Betul Nagar Palika : नपा के राजस्व समेत 150 कर्मचारियों को एसआईआर में लगाया
Betul Municipal Corporation: 150 employees, including revenue officials, have been deployed in SIR.

नवंबर बीतने को, अक्टूबर माह के वेतन को तरसे कर्मचारी
Betul Nagar Palika : बैतूल। जिला मुख्यालय की नगरपालिका की माली हालत पहले से ही खराब है। राजस्व का भारी भरकम अमला होने के बावजूद विभिन्न करों की वसूली की रफ्तार की कछुआ चाल से पहले ही हालात बिगड़े हुए थे। इसके बाद एसआईआर में राजस्व विभाग के अधिकांश अमले को ड्यूटी पर लगा दिया। उनके अलावा नपा के कुल 150 कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया गया है। इससे नियमित वसूली की रफ्तार भी धीमी पड़ गई है। यही वजह है कि सोमवार शाम तक नपा के 500 नियमित और दैवेभो कर्मचारियों को वेतन के लाले पड़ गए।
पिछले 6 माह से आमदनी चवन्नी, खर्च रुपैया जैसे हालात निर्मित होने के बाद बैतूल नगरपालिका में कर्मचारियों को वेतन के लाले पड़ते नजर आ रहे हैं। नपा कर्मचारी संघ इसके विरोध में मोर्चा भी खोल चुका है। समय पर वेतन न मिलने के कारण खासकर दैवेभो कर्मचारियों की परेशानी अधिक बढ़ गई है। केवल पिछले माह दिवाली के मौके पर बमुश्किल सभी को समय पर वेतन मिल पाया है, लेकिन नवंबर माह बीतने के करीब है और 500 नियमित-दैवेभो कर्मचारियों को वेतन के लाले पड़े हुए हैं। सोमवार शाम को कई कर्मचारियों ने इस प्रतिनिधि को अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए बताया कि वेतन समय पर नहीं मिलने से घर चलाना मुश्किल हो रहा है। दैवेभो कर्मचारियों को एकमुश्त वेतन मिलता है, लेकिन समय सीमा तय नहीं होने के कारण कई तरह की परेशानी उठाना पड़ रहा है। हालात यह है कि छोटे कर्मचारी बार-बार मुख्य लिपिक, लेखा शाखा और नपा अधीक्षक से वेतन को लेकर जानकारी मांगते हैं, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल पा रहा है।
एसआईआर से बिगड़े इस माह हालात
बताया जाता है कि निर्वाचन शाखा द्वारा नगरपालिका के 150 अधिकारी और कर्मचारियों को एसआईआर के काम में लगाया है। बैतूल शहर के विभिन्न वार्डों में नपा के कर्मचारी सुबह से शाम तक इस काम में लगे हैं। इन 150 कर्मचारियों में राजस्व विभाग के अधिकांश अधिकारी और कर्मचारियों को एक पखवाड़े से ड्यूटी पर लगा दिया है। यही वजह है कि विभिन्न करों की रफ्तार धीमी पड़ गई है। केवल जो लोग कार्यालय में टैक्स जमा कर रहे हैं, उसी राशि से नपा का कामकाज चल रहा है। सोमवार तक की स्थिति में नपा के खाते में महज दो प्रतिशत राशि ही जमा हो सकी है। इसी वजह अक्टूबर माह के वेतन के लिए कर्मचारियों को लाले पड़ गए हैं। संभावना है कि 1-2 दिनों में कर्मचारियों को चूंगी कर और अन्य करों की राशि से डेढ़ करोड़ रुपए का वेतन भुगतान कर दिया जाएगा।




