Fraud in Bhavantar Yojana:: भावांतर योजना में फर्जीवाड़ा, किसानों को मुंह बन्द रखने दिया जा रहा दो-दो हजार का लालच

समर्थन मूल्य खरीदी में सिकमी का शिकार आदिवासी किसान
Fraud in Bhavantar Yojana: बैतूल। जिले में समर्थन मूल्य खरीदी और भावांतर भुगतान योजना के नाम पर आदिवासी किसानों के साथ बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का गंभीर मामला सामने आया है। भैसदेही विधायक महेंद्र सिंह चौहान ने दर्जनो किसानों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर इसकी शिकायत कलेक्टर नरेंद्र कुमार सुर्यवंशी से की, जिसके बाद कलेक्टर ने बाकायदा दल गठित कर जांच शुरू करवा दी है। इस फर्जी वाड़े में भीमपुर जनपद अध्यक्ष और भैसदेही क्षेत्र के एक भाजपा नेता की प्रमुख भूमिका बताई जा रही है, जिन्होंने किसानों के नाम से फर्जी बटाईनामा (सिकमी) बनाकर भावांतर योजना में पंजीयन कराया , और अब मामला उजागर होने पर आरोपित किसानों के घर-घर पहुंचकर उन्हें दो-दो हजार रुपये देकर चुप कराने का प्रयास कर रहे हैं।
गांव-गांव जाकर कराए गए फर्जी हस्ताक्षर
विकासखंड भीमपुर की ग्राम पंचायत बाटलाकला के सरपंच नारायण पाटिल सहित कई किसानों ने बताया कि 6 दिसंबर को कुछ लोग कार से गांव पहुंचे। उन्होंने खुद को फसल बीमा और मुआवजा दिलाने वाला बताकर किसानों से ठेकानामा, सिकमी और अन्य दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवा लिए। आरोप है कि किसानों को 500 से 1000 रुपये देकर कोरे कागजों पर साइन कराए गए। बाद में पता चला कि समर्थन मूल्य की खरीदी में फर्जीवाड़ा करने के लिए किसानों को सिकमी का शिकार बनाया जा रहा है। किसानों ने इसकी जानकारी विधायक महेंद्र सिंह चौहान को दी जिसके बाद पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ गया।
30 से 50 हजार के लाभ के लिए पंजीयन
आदिवासी किसानों का कहना है कि,उन्हें यह जानकारी मिली है, कि इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उनके नाम से सोयाबीन भावांतर योजना में 30 से 50 हजार रुपये तक के लाभ के लिए अनैतिक रूप से पंजीयन कर दिया गया है। हैरानी की बात यह है कि जिन खेतों में सोयाबीन की बोवनी ही नहीं हुई, उनके नाम से भी भावांतर का पंजीयन दिखाया गया, जो जांच के बाद पूरी तरह स्पस्ट हो जाएगा।
जमीन के दस्तावेज पहले से मौजूद
किसानों का कहना है कि आरोपितों के पास खसरा, किस्तबंदी जैसे जमीन से जुड़े दस्तावेज पहले से थे, जिससे वे भ्रमित हो गए और भरोसा कर हस्ताक्षर कर बैठे। संदेह होने पर ग्रामीणों ने पूरे घटनाक्रम के वीडियो और फोटो भी सुरक्षित किए हैं। प्राथमिक जानकारी के अनुसार ग्राम बाटलाकला के करीब 35 किसानों के नाम से सोयाबीन भावांतर योजना में फर्जी पंजीयन कराया गया है।
देर रात तक किसानों के बयान प्रशासन ने किए दर्ज
जानकारी मिली है कि, शिकायत के बाद कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देश पर बुधवार कृषि विभाग ने देर रात तक किसानों के बयान दर्ज किए। विधायक महेन्द्र सिंह ने बताया कि तहसीलदार की प्रारंभिक जांच में भी फर्जी पंजीयन की पुष्टि हुई है। इससे पहले भी जिले में ज्वार और धान खरीदी के दौरान इसी तरह के मामले सामने आ चुके हैं।
आरोप-प्रत्यारोप और कार्रवाई का आश्वासन
किसानों ने एक जनपद अध्यक्ष और भैसदेही के एक भाजपा नेता पर जबरन स्टांप व बटाईनामा पर हस्ताक्षर कराने के आरोप लगाए हैं। जानकारी मिली है, की प्रशासन के हरकत में आते ही फर्जीवाड़ा करने वाले बचाव की मुद्रा में आ चुके हैं। बताया जा रहा है कि, किसानों के घर पहुंचकर उन्हें लालच देकर अपने बचाव की रणनीति तैयार की जा रही है।
इनका कहना…
किसानों शिकायत की है, जांच के लिए दल भी गठित कर दिया गया है, प्रत्येक किसान के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ प्रभावी कार्यवाही की जाएगी।
नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, कलेक्टर बैतूल
किसानों ने मुझे जानकारी दी थी, प्राम्भिक जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई है। आदिवासी किसानों के नाम पर फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जा सकता ।
महेंद्र सिंह चौहान, विधायक भैसदेही




