Prashasnik Kona: प्रशासनिक कोना: साहब की आरक्षक के लिए बैटिंग तो किस पावरफुल नेता के घर की शरण, क्यों खाना पड़ा मुंह की?? जातिवाद में उलझे 2 अफसर कैसे कर रहे फीलगुड??? चौकी प्रभारी के लिए यह कैसी लॉबिंग??? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम प्रशासनिक कोना में……

साहब की आरक्षक के लिए यह कैसी बैटिंग?
यदि विभाग के मुखिया एक आरक्षक के लिए माननीय से पैरवी करे तो, चर्चा होना लाजमी है। खास बात यह है कि यह आरक्षक खुद भी गिड़गिड़ाने के लिए पॉवरफुल माननीय के दरवाजे तक जा पहुंचा। हालांकि साहब की आरक्षक के लिए पैरवी किसी के गले नहीं उतर रही है। चर्चा है कि आरक्षक की करतूत को देखकर माननीय भी खासे नाराज हो गए।
उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि यह वसूलीबाज आरक्षक इस तरह के हथकंडे अपना रहा है तो, उस थाने में टीआई की क्या जरूरत है? बताया जा रहा है कि बात लीक होने और टीआई के साथ घर तक आने से माननीय काफी नाराज बताए जा रहे हैं। यदि उनकी नाराजगी सामने आई तो विवादित और चर्चित आरक्षक की मुख्यालय के एक प्रमुख थाने से लाइन या बिना नेटवर्क वाले थाने में भेजा जा सकता है।
जातिवाद में उलझे दो अफसरों का फीलगुड
जिले में जातिवाद को बढ़ावा देने के लिए दो अफसर खूब चर्चा में है। चूंकि दोनों मिलते जुलते विभाग से संबंध रखते हैं इसलिए पटरी बैठना नई बात नहीं है, लेकिन एक जाति के होने के कारण दोनों मिलकर जमकर फीलगुड करने में लगे हुए हैं। इनमें से एक को जिले में आए अभी मुश्किल से आठ माह का ही समय बीता है, लेकिन स्वजातीय बंधुओं और निरीक्षण के नाम अधीनस्थों पर दबाव बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों की फटकार झेल चुके हैं।
दूसरे अधिकारी एक बिल्डिंग तक सिमित है लेकिन यहां करोड़ों का बजट ठिकाने लगाने में कसर नहीं छोड़ रहे हैं, ऊपर से दोनों ही अधिकारी अपने स्वजातीय बंधुओं और कर्मचारियों को हाईवोल्टेज तवज्जो दिए जाने के लिए चर्चा में हैं। बताते चले कि यह दोनों अधिकारी लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े विभाग के प्रमुख होने के साथ ही दोनों के दफ्तरों की दूरी एक फर्लांग के लिए जाने जाते है।
चौकी प्रभारी के लिए कौन कर रहा लाबिंग?
जिले के सबसे मलाईदार थाने की मलाईदार पुलिस चौकी में पदस्थ एक विवादित उप निरीक्षक को लाइन भेजने के बाद दोबारा वहीं भेजने के लिए खूब लॉबिंग हो रही है। चर्चा है कि इस चौकी प्रभारी पर कुछ दिनों पहले स्कूल में चोरी के मामले में निरीक्षण न करने के गंभीर आरोप लगे थे। जब यह मामला कप्तान तक पहुंचा तो लगातार मिलने वाली शिकायत के बाद चौकी प्रभारी उप निरीक्षक को लाइन भेज दिया गया।
इसके बाद उनके लिए कप्तान को लगातार वापसी के लिए फोन घनघना रहे हैं। चर्चा यह है कि कप्तान ने भी फोन करने वालों को विवादित चौकी प्रभारी को लेकर दो टूक शब्दों में कह दिया है कि उनसे अच्छा उन्हें कोई नहीं जानता है। फोन करने वालों को उन्होंने नसीहत दे दी है कि वे चौकी नहीं बल्कि जिले में रहने के लायक नहीं है।




