Betul Ki Khabar: विधायक को नहीं मिली कुर्सी, बैठक छोड़कर लौटी

बीईओ को लगाई फटकार, जनपद सभागृह में प्रोटोकॉल को लेकर विवाद
Betul Ki Khabar: बैतूल/शाहपुर। शाहपुर जनपद पंचायत सभागृह में बुधवार को आयोजित एक सरकारी बैठक के दौरान प्रोटोकॉल को लेकर विवाद खड़ा हो गया। क्षेत्रीय विधायक गंगा सज्जन सिंह को बैठने के लिए निर्धारित स्थान नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और अधिकारियों को फटकार लगाते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया। विधायक के बैठक से बाहर निकलने के बाद कुछ समय तक सभागृह का माहौल तनावपूर्ण बना रहा और उपस्थित जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के बीच घटना चर्चा का विषय बनी रही।
जानकारी के अनुसार जनजाति कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावासों एवं आश्रमों में रिक्त सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया को समय-सीमा में पूरा कराने के उद्देश्य से जनपद पंचायत शाहपुर के सभागृह में बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में राज्य जनजाति आयोग के सदस्य मंगल सिंह धुर्वे, जनपद पंचायत अध्यक्ष शिवशंकर मवासे, उपाध्यक्ष रोशनी ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक के आयोजन की जिम्मेदारी जनपद पंचायत और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के पास थी।
पहले से दी थी बैठक में आने की सूचना
सूत्रों के मुताबिक क्षेत्रीय विधायक गंगा सज्जन सिंह ने बैठक में शामिल होने की जानकारी पूर्व में ही संबंधित अधिकारियों को दे दी थी। इसके बावजूद सभागृह में उनके लिए अलग से सीट आरक्षित नहीं की गई। बताया जाता है कि बैठक शुरू होने के बाद जब विधायक सभागृह पहुंचीं तो अधिकांश जनप्रतिनिधि और अधिकारी उनके सम्मान में खड़े हो गए, लेकिन बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं होने से स्थिति असहज हो गई।
व्यवस्था देखकर नाराज हुईं विधायक
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विधायक ने सभागृह में पहुंचने के बाद बैठने की व्यवस्था को लेकर नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना था कि जब उनकी उपस्थिति की जानकारी पहले से थी, तब भी उनके लिए स्थान सुनिश्चित नहीं किया गया। इसे उन्होंने जनप्रतिनिधि के पद और प्रोटोकॉल की अनदेखी माना। मौके पर मौजूद अधिकारियों से विधायक ने इस संबंध में जवाब मांगा। बताया जाता है कि उन्होंने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को लापरवाही के लिए फटकार लगाई और भविष्य में ऐसी स्थिति नहीं बनने की हिदायत दी। कुछ देर तक सभागृह में इसी मुद्दे को लेकर चर्चा और बहस का माहौल बना रहा।
बैठक का किया बहिष्कार
नाराज विधायक ने इसके बाद बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया और सभागृह से बाहर निकल गईं। विधायक के अचानक बैठक छोड़ने से कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हड़कंप की स्थिति बन गई। हालांकि उनके जाने के बाद बैठक की कार्यवाही जारी रखी गई।
प्रोटोकॉल को लेकर उठे सवाल
घटना के बाद क्षेत्र में सरकारी बैठकों की व्यवस्थाओं और प्रोटोकॉल के पालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति वाले कार्यक्रमों में बैठने की व्यवस्था और प्रोटोकॉल का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए, ताकि इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो।
राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भी इस घटना की चर्चा बनी हुई है। कई लोगों का मानना है कि यदि आयोजन से जुड़े अधिकारी पहले से समुचित तैयारी करते तो विवाद की नौबत नहीं आती। इस संबंध में घोड़ाडोंगरी विधायक गंगा उइके को उनके मोबाइल 9424968413 पर काल किया, लेकिन रिसीव नहीं करने के कारण चर्चा नहीं हो सकी।
इनका कहना..
विधायक के लिए भी कुर्सी लगाई थी। चूंकि वे बैठक में देरी से पहुंची, इसलिए अन्य जनप्रतिनिधि उनकी कुर्सी पर बैठ गए थे।
जीआर बर्डे, बीआरसी, शाहपुर




