Betul Samachar: हेमंत भोपाल पहुंचे, निगम मंडल में नियुक्तियां शीघ्र

बैतूल से आदिवासी चेहरे को मौका देने की तैयारी, मंगल का नाम चर्चा में

Betul Samachar: भोपाल/बैतूल। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल लगभग 13 दिनों बाद सोमवार सुबह भोपाल पहुंच गए हैं। उनकी पुत्री के आकस्मिक निधन के बाद वे बैतूल में ही थे। उनके भोपाल लौटते ही भाजपा में राजनैतिक सरगर्मी बढ़ गई है। सूत्र बताते हैं कि आगामी दो दिनों में निगम मंडल अध्यक्षों और उपाध्यक्षों की नियुक्ति पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। वैसे पूर्व मेें ही मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष नई दिल्ली में निगम मंडल अध्यक्ष और उपाध्यक्षों के नामों पर सहमति ली जा चुकी है। केवल नामों का औपचारिक एलान भर बाकी है।

सूत्र बताते हैं कि पूर्व विधायकों, कांग्रेस से भाजपा में आए कई वरिष्ठ नेताओं के अलावा युवा चेहरों को भी निगम मंडल में एडजस्ट किया जा सकता है। प्रयास यह किए जा रहे हैं कि जिस जिले को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला है, वहां पर किसी ने किसी वरिष्ठ नेता को निगम मंडल में जगह देकर एडजस्ट किया जा सके। इसी वजह संतुलित और वरिष्ठ और कनिष्ठ नेताओं के मिश्रण से ही निगम मंडल में अध्यक्ष और उपाध्यक्षों की नियुक्तियां होगी।

सूत्र बताते हैं कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भोपाल पहुंचते ही निगम मंडल अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के दावेदार भी अचानक सक्रिय हो गए हैं। उधर दूसरी ओर सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच मुलाकात हो सकती है। मुलाकात के बाद आगामी 1-2 दिनों में किसी भी समय मंडल अध्यक्ष और उपाध्यक्षों के नामों का एलान किया जा सकता है।

बैतूल से आदिवासी को मिलेगा मौका!

करीब ढाई से तीन दर्जन निगम मंडलों में सरकार और संगठन नियुक्ति आदेश जारी कर सकता है। जिले की राजनीति में भी इस समय चर्चा हो रही है कि बैतूल जिले से भी निगम मंडल में किसकी लाटरी लगेगी?

वैसे पूर्व में बैतूल के पूर्व विधायक अलकेश आर्य और पूर्व जिला अध्यक्ष आदित्य शुक्ला के नाम सुर्खियों में थे, लेकिन दोनों को होशंगाबाद और छिंदवाड़ा जिले का संगठन प्रभारी बना दिया है, इससे उनका दावा कमजोर कहा जा सकता है। चूंकि बैतूल प्रदेश अध्यक्ष हेमंत का गृह जिला है और आदिवासी बाहुल्य जिला भी है, लिहाजा इस वर्ग के वोटों को साधने के लिए किसी आदिवासी चेहरे को निगम मंडल में शामिल किया जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। इसके लिए पूर्व विधायक मंगल सिंह धुर्वे से बेहतर कोई नाम नहीं हो सकता।

मंगल सिंह पूर्व में जिपं अध्यक्ष भी रह चुके हैं। पूर्व विधायक सज्जन सिंह के आकस्मिक दिन के बाद हुए उपचुनाव में मंगल सिंह पर भरोसा जताया था, उन्होंने जीत भी हासिल की। लो प्रोफाइल में रहकर राजनीति करने के लिए पूर्व विधायक मंगल सिंह को यदि आदिवासी विकास निगम या किसी अन्य निगम में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष बनाया गया तो इसे चौकाने वाली बात नहीं की जा सकती है। हालांकि दो दिनों बाद सूची सामने आने पर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि गृह जिले को प्रदेश अध्यक्ष निगम मंडल में शामिल करते है या नहीं ?

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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