Betul Ki Khabar: जांच रिपोर्ट विलंब से पहुंची, इसीलिए सीएमओ-उपयंत्री के निलंबन में हुई देरी

एई, पूर्व उपयंत्री के अभयदान पर उठ रहे कई सवाल
Betul Ki Khabar: बैतूल। जिला मुख्यालय के ट्रेचिंग ग्राउंड मामले में देर आए दुरूस्त आए की तर्ज पर कलेक्टर की जांच रिपोर्ट के बाद राज्य शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा सीएमओ सतीश मटसेनिया और उपयंत्री जतिन पाल पर निलंबन की कार्रवाई हो गई। यह कार्रवाही उस समय हुई जब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल की लोगों के चक्का जाम करने के बाद सार्वजनिक हुई। हेमंत की नाराजगी जताने के बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे खुद बैतूल पहुंचे और जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों अधिकारियों का निलंबित कर दिया। हालांकि इस मामले में एई एवं पूर्व उपयंत्री पर कार्रवाई ना होने को लेकर कई सवाल उठ रहे है।
बैतूल में अधिकारियों और ठेकेदारों का गठबंधन नया नहीं है। सड़क से लेकर ट्रेचिंग ग्राउंड के मामले में यह गठजोड़ सार्वजनिक हो चुका है। ट्रेचिंग ग्राउंड में ठेकेदार से अधिक प्रेम के कारण आम लोगों को हुई परेशानी को भी अधिकारियों ने दरकिनार कर दिया और काम नहीं किए जाने के बावजूद ठेकेदार को तीन मर्तबा भुगतान कर दिया गया। यहीं वजह है कि ठेकेदार ने पांच करोड़ का टेंडर लेने के बावजूद कार्य करने में रूचि नहीं दिखाई और ट्रेचिंग ग्राउंड पर पहाड़ खड़ा हो गया।
जब लोग यहां की बदबू से लोग परेशान हुए तो स्टेट हाईवे की जाम की नौबत आ गई। इसके बाद खबर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को पहुंची तो खुद उन्होंने विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखकर ट्रेचिंग ग्राउंड की जांच करने के निर्देश दिए। क्योंकि मामला प्रदेश अध्यक्ष से जुड़ा था इसीलिए विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे बैतूल पहुंचे। ट्रेचिंग ग्राउंड का निरीक्षण के बाद कलेक्टर आवास पर भोंडवे से खंडेलवाल की लंबे समय तक चर्चा हुई। इसके तीन दिन बाद सीएमओ और उपयंत्री पर निलंबन की कार्रवाई तय कर दी गई।
पुराने अधिकारी कार्रवाई से बचे
पूरे मामले में चौकाने वाले मामले सामने आए है कि पिछले 1 वर्ष में नगर पालिका द्वारा ठेकेदार को 2 करोड़ 41 लाख का भुगतान किया गया। सूत्र बताते है कि इस भुगतान की फाईल पर सीएमओ सतीश मटसेनिया के अलावा एई नीरज धुर्वे, पूर्व उपयंत्री ब्रजेश खानुरकर, उपयंत्री जतिन पाल के हस्ताक्षर थे। सूत्र बताते है कि कि ट्रेचिंग ग्राउंड मामले में जांच टीम यदि पूर्व के भुगतान को शामिल करती तो एई धुर्वे, पूर्व उपयंत्री खानुरकर पर भी कार्रवाई तय थी। नपा द्वारा ठेकेदार को सबसे पहले 20 मई 2025 को 87 लाख 83 हजार, 28 मई को 87 हजार 83 लाख और 17 जून को 65 लाख 87 हजार रूपए दिए गए थे। सभी फाईलों में सीएमओ के साथ एई और उपयंत्री




