Betul Accident News: रैश ड्राइविंग ने उजाड़ा हंसता-खेलता परिवार
दो दिन जीवन और मौत से संघर्ष के बाद पूर्व सैनिक का दुखद निधन

Betul Accident News: बैतूल। तेज रफ्तार और लापरवाह वाहन चालकों की वजह से सड़कें लगातार मौत का रास्ता बनती जा रही हैं। ऐसी ही एक हृदयविदारक घटना ने एक पूरे परिवार को तिल-तिल कर तोड़ दिया। दो दिन पहले खाटू श्याम मंदिर से दर्शन कर लौट रहे स्कॉर्पियो वाहन ने स्कूटी पर सवार पूर्व सैनिक रमेश धोटे और उनके पोते दर्श को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में रमेश धोटे की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उनका पोता दर्श गंभीर हालत में अब भी आईसीयू में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।
परिजनों का कहना है कि हादसे के बाद बीते चार दिन उनके लिए किसी नरक से कम नहीं रहे। एक ओर घर के मुखिया को खोने का गम, दूसरी ओर आईसीयू में भर्ती दर्श की सलामती की दुआ पूरा परिवार घूट-घूट कर जी रहा है। मृतक के भतीजे मनोज धोटे ने भावुक अपील करते कहा कि चाचाजी को बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन उन्हें नहीं बचा पाए। हाथ जोड़कर अपील है कि वाहन ऐसे चलाएं जिससे किसी के घर का दीपक न बुझे।
घटना की सबसे पीड़ादायक बात यह है कि रमेश धोटे पूर्व सैनिक थे। उन्होंने बताया कि वे हर वर्ष 26 जनवरी गणतंत्र दिवस और 15 अगस्त स्वाधीनता दिवस पर तिरंगे के सम्मान में सुबह से ही वर्दी पहनकर और तैयार होकर पुलिस ग्राउंड जाते थे। नियति ने उनकी अंतिम विदाई के लिए भी 26 जनवरी का ही दिन तय कर दिया। जिस दिन देश गणतंत्र का उत्सव मना रहा था, उसी दिन एक परिवार का सबसे मजबूत स्तंभ हमेशा के लिए टूट गया।
यह हादसा एक बार फिर रैश ड्राइविंग के खतरों की याद दिलाता है। तेज रफ्तार ने न सिर्फ एक परिवार के मुखिया को छीन लिया, बल्कि एक युवक को आईसीयू तक पहुंचा दिया। सवाल यह है कि कब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे और कब लोग सड़क पर जिम्मेदारी समझेंगे। श्री धोटे की अंतिम यात्रा आज उनके निज निवास से अंतिम संस्कार के लिए निकाली गई। सांझवीर टाईम्स परिवार की ओर से सादर श्रद्धांजलि।




