Betul Ki Khabar: केंद्रीय मंत्री, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष, दो सांसद, 21 विधायक जिस मार्ग से गुजरते हैं हालात बदहाल
Betul Ki Khabar: The road on which the Union Minister, State BJP President, two MPs, 21 MLAs pass is in a bad condition

खुद टोल नहीं दे रहे, इसलिए आम लोगों की समस्या से कोई सरोकार नहीं, धार टोल पर लूट रहे वाहन चालक
Betul Ki Khabar: बैतूल। इससे बड़ी विडंबना क्या होगी कि जिस सड़क से मोदी सरकार के एक केंद्रीय मंत्री, प्रदेश भाजपा के मुखिया, 2 सांसद और 4 जिलों के 21 विधायक राजधानी भोपाल अक्सर जाते हैं। उसकी हालत ऐसी है कि सड़क पर निकल आए गड्ढों से जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों को असहज महसूस होना पड़ रहा है, लेकिन सड़क निर्माण करने वाली कंपनी को न तो निर्देशित कर पा रहे हैं और न ही सड़क सुधरवा पा रहे हैं।
अलबत्ता आए दिनों इसी मार्ग से गुजरते हुए राजधानी पहुंच रहे हैं। केवल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को छोड़ दे तो शेष मंत्री, सांसद और विधायक अपने वाहन से टोल न लगने पर चिंतित नहीं है। दूसरी ओर खस्ताहाल सड़क होने के बावजूद धार पर सड़क निर्माण कंपनी टोल बेरियर खोलकर खुलेआम लूट रही है। विरोध के बावजूद न तो लोगों से टोल वसूलना बंद हुआ है और न ही जितेंद्र सिंह एंड कंपनी द्वारा सड़क की मरम्मत की जा रही है। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि केंद्रीय मंत्री, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष, 2 सांसद और 21 विधायक असहज होने पर भी अपनी ही केंद्र और राज्य में सरकार से सड़क की मरम्मत करवा पा रहे हैं और न ही लोगों को टोल से छूट दिलवा पा रहे हैं।
करीब 5-6 वर्ष पहले एनएचएआई ने बैतूल-औबेदुल्लागंज फोरलेन निर्माण समय अवधि में पूरा न करने पर ट्रांसटाय का ठेका टर्मिनेट कर दिया था। लोगों की बढ़ती नाराजगी के बाद क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने फोरलेन में लगातार देरी के बाद एनएचएआई ने यह निर्णय लिया, लेकिन इसके बाद नई कंपनी जितेंद्र सिंह एंड कंपनी ने जिस तेजी के साथ शुरुआत में बैतूल से फोरलेन का काम शुरू किया था, इससे अंदाजा लगाया जा रहा था कि बैतूल-भोपाल का सफर शीघ्र पूरा हो जाएगा, लेकिन वर्तमान कंपनी ने भी कई पेंच आने के बाद काम की रफ्तार कछुआ चाल से की।
फिलहाल बरेठा के पास फोरलेन के रास्ते में हाईकोर्ट में लगी याचिका से मामला रूका हुआ है। यह मार्ग कब बनेगा यह कह पाना मुश्किल है, लेकिन भौरा के आगे जितेंद्र सिंह एंड कंपनी ने अब तक फोरलेन निर्माण का काम पूरा नहीं किया है। हालात यह है कि यहां पर अभी भी कई किमी सड़क बनाना है। इटारसी के पहले कंपनी ने सड़क निर्माण शुरू नहीं किया है।
सीएम-मंत्रियों से मिल रहे जिम्मेदार, लेकिन सड़क की कोई शिकायत नहीं
बारिश में कंपनी ने काम शुरू नहीं करने का हवाल दे दिया, लेकिन जिन स्थानों पर सड़क बनाई गई है। इनमें गड्ढें निकल आए हैं। इसके बावजूद धार के पास कंपनी का टोल बेरियर अनवरत चालू है। यहां से रोजाना वाहनों से लाखों रुपए वसूल किए जा रहे हैं, लेकिन गड्ढों को भरने का काम नहीं किया जा रहा है। खास बात तो यह है कि इन गड्ढों से बालाघाट-सिवनी की सांसद भारती पारधी, छिंदवाड़ा केे सांसद विवेक बंटी साहू, बैतूल के सांसद और केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल के अलावा इन जिलों के कुछ 21 विधायक भी इसी मार्ग से सफर कर राजधानी भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री- मंत्रियों से मुलाकात करते हैं, लेकिन किसी ने भी इन गड्ढों और अधूरे फोरलेन को लेकर आज तक शिकायत नहीं की। यही वजह है कि निर्माण कंपनी को खुलेआम लोगों को लूटने का मौका मिलते जा रहा है। हालात यह है कि बारिश में सड़क में गड्ढेंं या गड्ढों में सड़क कोई भी दावे से नहीं कह सकता है।
20 किमी फोरलेन की हालत खराब
जितेंद्र सिंह एंड कंपनी ने फोरलेन निर्माण के लिए किस तरह से काम किया है। इसका अंदाजा भौंरा से बागदेव, केसला, सुखतवा, दांडीवाड़ा तक 20 किमी की सड़क के हाल देखकर लगाया जा सकता है। इस क्षेत्र में सैकड़ों की संख्या में ऐसे गड्ढें हो गए हैं जो भोपाल पहुंचने को लेकर जनप्रतिनिधियों का समय खराब कर रहे हैं। इसके बावजूद न तो अधूरे फोरलेन निर्माण और न ही टोल वसूली के साथ गड्ढों को भरने के काम शुरू नहीं हो पाए हैं।
करीब 3 संसदीय क्षेत्र के हजारों वाहन चालक अपने चुने हुए जनप्रतिनिधियों द्वारा खस्ताहाल सड़क और अधूरे फोरलेन निर्माण के साथ टोल वसूली को लेकर सार्थक प्रयास न करने से बेहद नाराज है। बीस किमी का हिस्सा बारिश के कारण गड्ढों में तब्दील होने की जानकारी सामने आ रही है। इन गड्ढों से वाहन चालक बुरी तरह परेशान हो गए हैं।
जनप्रतिनिधियों का पत्राचार और विरोध कंपनी के सामने बौना साबित
अधूरे फोरलेन निर्माण के बावजूद निर्माण कंपनी द्वारा कुंडी के पास टोल वसूली की जा रही है। इसको लेकर कांग्रेस समेत आम लोगों ने कई बार चक्काजाम भी किया, लेकिन नतीजा सिफर निकला। क्षेत्रीय विधायक गंगा उइके तो टोल वसूली स्थगित करने के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को तक पत्र लिख चुकी है, लेकिन उनके पत्र पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कुल मिलाकर कहा जा रहा है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के तमाम विरोध के बावजूद जितेंद्र सिंह एंड कंपनी ने सबको बौना साबित कर दिया। न तो अधूरे फोरलेन और न ही गड्ढें को भरने को लेकर कंपनी लोगों को राहत देने का प्रयास कर रही है। इससे जनप्रतिनिधियों का विरोध बेअसर होने से जमकर चर्चाएं चल रही है। इस संबंध में निर्माण कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर प्रमोद कदम से उनके मोबाइल 6265697998 पर कई बार काल किया, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया। जबकि अवकाश होने के कारण एनएचएआई के अधिकारियों से संपर्क नहीं हो पाया।




