Betul Samachar: मर्चुरी में रखे शव, कबरबिज्जू व चूहों के हो सकते हैं शिकार

पीएम हाउस की खिड़कियों से जाली गायब, ग्रिल भी टूटी
Betul Samachar: बैतूल। जिला अस्पताल परिसर में स्थित पोस्टमार्टम हाउस की बदहाल व्यवस्था गंभीर चिंता का विषय बन कर सामने आ रही है। यहां संरक्षित शवों की सुरक्षा को लेकर बड़ी लापरवाही साफ दिख रही है। जानकारी के अनुसार मर्चुरी कक्ष की खिड़कियों से जालियां गायब हैं और कई स्थानों पर लोहे की ग्रिल भी टूटी हुई पाई गई है। ऐसे में कबरबिज्जू (नेवला), चूहे और अन्य जानवरों के आसानी से अंदर घुसने की प्रबल संभावना बनी रहती है, जिससे संरक्षित शव के क्षतिग्रस्त होने, स्वच्छता भंग होने और संक्रमण जैसी गंभीर आशंकाएं बढ़ रही हैं, लेकिन अस्प्ताल प्रबन्धन इस तरफ से लापरवाह नजर आ रहा है। ऐसा नहीं है कि प्रबन्धन के पास बजट का अभाव हो लेकिन बावजूद इसके प्रबन्धन बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा यह समझ से परे है।
जानकारी के मुताबिक पोस्टमार्टम कक्ष में रखे जाने वाले शवों को फ्रिजर यूनिट में सुरक्षित रखने के बाद कमरे को सील जैसी सुरक्षा में रखा जाना चाहिए, लेकिन यहां ऐसी बुनियादी सतर्कता भी नहीं दिख रही। यदि छोटे परभक्षी जानवर गलती से भी मर्चुरी परिसर में पहुंच जाते हैं तो शवों को नुकसान पहुंचने की पूरी संभावना रहती है। यह स्थिति मृतकों के परिजनों की भावनाओं के साथ-साथ मानव गरिमा पर भी बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है। बताया कि पी-एम हाउस की खिड़कियों की जाली लंबे समय से फटी हुई है, कई हिस्सों में जाली पूरी तरह उखड़ी हुई है। वहीं टूटे ग्रिल से चूहे और अन्य जीव आसानी से अंदर प्रवेश कर सकते हैं। भले ही दरवाजे बंद रहते हों, लेकिन दीवार व खुली खिड़कियां संभावित खतरा बने हुए हैं। मर्चुरी के आसपास कुत्ते बिल्लियों के घूमने के भी मामले सामने आए हैं। ऐसे में शवों को खरोंचने या कुतरने का खतरा पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता।

स्वास्थ्य मानकों, मेडिकल प्रोटोकाल का खुला उलंघन
विशेषज्ञों के मुताबिक पोस्टमार्टम हाउस अत्यंत संवेदनशील स्थान होता है, जहां उच्च स्तर की स्वच्छता, सीलिंग, वातानुकूलन और सुरक्षा की आवश्यकता होती है। यहां शवों के साथ की जा रही लापरवाही स्वास्थ्य मानकों और मेडिकल प्रोटोकॉल के विपरीत है। मर्चुरी की उपेक्षा न केवल शवों के संरक्षण में जोखिम पैदा कर रही है, बल्कि शव परीक्षण की सटीकता को भी प्रभावित कर सकती है, जिससे न्यायिक जांच और कानूनी प्रक्रियाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका हो सकती है।
रोजाना ही मर्चुरी में दो से तीन शव रखे ही जाते हैं, परिजनों ने पीड़ा व्यक्त की है कि अंतिम संस्कार से पहले तक शवों को सुरक्षा और सम्मानजनक परिस्थिति में रखा जाना चाहिए। लेकिन यहां की लापरवाही देखकर मन व्यथित हो जाता है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल खिड़कियों की मरम्मत, मजबूत जाली, सीसीटीवी निगरानी तथा लगातार स्वच्छता की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। अस्पताल प्रबंधन यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाता तो किसी भी दिन बड़ा विवाद और असंवेदनशीलता का मामला खड़ा हो सकता है। मृतकों का सम्मान और स्वच्छ व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की पहली जिम्मेदारी मानी जाती है।
इनका कहना….
पोस्ट मार्टम कक्ष की मरम्मत पहली प्राथमिकता है, सिविल वर्क की मंजूरी दे दी गई है। जल्द ही कक्ष नए स्वरूप में नजर आएगा
डॉ जगदीश घोरे, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल बैतूल
पोस्ट मार्टम हाउस की मरम्मत हमारे संज्ञान में है। आवश्यक कार्यवाही शुरू कर दी गई हैं। जल्द ही काम शुरू करवाया जाएगा।
डॉ रानू वर्मा, आरएमओ, जिला अस्पताल बैतूल




