Betul News: हंगामे के बीच नगर सरकार के 255 करोड़ का बजट पेश

48 लाख रूपए के शुद्ध मुनाफे का दावा, विपक्षी पार्षदों ने ट्रेचिंग ग्राउंड, आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति पर किया हंगामा
Betul News: बैतूल। नगर पालिका के विशेष सम्मेलन में वित्तीय वर्ष 2026-27 का करीब 255 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया। बजट में शहर के विकास, अधोसंरचना और मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के कई दावे किए गए हैं, लेकिन शहरवासियों की नजर अब इस बात पर है कि ये घोषणाएं कागज से निकलकर जमीन तक कब और कैसे पहुंचती हैं।
नपा द्वारा पेश किए गए बजट के अनुसार नगर पालिका की कुल अनुमानित आय 255 करोड़ 11 लाख रुपए रखी गई है, जबकि 254 करोड़ 63 लाख रुपए का व्यय प्रस्तावित है। बजट में करीब 48 लाख से अधिक की बचत भी दर्शाई गई है। बैठक में विपक्षी पार्षदों ने आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति और ट्रेचिंग ग्राउंड के मामले पर काफी देर तक हंगामा किया।
मंगलवार को बाल मंदिर सभागृह में आयोजित वित्तीय वर्ष के अंतिम सम्मेलन में नगर पालिका अध्यक्ष पार्वती बारस्कर, उपाध्यक्ष महेश राठौर, नवागत सीएमओ नवनीत पांडे, पार्षद और अधिकारी की मौजूदगी रही। इस बजट की खासियत है कि शहर के लिए कुछ बड़े प्रोजेक्ट भी शामिल किए गए हैं। बजट का वाचन नगर पालिका के राजस्व विभाग के सभापति तरूण ठाकरे ने पेश किया।
उनके द्वारा पेश किए गए बजट में सर्वसुविधायुक्त क्रिकेट स्टेडियम निर्माण, चौपाटी का कायाकल्प, अभिनंदन सरोवर क्षेत्र में व्यवस्थित बाजार, सड़कों के किनारे ठेला-गुमटी जोन विकसित करना और प्रमुख सड़कों पर जल निकासी व्यवस्था मजबूत करने जैसे कार्य शामिल हैं।
यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए आबकारी रोड से कर्बला घाट तक सड़क चौड़ीकरण और पुल निर्माण की योजना भी प्रस्तावित की गई है। इसके साथ ही शहर के प्रमुख चौक-चौराहों के सौंदर्यीकरण का भी दावा किया गया है।

शिक्षा के लिए बजट के लिए विशेष प्रावधान
शिक्षा सुविधाओं को लेकर भी बजट में प्रावधान किया गया है। नगर पालिका क्षेत्र के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में मरम्मत, रंग-रोगन और पेयजल व्यवस्था के लिए करीब 1 करोड़ रुपए खर्च करने की बात कही गई है। सबसे बड़े प्रोजेक्ट के रूप में अमृत योजना के तहत पूरे शहर में सीवरेज नेटवर्क बिछाने का प्रस्ताव रखा गया है, जिसके लिए केंद्र सरकार से लगभग 121 करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद जताई गई है। वहीं लंबे समय से विवादों में रहे कचरा डंपिंग ग्राउंड को शहर से बाहर शिफ्ट करने की योजना भी बजट में शामिल की गई है।
इन विभागों को भी मिला बजट
कहां कितना खर्च होगा बजट में स्थापना मद पर 26 करोड़ 32 लाख, स्वास्थ्य सेवाओं पर 13 करोड़ 50 लाख, विद्युत व्यवस्था पर 12 करोड़ 80 लाख, सामान्य प्रशासन पर 3 करोड़ 80 लाख और जल प्रदाय पर 1 करोड़ 60 लाख रुपए खर्च करने का प्रावधान किया गया है। वहीं नए विकास कार्यों के लिए 52 करोड़ 25 लाख और सड़कों एवं नालियों के लिए 17 करोड़ रुपए प्रस्तावित किए गए हैं। हालांकि हर साल की तरह इस बार भी विकास कार्यों के बड़े दावे किए गए हैं। अब देखना यह होगा कि इनमें से कितनी योजनाएं समय पर पूरी होती हैं और शहरवासियों को वास्तविक लाभ मिल पाता है या नहीं।

कांग्रेस पार्षद समस्याओं के लिए हुए मुखर
बालमंदिर सभागृह में आयोजित वित्तीय वर्ष के अंतिम वर्ष में एक बार फिर कांग्रेसी पार्षदों की नाराजगी खुलकर नजर आई। नपा के नेता प्रतिपक्ष राजकुमार दीवान ने ट्रेचिंग ग्राउंड के मुद्दे पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि ट्रेचिंग ग्राउंड की बदबू से गौठाना के लोग परेशान हो रहे है, इसे दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए। इस पर सीएमओ ने उन्हें बताया कि कचरे का निष्पादन ठेकेदार से कराने को लेकर पहले निरीक्षण करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि कमिश्नर ने 10 प्रतिशत कचरा निष्पादन के लिए अलग से टेंडर नहीं लगाने औऱ यह काम ठेकेदार से ही कराने की भी जानकारी दी। नेता प्रतिपक्ष ने शास्त्री वार्ड में शौचालय शुरू ना होने पर भी विरोध जताया। तिलक वार्ड के पार्षद अब्दुल नफीस ने 48 आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति पर हंगामा खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा है कि नपा की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। फिर आउठसोर्स कर्मचारियों को क्यों रखा गया? उन्होंने कहा कि पहले पार्षदों के कहने पर 2-2 आउटसोर्स कर्मचारियों को रखने की बात कही गई थी, लेकिन किसी पार्षद के कहने पर नहीं रखा।
महीने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदारों को आउटसोर्स कर्मचारी के लिए रखा गया है। नेता प्रतिपक्ष दीवान ने भी कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को रखने के लिए आवेदन हमसे भी मांगे गए और बाद में इसे नजरअंदाज कर दिया। रामनगर वार्ड के पार्षद अशोक नागले ने भी कहा कि नगरपालिका में कितने पार्षदों के कहने पर आउटसोर्स कर्मचारी रखे , बताना चाहिए।
सभी पार्षदों को गुमराह कर दिया। इस पर सीएमओ ने कहा कि उनकी यह पहली बैठक है, इसलिए मैं पहले आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर समझूंगा और देखूंगा। इसके बाद आपको जानकारी दे पाऊँगा। उन्होंने कांग्रेसी पार्षदों को अश्वस्त किया कि आउटसोर्स कर्मचारियों को नियुक्ति किसकी सहमति से की गई है? इसका सूक्ष्म अवलोकन किया जाएगा। कांग्रेस के अन्य पार्षदों ने पीआईसी के एजेण्डे में उनके प्रस्ताव को शामिल नहीं किया जा रहा है। सीएमओ ने सभी पार्षदों को भविष्य में इस समस्या के निदान का भरोसा दिलाया।




