Betul Ki Khabar: नहीं चलेगी मनमानी: कोचिंग संस्थानों पर सरकार की सख्ती, नियम तोड़े तो लगेगा 1 लाख तक जुर्माना

बैतूल जिले के करीब 500 कोचिंग सेंटर आएंगे नए कानून के दायरे में

Betul Ki Khabar: बैतूल। शहर और गांवों की गलियों-मोहल्लों में संचालित हो रहे निजी कोचिंग संस्थानों पर जल्द ही कानूनी शिकंजा कसने वाला है। प्रदेश सरकार कोचिंग संस्थानों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए कोचिंग संस्थान विनियमन अधिनियम (कोचिंग इंस्टीट्यूट रेगुलेशन एक्ट) लागू करने की तैयारी में है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा तैयार किए गए ड्राफ्ट में कोचिंग सेंटरों के संचालन, फीस, सुरक्षा, शिक्षकों की योग्यता और छात्रों के हितों को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं।

नए कानून के लागू होने के बाद बैतूल शहर में संचालित लगभग 100 तथा पूरे जिले में करीब 500 छोटे-बड़े कोचिंग संस्थान सीधे इसके दायरे में आ जाएंगे। अब किसी भी कोचिंग सेंटर को बिना पंजीकरण के संचालन की अनुमति नहीं होगी। पहले से चल रहे संस्थानों को भी निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा।

फीस और विज्ञापनों पर रखी जाएगी पैनी नजर

नए प्रावधानों के तहत कोचिंग संस्थान कोर्स के दौरान सब्वहालक मनमाने ढंग से फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। यदि कोई छात्र बीच में पढ़ाई छोड़ता है तो शेष अवधि की फीस प्रो-राटा आधार पर 10 दिनों के भीतर लौटानी ही होगी। इसके अलावा 100 प्रतिशत चयन गारंटीड रैंक या इसी प्रकार के भ्रामक दावों वाले विज्ञापनों पर पूरी तरह रोक रहेगी। सफल छात्रों की फोटो या नाम का उपयोग भी उनकी लिखित सहमति के बिना नहीं किया जा सकेगा।

ड्राफ्ट के अनुसार कोचिंग में पढ़ाने वाले शिक्षकों का न्यूनतम स्नातक होना आवश्यक होगा। किसी नैतिक अपराध में दोषी पाए गए व्यक्ति को शिक्षक के रूप में नियुक्त नहीं किया जा सकेगा। साथ ही 16 वर्ष से कम आयु के विद्यार्थियों का नामांकन नहीं किया जाएगा और छात्र का कम से कम 10वीं कक्षा उत्तीर्ण होना जरूरी होगा।

25 हजार से 1 लाख तक जुर्माना, पंजीयन रदद् करने का भी प्रावधान

कोचिंग संस्थानों को विद्यार्थियों के लिए काउंसलिंग और मनोवैज्ञानिक सहायता की व्यवस्था करनी होगी। छात्रों को वैकल्पिक करियर विकल्पों की जानकारी भी देना अनिवार्य रहेगा। संस्थानों को अपनी वेबसाइट पर शिक्षकों की योग्यता, फीस स्ट्रक्चर, कोर्स विवरण, रिफंड पॉलिसी और हॉस्टल संबंधी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। सरकार ने नियमों के उल्लंघन पर सख्त दंड का प्रावधान भी प्रस्तावित किया है। पहली बार नियम तोड़ने पर 25 हजार तक का जुर्माना, दूसरी बार उल्लंघन पर 1 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।

लगातार नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है। नए कानून के लागू होने के बाद कोचिंग उद्योग भी निजी स्कूलों और अस्पतालों की तरह नियामक व्यवस्था के दायरे में आ जाएगा। इससे छात्रों के हितों की बेहतर सुरक्षा, फीस में पारदर्शिता और कोचिंग संस्थानों की जवाबदेही सुनिश्चित होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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