Betul News: होर्डिंग्स पर रार: अमानत राशि को लेकर भाई-भतीजावाद!

Betul News: Dispute over hoardings: Nepotism over security deposit!

नपा का दावा- 12 लाख नकद, शेष राशि चेक से ली गई

Betul News:  बैतूल। शहर में होर्डिंग्स के लिए नपा ने तीन वर्ष का ठेका दे दिया है। नए ठेकेदार को टेंडर मिलने के बाद वर्क आर्डर जारी करने की बात भी सामने आ रही है, लेकिन टेंडर की शर्तों के मुताबिक ठेका लेने वालों को 25 लाख रुपए की अमानत राशि जमा करना था, लेकिन 6 लाख रुपए ही जमा करने की शिकायतें मिल रही है। इसके उलट नपा की राजस्व शाखा ने दावा किया है कि पूरी प्रक्रिया नियम से की गई है। ठेकेदार ने 12 लाख रुपए नकद और शेष राशि के चेक टेंडर होने के पहले जमा कर दी है।

बताया जाता है कि शहर में लगे लगभग 90 होर्डिंग्स के लिए नपा ने उच्चतम बोली लगाने वाले निविदाकार को तीन वर्ष के लिए ठेका दिया है। यह ठेका मिलने के बाद ही अन्य होर्डिंग्स संचालकों में जबरदस्त आक्रोश पनप गया। आरोप लग रहे हैं कि तीन वर्ष के लिए जिसे होर्डिंग्स लगाने का ठेका मिला है, उसे राजनीतिक संरक्षण दिया गया है। इसी के कारण होर्डिंग्स की निविदा शर्तों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है।

नपा की शर्तों का हो रहा उल्लंघन

नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कुछ होर्डिंग्स संचालकों ने बताया कि नपा ने होर्डिंग्स लगाने के लिए जो 15 शर्तें लागू की थी। उसका खुलेआम उल्लंंघन किया जा रहा है। 9 नंबर की शर्त में स्पष्ट उल्लेख था कि उच्चतम बोली लगाने वाले निविदाकार को उच्चतम आफर दर की स्वीकृति के बाद एक वर्ष की राशि जीएसटी सहित अनुबंध के पूर्व जमा करना होगा और आगामी दो वर्ष की अवधि के लिए देय राशि में प्रतिवर्ष वर्षवार पृथक-पृथक 10 प्रतिशत की वृद्धि सहित राष्ट्रीयकृत बैंक के चेक अनुबंध के समय अग्रिम भुगतान के लिए जमा करना होगा। इसी नियम पर दूसरे निजी होर्डिंग्स संचालकों को आपत्ति है।

उनका आरोप है कि नपा ने इस शर्त का कतई पालन नहीं किया। नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर होर्डिंग्स संचालकों ने बताया कि जब बवाल मच रहा है, तब उच्चतम बोली लगाने वाले निविदाकार से नकद राशि और शेष दो वर्षों के लिए चेक जमा करवाए गए। कुछ ने तो दावा किया है कि नपा के पास संबंधित ठेकेदार के महज 6 लाख रुपए जमा है, लेकिन नपा ने इस बात से साफ इंकार किया है। एक और आरोप लगाए जा रहे हैं यूनीपोल को लेकर नपा के पास कोई विज्ञापन और नियमावली भी लगाने का उल्लेख नहीं है , लेकिन नपा ने आंख बंद कर किसी को एक को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों की धज्ज्यिां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इसमें नियमों का खुलेआम उल्लंघन के आरोप लग रहे हैं।

कौन-कौन है पार्टनर! जमकर चर्चा

होर्डिंग्स को लेकर मचे बवाल के बीच पूरे शहर में खासी चर्चा है। सूत्र बताते हैं कि तीन वर्ष के लिए होर्डिंग्स का ठेका दिए जाने के बाद पार्टनरों को लेकर कई नाम सामने आए है। कहा जा रहा है कि दो बड़े जनप्रतिनिधियों के निकटतम का होर्डिंग्स में पार्टनरशिप है। इसी को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा चल रही है।

आरोप लग रहे हैं कि इन्हीं के दबाव के कारण नपा ने नियम शिथिल करते हुए निविदाकार को फायदा पहुंचाया है। अब यह दो जनप्रतिनिधि कौन है? यह किसी को पता है और किसी को नहीं, लेकिन उनका होर्डिंग्स मामले में सीधा दबाव होने का आरोप लगने के बाद मामला लगातार गरमाते जा रहा है। कहा तो यह भी जा रहा है कि होर्डिंग्स के लिए अधिकारियों ने कई नियम भी दबाव के कारण बदल दिए है। इसी वजह आक्रोश चरम पर पहुंच गया है।

इनका कहना……

उच्चतम बोली लगाने वाले निविदाकार ने 12 लाख रुपए नकद और तीन वर्षों के लिए निर्धारित राशि टेंडर अवधि के पहले जमा कर दिए। जो आरोप लग रहे हैं, यह पूरी तरह निराधार है। प्रक्रिया नियम से की गई। यदि किसी को आपत्ति है तो आरटीआई के तहत आवेदन लगा दे तो स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

ब्रजगोपाल परते, राजस्व निरीक्षक, नपा बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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