Betul News: मेडिकलों पर बिना डॉक्टर पर्चे के बिक रही कफ सिरप
Betul News: Cough syrup being sold at medical stores without a doctor's prescription

जिम्मेदार अधिकारी बेखबर, लापरवाही पड़ सकती है भारी
Betul News: बैतूल। छिंदवाड़ा में कफ सिरप पीने से बच्चों की किडनी खराब होने से 9 बच्चों की मौत के बाद भी स्वास्थ्य महकमा सबक लेता नहीं दिख रहा है। जिले में मेडिकल स्टोर्स पर अब भी धड़ल्ले से बिना डॉक्टर के पर्चे के कफ सिरप बेची जा रही है। जिम्मेदार अधिकारी इस स्थिति से पूरी तरह बेखबर हैं। यह लापरवाही कभी भी गंभीर परिणाम दे सकती है।
सर्दी, खांसी और बुखार का मौसम चल रहा है। ऐसे में बड़ी संख्या में लोग सीधे मेडिकल स्टोर्स पर जाकर दवाइयां खरीदते हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के मरीजों को आसानी से कफ सिरप थमा दी जाती है। कई बार तो डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवा की जगह मेडिकल संचालक मिलती-जुलती बताकर दूसरी सिरप दे देते हैं। मरीज भी परेशानी से बचने के लिए वही दवा खरीद लेते हैं, जबकि यह उनकी सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि खांसी की सिरप में कई तरह के रसायन और संयोजन होते हैं। इनमें से कुछ शरीर पर गंभीर असर डाल सकते हैं, खासतौर से बच्चों और बुजुर्गों पर। बिना चिकित्सक की जांच और परामर्श के इनका सेवन सीधे-सीधे जान के साथ खिलवाड़ है। छिंदवाड़ा की घटना इस बात का बड़ा सबूत है, लेकिन उसके बाद भी जिले में मेडिकल स्टोर्स पर नियमों का पालन नहीं हो रहा है।
जिले में स्थिति यह है कि बिना डॉक्टर की पर्ची के सिरप बेचना आम बात बन गई है। दवा दुकानों पर निगरानी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण की बात तो कहते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्रवाई नदारद है। नतीजतन मेडिकल संचालकों के हौसले बुलंद हैं और मरीजों की जिंदगी खतरे में पड़ी हुई है।
छिंदवाड़ा की घटना के बाद विभाग सिर्फ एक कंपनी की सिरप पर फोकस करता दिखा, जबकि हकीकत यह है कि बाजार में दर्जनों तरह की कफ सिरप उपलब्ध हैं। इनमें से कई को बिना पर्चे के आसानी से खरीदा जा सकता है। यह स्थिति भविष्य में और भी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है।
जरूरत है कि स्वास्थ्य विभाग सख्त कदम उठाए। मेडिकल स्टोर्स पर बिना डॉक्टर की पर्ची दवाओं की बिक्री पर रोक लगाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे। साथ ही आम लोगों को भी जागरूक किया जाए कि वे बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी दवा का सेवन न करें। तभी ऐसे हादसों को रोका जा सकेगा और मरीजों की जिंदगी सुरक्षित रह सकेगी।
इनका कहना
यह सहीं बात है कि कई लोग बिना डॉक्टर के पर्चें के कफ सिरप सहित अन्य दवाईयां खरीदते है, मेडिकल संचालकों को बिना डॉक्टर के पर्चें के कोई भी दवाईयां अपनी मनमर्जी से मरीज को न थमाएं।
संजीव जाधोन
ड्रग इंस्पेक्टर, बैतूल




