New Aabakaree Policy 2026-27: नई आबकारी नीति 2026-27 तैयार: जिले में जल्द शुरू होगी शराब दुकानों की नीलामी प्रक्रिया

नई नीति का इंतजार, एक अप्रैल 2026 से लागू होगा नया ड्राफ्ट
New Aabakaree Policy 2026-27: बैतूल। मध्यप्रदेश सरकार के आबकारी विभाग ने नई आबकारी नीति 2026-27 का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। शासन की ओर से गठित तीन सदस्यीय मंत्रिमंडल समिति ने कैबिनेट बैठक के बाद मंत्रालय में ड्राफ्ट नीति पर विस्तार से चर्चा की है। अब केवल कैबिनेट की अंतिम मंजूरी का इंतजार है। जैसे ही यह ड्राफ्ट जिलों तक पहुंचेगा, वैसे ही शराब दुकानों की नीलामी एवं आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।नई नीति के लागू होने से प्रदेश की आबकारी व्यवस्था में कई अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिसका असर राजस्व, प्रशासन और उपभोक्ताओं तीनों पर पड़ेगा।
नए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बैतूल जिले में शराब दुकानों के निपटारे की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला आबकारी अधिकारी अंशुमान सिंह चढ़ार के नेतृत्व में आबकारी विभाग की टीम पूरी तरह सतर्क और तैयार है। जैसे ही शासन से नई आबकारी नीति का ड्राफ्ट प्राप्त होगा, उसी के अनुरूप कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
पूर्व में जिले के 19 समूहों में कुल 64 कम्पोजिट शराब दुकानें शामिल थीं, लेकिन पवित्र नगरी मुलताई समूह की तीन दुकानें बंद किए जाने के बाद अब शेष 61 कम्पोजिट दुकानों का ही निपटारा किया जाएगा। वर्तमान में एक ही समूह के पास लगभग 70 प्रतिशत दुकानें होने के कारण उपभोक्ताओं को पूरे वर्ष महंगे दामों पर शराब खरीदनी पड़ी। ऐसे में नए ठेकों के बाद प्रतिस्पर्धा बढ़ने और दामों में कमी आने की उम्मीद सुरा प्रेमी लगाए बैठे हैं।
राजस्व बढ़ाने पर सरकार का फोकस, 21 हजार करोड़ का लक्ष्य
सूत्रों के अनुसार नई आबकारी नीति में शराब बिक्री से सरकार के राजस्व लक्ष्य को बढ़ाकर 21,000 करोड़ रुपये करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। पिछली नीति में यह लक्ष्य 18,000 करोड़ रुपये रखा गया था। राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से नई नीति में शराब के अवैध निर्माण और अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए सख्त प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं। इसके अलावा शराब दुकानों के चालू वित्त वर्ष के मूल्य में 10 से 15 प्रतिशत तक वृद्धि कर ही दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया किए जाने की संभावना है।
नवीनीकरण के बाद लॉटरी और अंत में ई-टेंडर
जानकारी के मुताबिक शराब दुकानों के निपटारे के लिए सबसे पहले नवीनीकरण का विकल्प दिया जाएगा। इसके बाद लॉटरी प्रक्रिया अपनाई जाएगी और यदि दुकानें शेष रहती हैं तो ई-टेंडर को अंतिम विकल्प के रूप में अपनाया जाएगा। ड्राफ्ट नीति में आवश्यक संशोधन के बाद इसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद इसे कैबिनेट में मंजूरी के लिए लाया जाएगा।
अव्यावहारिक धाराएं हटेंगी, अधिकारियों की जिम्मेदारी तय
नई आबकारी नीति में मप्र आबकारी अधिनियम-1915 में संशोधन का भी प्रस्ताव है। इसके तहत अधिनियम की वे धाराएं समाप्त की जाएंगी, जो अब अव्यावहारिक हो चुकी हैं और जिनसे सरकार को राजस्व की प्राप्ति नहीं हो रही है। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब बिक्री की शिकायतों पर नियंत्रण के लिए संबंधित जिला अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
कुल मिलाकर प्रशासन जहां नए ठेकों की तैयारियों में जुटा है, वहीं आम उपभोक्ता यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि नई नीति के बाद शराब के दाम कुछ हद तक सस्ते होंगे। अब ऊंट किस करवट बैठेगा, इसका फैसला शराब ठेकों के अंतिम निपटारे के बाद ही सामने आएगा।
इनका कहना….
शराब की नई नीति का ड्राफ्ट अभी नहीं मिला है। जैसे ही ड्राफ्ट प्राप्त होगा सरकार द्वारा तैयार नीति के मुताबिक शराब दुकानों का निपटारा किया जाएगा।
अंशुमान सिंह चढ़ार, जिला आबकारी अधिकारी बैतूल




