Betul Ki Khabar: नपा के खजाने में 25 लाख, 28 से कर्मचारियों की हड़ताल होना तय

चूंगी कर की 1 करोड़ राशि न मिलने से बिगड़े हालात, शिविरों में भी नहीं हो रही राशि की वसूली
Betul Ki Khabar: बैतूल। नगर पालिका की आर्थिक बदहाली अब विस्फोटक स्थिति में पहुंच चुकी है। वेतन न मिलने से आक्रोशित कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर काम शुरू कर दिया है और अब 28 जनवरी तक वेतन न मिलने पर हड़ताल की खुली चेतावनी भी दे दी है। बताया जा रहा कि नपा के हालात इतने खराब हैं कि नगर पालिका के खजाने में इस समय महज 25 लाख रुपये शेष हैं, जबकि नपा को लगभग 400 कर्मचारियों को करीब दो करोड़ रुपये का वेतन भुगतान किया जाना है।
नगर पालिका प्रशासन के सामने सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि शासन से मिलने वाली 1 करोड़ 5 लाख की दिसम्बर माह अनुदान राशि अब तक जारी नहीं हुई है। यही राशि नगर पालिका के लिए संजीवनी साबित हो सकती थी। यदि यह रकम समय पर मिल जाती, तो कम से कम दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को वेतन दिया जा सकता था, लेकिन राशि न मिलने से पूरी व्यवस्था चरमरा गई है। इधर ज्ञापन, निवेदन जैसी औपचारिकता पूर्ण करने के बाद कर्मचारियो में भी हताशा की भावना पनपने लगी है।
कर्मचारी भी आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए कमर कस कर तैय्यारी कर रहे हैं। फिलहाल मामला काली पट्टी बांधकर काम करने तक अटका हुआ है, यदि इस माह के अंत तक वेतन का भुगतान नहीं हो पाया तो मामला हड़ताल तक पहुंच जाएगा। और ऐसा हुआ तो शहर के हालात क्या होंगे, इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाएगा।
वेतन के लिए तरस रहे कर्मचारी,मजबूरी में काली पट्टी बांधकर कर रहे काम
लगातार वेतन न मिलने से कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। कई कर्मचारियों का कहना है कि वेतन के बगैर उनका घर का खर्च चलाना तक मुश्किल हो गया है, बच्चों की फीस,मकान किराया और रोजमर्रा के खर्च पूरे नहीं हो पा रहे हैं। विरोध स्वरूप अब कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर काम करना शुरू कर दिया है, जो आने वाले दिनों में बड़े आंदोलन का संकेत माना जा रहा है।
कर्मचारियो का साफ कहना है कि पूर्ण ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता से काम करने के बावजूद समय पर वेतन ना मिलना शासन प्रशासन की निष्क्रियता की तरफ इशारा कर रहा है। यदि वेतन का भुगतान जल्द नहीं किया जाता है तो घरेलू जरूरतों को संभालना मुश्किल हो जाएगा।
राजस्व वसूली के प्रयास भी फेल साबित हुए, शिविर बेअसर
कर्मचारियो के वेतन की पूर्ति के लिए नपा ने बकाया राजस्व वसूली को अपना हथियार बनाये जाने की शुरुआत की थी। वेतन पूर्ति के लिए नगर पालिका ने कॉलोनियों में जाकर कर वसूली के लिए विशेष शिविर भी लगाए, लेकिन इन अथक प्रयासों के बावजूद भी पर्याप्त राशि नहीं जुटाई जा सकी। सीमित आय और बढ़ते खर्च के बीच नगर पालिका अब पूरी तरह आर्थिक संकट में फंस चुकी है और हालात सुधरने के बजाए दिन ब दिन बिगड़ते ही जा रहे हैं।
हड़ताल हुई तो बेहाल हो जाएगा बैतूल शहर
वेतन की समस्या झेल रहे कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि यदि शीघ्र वेतन का भुगतान नहीं हुआ तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। हड़ताल की स्थिति में शहर के हालात बिगड़ने से कोई रोक नहीं पायेगा, जिसका सीधा असर आम नागरिकों को दी जाने वाली सुविधाओं पर दिखाई देगा। शहर की सफाई व्यवस्था, जलप्रदाय, स्ट्रीट लाइट, कार्यालयीन कार्य और जनसुविधाएं बुरी तरह प्रभावित होंगी। जब कर्मचारी ही बेकाम हो जाएंगे तो लोगो को कई प्रकार की दिक्कतों से जूझना पड़ सकता है। जगह जगह गंदगी के ढेर, पानी की सप्लाई , जैसी कई सुविधाएं ठप्प हो जाएगी।
शासन की चुप्पी पर सवाल
नगर पालिका की बिगड़ती हालत के लिए सीधे तौर पर शासन से मिलने वाली राशि का अटकना जिम्मेदार माना जा रहा है। अब सवाल यह है कि क्या शासन समय रहते मदद करेगा, या फिर नगर पालिका का यह वेतन संकट और गहराता जाएगा। इस सम्बंध में नपा सीएमओ सतीश मटसेनिया को कॉल किया, लेकिन बैठक में होने के कारण उनसे चर्चा नहीं हो सकी।




