Betul News: रेत, गिट्टी गायब, केवल 246 बोरी सीमेंट में पुलिया निर्माण!

क्लवर्ट पुलिया की पूरी लागत केवल सीमेंट खरीदी में दर्शाई, भारी भ्रष्टाचार
Betul News: बैतूल। जनपद पंचायत आठनेर की गेहूंबारसा ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। पंचायत में प्रस्तावित एक क्लवर्ट पुलिया के निर्माण को लेकर जो दस्तावेज़ सामने आए हैं, उन्होंने पूरे कार्य की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पंचायत पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुलिया निर्माण कार्य को प्रगतिरत बताया गया है। इस कार्य के लिए कुल 74 हजार 251 रुपये की स्वीकृति दी गई थी, लेकिन जांच में सामने आया है कि पूरी राशि केवल सीमेंट की खरीदी में ही खर्च दिखाई गई है। दस्तावेज़ों के अनुसार पहला बिल 39,500 रुपये का है, जिसमें 123 बोरी सीमेंट दर्शाई गई है। यह बिल मायवाड़ ट्रेडर्स, बिशनूर के नाम क्रमांक 132 से लगाया गया है।
वहीं दूसरा बिल क्रमांक 133 में भी 123 बोरी सीमेंट दर्शाते हुए 34,751 रुपये का भुगतान दिखाया गया है। दोनों बिल जोड़ने पर कुल 246 बोरी सीमेंट और पूरी स्वीकृत राशि का भुगतान होना दर्शाया गया है। हालांकि समान मात्रा होने के बावजूद दोनों बिलों की राशि में अंतर होना संदेह को और गहरा करता है। विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी क्लवर्ट पुलिया के निर्माण में केवल सीमेंट पर्याप्त नहीं होता। रेत, गिट्टी, लोहे के सरिए, स्लैब ढलाई तथा मजदूरी जैसे आवश्यक घटकों के बिना निर्माण संभव नहीं है। लेकिन इस मामले में न तो रेत-गिट्टी के बिल लगाए गए हैं और न ही सरिया अथवा मजदूरी का कोई उल्लेख दस्तावेज़ों में है।

आरोप: कागजों में चल रहा निर्माण
सूत्रों का कहना है कि बिलों में ओवरराइटिंग कर राशि में परिवर्तन किया गया है, जबकि सामग्री का विवरण समान रखा गया है। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि निर्माण कार्य केवल कागज़ों में ही पूरा दिखाया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव राजेराम साहू और सरपंच फग्नू मसराम की मिलीभगत से यह अनियमितता की गई है, हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
अब सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन इस मामले की तकनीकी और वित्तीय जांच कराएगा, बिलों की फॉरेंसिक जांच होगी या निर्माण स्थल का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। यदि 246 बोरी सीमेंट में ही पुलिया बना दी गई है, तो यह इंजीनियरिंग का चमत्कार नहीं बल्कि कागज़ी वित्तीय करिश्मा कहलाएगा।
इनका कहना…..
हमारे संज्ञान में मामला आया है, इसकी जांच कराई जाएगी, जो भी दोषी होगा उनके खिलाफ कार्यवाही करेंगे।
आंचल पवार, सीईओ जनपद पंचायत प्रभात पट्टन




