इसको लेकर बड़ी संख्या में रहवासी सड़क पर उतर आए और हंगामा खड़ा कर दिया गया । विरोध बढ़ता देख ठेकेदार ने निर्माण कार्य रोक दिया। सूचना मिलने पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के एसडीओ अखिल कवड़े मौके पर पहुंचे और लोगों से चर्चा कर स्थिति को शांत कराया। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण भी किया और नागरिकों की शिकायतें भी सुनीं।
पर्याप्त जगह नहीं मिलने से हो रही दिक्कतें
पीडब्ल्यूडी एसडीओ अखिल कवड़े ने बताया कि प्रस्तावित सड़क की चौड़ाई 10 मीटर निर्धारित है। हालांकि कुछ स्थानों पर पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं होने के कारण चौड़ाई में आंशिक कमी आ रही है। उन्होंने कहा कि स्थानीय नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है और ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण कार्य विभागीय मानकों और स्वीकृत डिजाइन के अनुसार ही किया जाए।
साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी नागरिक को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। अब स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि विभाग के निर्देशों के बाद सड़क निर्माण में एकरूपता आती है या नहीं। नागरिकों का कहना है कि यदि सड़क निर्धारित मानकों के अनुसार नहीं बनी तो वे दोबारा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।




