Betul Hospital News : जिला अस्पताल में फायर सेफ्टी का अधूरा काम छोड़कर भागी कंपनी

नए ठेकेदार के लिए फिर जारी होगा टेंडर

Betul Hospital News : बैतूल। जिला अस्पताल में हाल ही में हुई आगजनी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के दौरान अस्पताल में लगा फायर सिस्टम पूरी तरह फेल हो गया था। दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाई, लेकिन इस बीच फायर सुरक्षा से जुड़ी तमाम खामियां उजागर हो गईं। जांच में पता चला है कि अस्पताल में फायर सिस्टम लगाने का कार्य अधूरा छोड़कर कंपनी बीच में ही काम बंद कर चली गई।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार फायर सिस्टम लगाने का ठेका राज्य शासन की ओर से गुजरात की एक कंपनी को दिया गया था। कंपनी ने पाइपलाइन बिछाने का शुरुआती काम तो कर दिया, लेकिन उसके बाद शेष उपकरणों की इंस्टॉलेशन, मशीनों की फिटिंग और सिस्टम को एक्टिव करने जैसे महत्वपूर्ण कार्य नहीं किए गए। बताया जा रहा है कि कंपनी कई महीनों से संपर्क में भी नहीं है और उसका स्टाफ साइट पर लौटकर काम पूरा करने तैयार नहीं है।

अस्पताल में लगाया जा रहा फायर सिस्टम ऑटोमेटिक टेक्नॉलॉजी पर आधारित है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि किसी भी हिस्से में धुआं या आग लगने की स्थिति में पूरा सिस्टम स्वत: सक्रिय हो जाता है। तुरंत पूरे भवन में अलार्म बजने लगता है और साथ ही वॉटर स्प्रिंकलर से पानी का छिड़काव शुरू हो जाता है, जिससे आग फैलने से पहले ही नियंत्रण में आ सकती है। लेकिन काम अधूरा छोड़ दिए जाने के कारण यह सिस्टम अभी ठप पड़ा है और किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में कोई मदद नहीं कर सकता।

आगजनी की घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने फायर सिस्टम को जल्द चालू करने का आश्वासन दिया था। अधिकारियों ने कहा था कि सिस्टम की खराबियों को तत्काल ठीक कराया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न आए। लेकिन घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद सिस्टम की हालत जस की तस बनी हुई है। न तो मशीनें जुड़ी हैं और न ही पंप हाउस को शुरू किया गया है। ऑडिट रिपोर्ट ने भी यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि उस दिन फायर सिस्टम कार्यरत होता तो आग पर तुरंत काबू पाया जा सकता था और दमकल बुलाने की आवश्यकता भी नहीं पड़ती।

फायर सिस्टम के लिए दोबारा होगे टेंडर

अब जिला अस्पताल में फायर सिस्टम का अधूरा काम पूरा कराने के लिए प्रक्रियाएं दोबारा शुरू की जा रही हैं। अस्पताल प्रबंधन ने बताया है कि जल्द ही नए ठेकेदार के चयन के लिए पुन: टेंडर जारी किया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद बचा हुआ सारा काम तय समय सीमा में पूरा कराया जाएगा। प्रशासन चाहता है कि अस्पताल में सुरक्षा के इस महत्वपूर्ण ढांचे को जल्द से जल्द सक्रिय कर दिया जाए, क्योंकि अस्पताल जैसा संवेदनशील स्थान हर पल जोखिम में रह सकता है।

यहां बड़ी संख्या में मरीज भर्ती रहते हैं और किसी भी इमरजेंसी में फायर सिस्टम का सक्रिय होना बेहद आवश्यक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर लगाए जा रहे सिस्टम का अधूरा छोड़ा जाना गंभीर लापरवाही है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को जिम्मेदार कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी ठेकेदार द्वारा इस तरह की उदासीनता न बरती जाए। जानकारी यह भी लगी है कि कंपनी अधूरा काम छोड़कर गई है तो उसे सरकार ने उसे ब्लेक लिस्टेड कर दिया है।

इनका कहना

मैं अभी भोपाल में कमिश्रर के साथ मिटिंग में हूॅ, इस संबंध में मैं आपसे बाद में चर्चा करता हॅू। 

डॉ. जगदीश घोरे, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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