Betul News: घटिया स्टेशनरी मामले मे सप्लायर को अभयदान!

कालेज प्रशासन का बचकाना जवाब, पहली बार दिया आर्डर इसलिए नहीं किया ब्लेक लिस्ट ?
Betul News: बैतूल। पीएम श्री जेएच कॉलेज में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए खरीदी गई स्टेशनरी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कॉलेज प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि सप्लायर द्वारा भेजी गई स्टेशनरी पहली नजर में ही घटिया स्तर की पाई गई,थी जिसके बाद प्राचार्य डॉ मीनाक्षी चौबे ने सामग्री लौटाने के निर्देश तो दे दिए, लेकिन सप्लायर के खिलाफ नियमानुसार कोई कठोर कार्रवाई नहीं की गई जो गहरी सांठ गांठ की तरफ इशारा कर रहे हैं। आश्चर्य इस बात का है कि घटिया सामग्री की सप्लाई करने वाले सप्लायर को अभयदान सिर्फ इसलिए दे दिया गया कि उसे पहली बार सप्लाई का आर्डर दिया गया था।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, हंगामा मचने के बाद आनन-फानन में स्टेशनरी का अवलोकन किया गया। गुणवत्ता बेहद खराब पाए जाने पर खेप वापस कर दूसरी सामग्री मंगवा ली गई। बड़ा सवाल यह है कि जब सामग्री मानक के अनुरूप नहीं थी तो संबंधित सप्लायर को ब्लैक लिस्ट क्यों नहीं किया गया? क्या यह महज लापरवाही है या फिर किसी प्रकार की सांठगांठ?करीब ढाई लाख से अधिक की इस खरीदी को लेकर वित्तीय नियमों पर भी प्रश्न उठ रहे हैं। नियमानुसार इतनी राशि की खरीदी एमपी ई-टेंडर या जेम पोर्टल के माध्यम से की जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। खुली निविदा प्रक्रिया अपनाने और टेंडर रिकॉल न करने को लेकर निविदा, क्रय एवं गुणवत्ता समिति की भूमिका पूरी तरह संदिग्ध नजर आ रही है। लेकिन समिति के संयोजक और अन्य सदस्यों से जवाब सवाल तक नहीं किया जाना संदेहों को जन्म दे रहा है।
छात्र नेता मोनू वाघ ने आरोप लगाया है कि यह पूरा मामला क्रय समिति और सप्लायर के बीच मिलीभगत की ओर इशारा करता है। उनका कहना है कि उन्हें भी जानकारी मिली है कि खरीदी में तगड़ा लेन देन किया गया है।उनका साफ कहना है कि यदि समय रहते मामला उजागर नहीं होता तो घटिया सामग्री छात्रों को वितरित कर दी जाती और मनसूबे भी सफल हो जाते। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
गौरतलब है कि शिक्षा सत्र लगभग समाप्ति पर है, ऐसे में इस समय स्टेशनरी खरीदी का औचित्य भी सवालों के घेरे में है। आखिर इतनी देर से खरीदी क्यों की गई और किस आधार पर सप्लायर को दोबारा मौका दिया गया? अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और उच्च शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। फिलहाल कॉलेज प्रबंधन की चुप्पी कई सवालों को जन्म दे रही है।
इनका कहना…..
स्टेशनरी की खरीदी में सप्लायर को पहली बार आर्डर दिया गया था इसलिए उसे ब्लेक लिष्ट नहीं किया गया है।
डॉ मीनाक्षी चौबे, प्राचार्य,पीएम श्री जेएच कालेज, बैतूल




