Betul News: खेड़ी में बनेगा 7.50 करोड़ की लागत से नया मिनी बैराज

इसी पानी से जरूरत पड़ने पर शहर की होगी सप्लाई, किसानों को भी राहत मिलने के आसार
Betul News: बैतूल। जिला मुख्यालय से करीब 11 किमी दूर खेड़ी सांवलीगढ़ में लगभग 7.50 करोड़ की लागत से मिनी बैराज बनाने की तैयारी की जा रही है। यह बैराज बनकर तैयार होता है तो ताप्ती बैराज की बजाए यही से बैतूल शहर के लोगों को भी जरूरत पड़ने पर पानी की सप्लाई जाया करेगी। यदि क्षेत्र के किसानों को भी पानी की आवश्यकता पड़ी तो भविष्य में उन्हें भी सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो जाएगा। जल संसाधन विभाग ने नपा के साथ मिलकर खेड़ी में बैराज बनाने की जगह के लिए स्थल तय कर लिया है। इसकी डीपीआर भी बनकर तैयार हो गई है।
जिले में सिंचाई और पीने के पानी की उपलब्धता के लिए तेजी से प्रयास हो रहे हैं। यह प्रयास कोई और नहीं बल्कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल की दूरदृष्टि के सकारात्मक परिणाम है। सिंचाई और पीने के पानी की उलपब्धता पर वे मुख्यमंत्री और जलसंसाधन मंत्री से क्षेत्र के लोगों को अधिक से अधिक सिंचाई परियोजना स्वीकृत कराने के लिए तेजी से प्रयास कर रहे हैं। इस बीच जिला मुख्यालय बैतूल के करीब खेड़ीसांवलीगढ़ गांव में विधायक खंडेलवाल के प्रयासों से मिनी बैराज बनाने की तैयारियां की जा रही है। इसकी लागत करीब 7.50 करोड़ रुपए आएगी। जल संसाधन विभाग ने नपा के साथ पूर्व में स्थल चयन कर डीपीआर राज्य शासन को भेज दी है।
जलसंसाधन और नपा को मिले थे निर्देश
बताया जाता है कि विधायक खंडेलवाल के निर्देश पर खेड़ी में बैराज बनाने के लिए जल संसाधन विभाग को नपा के साथ मिलकर स्थल चयन के निर्देश दिए गए थे। कुछ दिनों पहले जल संसाधन विभाग के ईई रोशन सिंह और बैतूल नपा के सीएमओ सतीष मटसेनिया ने खेड़ी में ताप्ती बैराज से होकर आने वाली पाइप लाइन के करीब एक स्थल का चयन किया है। इस क्षेत्र में मिनी बैराज आसानी से बनाया जा सकता है। विधायक के निर्देशों पर स्थल चयन कर अधिकारियों ने उन्हेें भी अवगत करा दिया है। बैराज के लिए स्थल तय होने के बाद मिनी डैम के लिए आने वाली 7.50 करोड़ की लागत का डीपीआर बनाकर राज्य शासन को भेज दिया है। शासन से राशि स्वीकृत होने के बाद टेंडर आमंत्रित करने की तैयारियां तेजी से की जाएगी।
किसानों को भी मिलेगा लाभ
सबकुछ ठीक ठाक रहा तो पानी की उपलब्धता के लिए बनाए जाने वाले इस बैराज से खेड़ी के आसपास के किसानों को भी पानी मिल सकता है। वैसे बैराज शहर के लोगों को पानी उपलब्धता के लिए बनाया जा रहा है, लेकिन खेड़ी के पास अभी न तो कोई नहर न ही स्टाफ डैम बना है। लिहाजा किसानों को भविष्य में यहां से पानी मिलता है तो काफी राहत मिल सकती है। वैसे गढ़ा डैम का पानी खेड़ी के किसानों को मिलने की संभावना है, लेकिन यहां पर मिनी बैराज से पानी उपलब्ध कराने में आसानी हो सकती है। हालांकि किसानों को पानी उपलब्धत कराने का निर्णय बाद में होगा।
आखिर क्यों जरूरत पड़ रही मिनी बैराज की?
फिलहाल बैतूल शहर के लोगों को माचना डैम, लाखापुर, गंगूडोह के अलावा ताप्ती बैराज से पानी उपलब्ध होते आ रहा है। जानकार बताते हैं कि ताप्ती बैराज की साइड वाल्व कई वर्षों से लीकेज है। इसे सुधारने के काम में कई परेशानी आ रही है। पानी लगातार बहने से बैराज का पानी स्टोर नहीं हो पाता है। यही वजह है कि विकल्प के तौर पर विधायक खंडेलवाल के निर्देश पर सर्वे के बाद मिनी बैराज बनाने का निर्णय लिया गया है। इससे नपा को बैराज का पानी पीने के लिए आसानी से उपलब्ध हो जाएगा। खासकर गर्मी में लाखापुर, गंगूडोह सूखने पर इस मिनी बैराज का पानी आसानी से उपलब्ध हो जाने पर नपा को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
इनका कहना…
शासन स्तर पर निर्देश मिलने के बाद नपा के अधिकारियों के साथ खेड़ी में बैराज के लिए स्थल निरीक्षण किया जा चुका है। डीपीआर स्वीकृति के लिए राज्य शासन को भेज रहे हैं। इसके बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
रोशन सिंह, ईई, जलसंसाधन संभाग, बैतूल
जलसंसाधन विभाग शहर में पानी सप्लाई के लिए खेड़ी में मिनी बैराज बना रहा है। विभागीय अधिकारियों के साथ मौके पर जाकर स्थल निरीक्षण हो गया है। अब जलसंसाधन विभाग डीपीआर और अन्य प्रक्रिया पूरी करेगा। बैराज बनने से शहर के लोगों को और अधिक आसानी से पानी उपलब्ध हो जाएगा।
सतीष मटसेनिया, सीएमओ नपा बैतूल




