Betul News: विधायक निधि खर्च करने में हेमंत- देशमुख- उइके अव्वल

आमला और भैंसदेही विधायक निधि खर्च करने में पिछड़े, अगले माह लैप्स हो जाएगी निधि
Betul News: बैतूल। वित्तीय वर्ष 2025 अपने अंतिम चरण में है और इसी के साथ जिले के विधायकों द्वारा विधायक निधि खर्च करने की स्थिति भी स्पष्ट होने लगी है। जिले की पांच विधानसभा सीटों में से बैतूल, मुलताई और घोड़ाडोंगरी के विधायक निधि खर्च करने में अव्वल रहे हैं, जबकि आमला और भैंसदेही के विधायक इस मामले में पीछे नजर आए हैं। हालांकि दोनों विधायकों ने वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले पूरी राशि खर्च करने का दावा किया है।
सरकार द्वारा प्रत्येक विधायक को अपने क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए प्रतिवर्ष 2.50 करोड़ की विधायक निधि प्रदान की जाती है। इस राशि का उपयोग सड़क निर्माण, सामुदायिक भवन, स्कूलों के विकास, पेयजल व्यवस्था, पार्क निर्माण, स्वास्थ्य सहायता और अन्य जनहित कार्यों के लिए किया जाता है। विधायक स्वयं राशि का उपयोग नहीं करते, बल्कि विभिन्न कार्यों की अनुशंसा करते हैं और प्रशासन द्वारा इन कार्यों को स्वीकृति देकर राशि खर्च की जाती है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल, मुलताई विधायक चन्द्रशेखर देशमुख और घोड़ाडोंगरी विधायक गंगा सज्जनसिंह उइके ने अपनी पूरी विधायक निधि खर्च कर दी है। इन तीनों विधायकों ने वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले ही विभिन्न विकास कार्यों की अनुशंसा कर राशि का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया है। इनके क्षेत्रों में सड़क निर्माण, सामुदायिक भवनों का निर्माण, स्कूलों में सुविधाओं का विस्तार और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्य कराए गए हैं।
दो विधायकों ने 90 से 95 प्रतिशत खर्च की राशि
वहीं आमला विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे और भैंसदेही विधायक महेन्द्र सिंह चौहान निधि खर्च करने के मामले में पीछे रहे हैं। इन दोनों विधायकों द्वारा अब तक लगभग 90 से 95 प्रतिशत राशि ही खर्च की गई है। हालांकि दोनों विधायकों का कहना है कि शेष राशि भी वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले विकास कार्यों में खर्च कर दी जाएगी और कोई भी राशि लेप्स नहीं होने दी जाएगी।
अंतिम माह में निधि खर्च करने की तैयारी
कई बार विधायक वित्तीय वर्ष की शुरुआत में निधि खर्च करने में धीमी गति दिखाते हैं, लेकिन वर्ष के अंतिम महीनों में तेजी से कार्यों की अनुशंसा की जाती है। इसका मुख्य कारण प्रशासनिक स्वीकृति प्रक्रिया और कार्यों की प्राथमिकता तय करना भी माना जाता है। हालांकि समय पर निधि खर्च होने से क्षेत्र के विकास कार्यों को गति मिलती है और आम जनता को इसका सीधा लाभ मिलता है।
जिले की सभी पांचों विधानसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं, फिर भी निधि खर्च करने की गति में अंतर देखने को मिला है। जनप्रतिनिधियों से क्षेत्र की जनता को अपेक्षा रहती है कि विधायक निधि का उपयोग समय पर और प्रभावी तरीके से कर क्षेत्र का विकास सुनिश्चित करें। अब देखना यह होगा कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले आमला और भैंसदेही के विधायक भी शेष राशि खर्च कर पाते हैं या नहीं।



