Betul News: अकाउंटेंट प्रदीप बारंगे की मौत में पुलिसकर्मी की भूमिका संदेहास्पद
Betul News: Policeman's role in accountant Pradeep Barange's death is suspicious

परिजनों को एसपी कार्यालय में पदस्थ पुलिसकर्मी पर शंका, जांच के बाद होगा खुलासा
Betul News: बैतूल। अकाउंटेंट प्रदीप उर्फ पप्पू बारंगे की संदिग्ध मौत का मामला अब धीरे-धीरे नए मोड़ लेता नजर आ रहा है। परिजन जहां लगातार हत्या की आशंका जता रहे हैं, वहीं ज्ञापन के बाद एसपी वीरेंद्र जैन ने स्वयं संज्ञान लेते हुए घटना की विस्तृत जांच के निर्देश भी दे दिये हैं। इसी बीच इस घटना में किसी तीसरे व्यक्ति के दखल की आशंका भी परिजनों ने एसपी के समक्ष जाहिर की है।
जानकारी मिली है कि ज्ञापन के दौरान परिजनों सहित बारंगे परिवार के करीबियों ने एसपी कार्यालय में पदस्थ एक पुलिस कर्मी नियम विरुद्ध तरी$के से मर्ग की जांच करने मौके पर मौजूद रहने पर सवाल खड़े किए हैं। सूत्रों के अनुसार उक्त पुलिस कर्मी शुरुआती जांच होने से लेकर मृतक पोस्टमार्टम सहित अंतिम संस्कार होने तक इस पूरे घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रखे हुए था। बताया जा रहा है कि पप्पू बारंगे के आत्महत्या मामले में शुरुआती जांच कोतवाली थाना पुलिस कर रही थी, लेकिन घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी कार्यालय ने भी अपनी ओर से जांच शुरू कर दी। एसपी के मुताबिक अब इस घटना की जांच एसडीओपी सुनील लाटा के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस कर रही है।
नियम विरुद्ध और किसकी अनुमति से मौके पर पहुंचा पुलिस कर्मी?
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जिस सुबह प्रदीप बारंगे के आत्म हत्या किए जाने की खबर आग की तरह फैली, परिजन करीब 9 बजे ही पुलिस को सूचना देने के लिए कोतवाली थाने पहुंच गए थे। यहां एक मात्र पुलिस कर्मी ही मौजूद था। घटना को लेकर पुलिस कर्मी ने तत्काल अपने अधिकारियों को सूचित किया। इसके ठीक 10 मिनट बाद ही काली चौकड़ी की शर्ट और जीन्स पहने एक पुलिस कर्मी कोतवाली पहुंचा, इस पुलिस कर्मी के विषय मे बताया जा रहा है कि, यह एसपी कार्यालय की किसी शाखा में पदस्थ है। सवाल उठ रहा है कि एसपी कार्यालय में पदस्थ पुलिसकर्मी का इस मामले से ऐसा क्या लेना देना था जो वह कोतवाली में स्टाफ के पहुंचने से पहले ही पहुंच गया।
आखिर किस अधिकारी की अनुमति से यह पुलिसकर्मी मर्ग की जांच में शामिल हुआ था, यह जांच का विषय है। सूत्रों की मानें तो वह मौके पर जांच कर रहे पुलिसकर्मियों की हर हरकत पर नजर रख रहा था तो वहीं मृतक के परिजनों से भी अनौपचारिक रूप से बातचीत करता रहा और घटनास्थल से जुड़े तथ्य इक_ा करने की कोशिश में लगा रहा। हालांकि परिजनों के ज्ञापन सौंपते ही एसपी ने तत्काल जांच की जिम्मेदारी एसडीओपी सुनील लाटा को सौंप दी। बताया जा रहा है कि पुलिस ने मौके की जांच कर कुछ तथ्य भी एकत्रित किए हैं। इधर, घटना में किसी पुलिस कर्मी की सक्रियता और संदिग्ध गतिविधियों के सामने आने से यह साफ है कि मामला अब संवेदनशील श्रेणी में आ चुका है और उच्च स्तर पर भी इसकी निगरानी शुरू की जा चुकी है। अब देखना यह होगा कि जांच आगे क्या मोड़ लेती है। क्या पुलिस की कार्यवाही परिजनों की शंका को दूर कर पाएगी या फिर यह मामला और गहराई तक जाएगा। फिलहाल आम नागरिकों की निगाहें इस मामले पर टिकी हुई हैं।
इनका कहना …
घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। घटना में किसी पुलिस कर्मी की सक्रियता पर परिजनों ने शंका जाहिर की है, इसकी भी जांच कराई जा रही है।
वीरेंद्र जैन, एसपी बैतूल




