Betul Samachar : स्वास्थ्य विभाग में 445 आउट सोर्स कर्मचारियों की गुपचुप नियुक्ति

न कोई टेंडर निकाले और न ही कोई विज्ञापन, एजेंसी ने हर ब्लाक में कर दी बड़े पैमाने पर नियुक्ति
Betul Samachar : बैतूल। जिले के स्वास्थ्य महकमे में करीब 445 आउट सोर्स कर्मचारियों की गुपचुप नियुक्तियां कर दी गई। इसके लिए न तो विज्ञापन निकाला और न ही कोई इंटरव्यू हुए। इतने के बाद किसी तरह की कोई सलेक्शन कमेटी नहीं बनी। बड़े पैमाने पर की गई इस नियुक्ति की जानकारी एजेंसी ने ब्लाक लेबल पर जारी किए गए पत्रों के बाद खुलासा हुआ। इससे हड़कंप मच गया है। बताया जाता है कि एक कर्मचारी को 10 से 15 हजार रुपए तक आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से भुगतान किया जाएगा। इतना बड़ा मामला होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार चुप्पी साधे बैठे हैं।
जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए आउट सोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति की जाने वाली थी, यह बात सभी को पता भी थी, लेकिन 445 रिकार्ड कर्मचारियों की नियुक्तियों को लेकर किसी ने संभावना नहीं जताई। सूत्रों के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग ने जेएस इंटरप्राइजेश भोपाल के माध्यम से अलग-अलग ब्लाकों में आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्तियां कर डाली। इसके लिए खुद एजेंसी ने संबंधित ब्लाक के बीएमओ को पत्र भेजकर कर्मचारियों की नियुक्ति संबंधी सूचना दी। इसके बाद खुलासा हुआ है कि इतने बड़े पैमाने पर जिले के सेहरा, भीमपुर, घोड़ाडोंगरी, मुलताई, भैंसदेही, आमला, प्रभातपट्टन, शाहपुर, चिचोली खंडचिकित्सा क्षेत्र में यह नियुक्तियां की गई है।
नियुक्ति के लिए कोई नियम नहीं
एजेंसी ने 445 आउटसोर्स कर्मचारियों की ताबड़तोड़ नियुक्तियां तो कर दी, लेकिन खास बात यह है कि संचलनालय ने जुलाई 2025 के एक पत्र में आईपीएचएस मानकों के आधार और राज्य स्वास्थ्य समिति के आधार पर भर्ती आउटसोर्स के माध्यम से होना है। इन कर्मचारियों का नियोजन भंडारक्रय एवं सेवा उपार्जन नियम 2015 के संशोधित 2022 के वित्तीय नियमों के अनुसार किया जाना है। सूत्र बताते हैं कि भर्ती और नियोजन जब सरकारी नियम से होना है तो बैतूल के स्वास्थ्य विभाग ने एजेंसी के माध्यम से इन कर्मचारियों की नियुक्ति कैसे कर दी? इस पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। नियमों को ताक पर रखकर की गई नियुक्ति अब संदेह के दायरे में आ गई है।
नियमों की जानकारी नहीं है, फिर कैसे दे रहे जवाब?
स्वास्थ्य विभाग में 445 आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति के गड़बड़झाले में अधिकारी खुद कटघरे में खड़े हो गए हैं। अपने आप को पाक साफ बताने के लिए कहा जा रहा है कि आउटसोर्स कर्मचारी के संबंध में विज्ञापन पूर्व में ही निकाले जा चुके थे। केवल एजेंसी ने इन कर्मचारियों की ब्लाकवार नियुक्तियां की हैं। अधिकारियों की यह बात गले नहीं उतर रही है, क्योंकि विज्ञापन भले ही पहले निकले हो, लेकिन कर्मचारियों की नियुक्ति उनके बिना संभव नहीं है।
इसके लिए सलेक्शन कमेटी और इंटरव्यू जैसे प्रावधान भी नहीं किए गए और एजेंसी ने ताबड़तोड़ ऐसे लोगों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर दिए जो पात्र है भी या नहीं? अधिकारियों ने इस बारे में एजेंसी से चर्चा करना भी उचित नहीं समझा। जब ब्लाक स्तर पर अलग-अलग नियुक्ति की गई, तब मामले में संबंधितों को आउटसोर्स कर्मचारी नियुक्त करने की जानकारी से अन्य आवेदनकर्ताओं में रोष पनप गया है।
इनका कहना…
मेरी पदस्थापना के पहले आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए विज्ञापन निकला होगा। मुझे इस संबंध मेें जानकारी है। फिलहाल में अवकाश पर हूं। आने के बाद जानकारी दे पाऊंगा।
डॉ मनोज कुमार हुरमाड़े, सीएमएचओ बैतूल




