Betul News: बडोरा में फिर महाजाम, एसपी की पहल पर खुला

बैतूल बाजार थाना पुलिस की लापरवाही पर उठे सवाल, मंडी के भारी वाहनों से बिगड़ी व्यवस्था
Betul News: बैतूल। शहर में जाम नगर के नाम से चर्चित बडोरा क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक बार फिर अव्यवस्थित यातायात ने आमजन को भारी परेशानी में डाल दिया। सुबह से ही कृषि उपज मंडी में फसल लेकर आने वाले और तौल के बाद लौट रहे भारी वाहनों की लंबी कतारों ने मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। स्थिति ऐसी बनी कि ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, परीक्षा देने जा रहे विद्यार्थी और स्कूल के बच्चे घंटों तक सड़क पर फंसे रहे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंडी क्षेत्र में ट्रैफिक नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। भारी वाहनों की आवाजाही के बीच छोटे वाहन और दोपहिया चालकों को निकलने का रास्ता नहीं मिल पा रहा था। कई अभिभावकों ने बताया कि बच्चों की परीक्षाएं थीं, लेकिन जाम के कारण वे समय पर केंद्र तक पहुंचने को लेकर चिंतित रहे।
सूचना मिलते ही हरकत में आया प्रशासन
जाम की जानकारी जब एसपी वीरेंद्र जैन तक पहुंची तो उन्होंने तत्काल संज्ञान लिया। एसपी के निर्देश पर एसडीओपी, यातायात प्रभारी और बैतूल बाजार थाना पुलिस को मौके पर भेजा गया। अधिकारियों की मौजूदगी में ट्रैफिक को व्यवस्थित कराया गया और लगभग सुबह 10.30 बजे तक यातायात सामान्य हो सका। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय पर उच्च स्तर से हस्तक्षेप नहीं होता तो जाम कई घंटों तक बना रह सकता था। लोगों ने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर पुलिस की निगरानी और पूर्व नियोजन के अभाव में यह स्थिति उत्पन्न हुई।
मंडी क्षेत्र में स्थायी समाधान की मांग
बडोरा क्षेत्र में मंडी के दिनों में जाम लगना आम बात बनता जा रहा है। भारी वाहनों की पार्किंग, प्रवेश और निकास की अलग व्यवस्था न होने से हर सप्ताह यही समस्या दोहराई जाती है। व्यापारियों और नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि मंडी क्षेत्र में ट्रैफिक डायवर्जन, पार्किंग स्थल और पुलिस की स्थायी ड्यूटी सुनिश्चित की जाए।
जनप्रतिनिधियों से भी अपेक्षा
स्थानीय लोगों ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से भी हस्तक्षेप की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि बडोरा में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए दीर्घकालिक योजना बनाई जानी चाहिए, ताकि भविष्य में आमजन को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े। फिलहाल एसपी के त्वरित हस्तक्षेप से जाम तो खुल गया, लेकिन बडोरा की यातायात व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो जाम नगर की पहचान और गहरी होती जाएगी।




