Betul Samachar: न्यू बैतूल मैदान में लगे मेगा ट्रेड फेयर में खरीददारों के साथ धोखा!

Betul News: Buyers cheated in the mega trade fair held at New Betul ground!

मनमाना ले रहे दाम, बिल मांगने पर दुकानदारों की रंगदारी

Betul Samachar: बैतूल। इस सामान के बारे में जो पूछताछ कर रहे हो यह बाजार में नहीं मिलेगा, इसकी खासियत है कि उपयोग करने के कई वर्षों तक टूटेगा नहीं। यह जुमला न्यू बैतूल स्कूल कोठीबाजार के मैदान पर लगे मेगा ट्रेड फेयर में देखने और सुनने को मिल रहा है, लेकिन सामग्री की कितनी गुणवत्तायुक्त है यह कोई दावे से नहीं कह रहा है। अलबत्ता यहां बिल मांगने पर दुकान लगाने वाले ग्राहकों को स्पष्ट इंकार कर रहे हैं। इस बात से साफ जाहिर है कि इपने फायदे के लिए मेले में खुलेआम सरकार को चूना लगाते हुए जीएसटी की चोरी की जा रही है। इस मामले में बैतूल के जीएसटी अधिकारी को कोई भनक तक नहीं लगी है।

सूत्रों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों से न्यू बैतूल स्कूल ग्राउंड पर मेगा ट्रेड फेयर के नाम से मेला लगाया गया है। इस मेले को प्रचारित किया जा रहा है कि जिले का सबसे बड़ा मेला है और किफायती कीमत पर सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है पर हो इसके उलट रहा है। दरअसल इस मेले मेें उपभोक्ताओं को सब्जबाग दिखाकर सस्ती सामग्री का प्रलोभन तो दिया जा रहा है पर मेले में पहुंचने पर बाजार और यहां के दाम में कोई फर्क नजर नहीं आ रहा है। इसके बाद लोग सहज अंदाजा लगाया जा रहा है कि मेला कितना सस्ता है। हालांकि मेले में ब्रांडेड वस्तुओं के लिए दुकानदार ग्राहकों को तरह-तरह का प्रलोभन दे रहे हैं। मेले में दावा किया जा रहा है कि मेले में बिकने वाली सामग्री 3 से 4 वर्ष तक टिकाऊ रहेगी।

मेले में पहुंचे एक ग्राहक ने बताया कि फर्श सफाई वाले एक सामग्री के बारे में मेले में लगी दुकानदार से पूछा तो उसने रट्टू तोते की तरह खूब खूबियां बताई और दावा किया कि बाजार में मिलने वाली यह सामग्री के दाम भी अधिक है और टिकाऊ नहीं है। यहां से जो सामग्री दी जा रही है। वह कम से कम तीन वर्ष तक रहेगी और इसकी गुणवत्ता भी अधिक है। हालांकि दाम अधिक होने के कारण संबंधित ग्राहक ने यह सामग्री नहीं ली। अलबत्ता बाजार में जाकर कीमत पूछी तो उसी दाम में यह सामग्री ब्रांडेड कंपनी की मिल गई। उस उपभोक्ता को एहसास हुआ कि न्यू बैतूल स्कूल ग्राउंड में लगाए गए मेले में उपभोक्ताओं को सब्ज बाग दिखाएं जा रहे हैं।

बिल मांगने पर इंकार

मेले में तरह-तरह की सामग्री बेची जा रही है, लेकिन इसकी गुणवत्ता कितनी टिकाऊ है। इसका कोई दावा नहीं किया जा रहा है। यही वजह है कि मेले में पहुंचे कुछ जागरूक उपभोक्ताओं ने सामग्री खरीदने के बाद बिल मांगा तो दुकानदारों ने स्पष्ट इंकार कर दिया कि बिल नहीं दिए जाएंगे। छोटे से लेकर बड़े दुकानदार तक बिना बिल के मेले में सामग्री बेच रहे हैं। एक उपभोक्ता ने बताया कि उसने मेले से करीब पांच सौ रुपए की सामग्री खरीदी, लेकिन सामग्री की क्वालिटी ठीक नहीं लगी तो बिल मांगा। इस पर दुकानदार भड़क गए। पिछले कई दिनों से लगे इस मेले में सामग्री धड़ल्ले से बेची जा रही है पर बिल मांगने पर इंकार कर दिया जा रहा है।

नींद में सोया जीएसटी विभाग

यह कोई पहला मौका नहीं है जब इस तरह की लुभावनी सेल लगी और जीएसटी विभाग के अधिकारियों को जानकारी नहीं है। पहले भी मीडिया के जानकारी देने के बाद जीएसटी के अफसर नींद से जागे और कार्रवाई शुरू की। इस बार भी न्यू बैतूल ग्राउंड में पिछले करीब एक पखवाड़े से मेगा ट्रेड फेयर के नाम से सेल लगी है, लेकिन आज तक विभाग के अधिकारी निरीक्षण करने तक नहीं पहुंचे। उनका हमेशा कहना रहता है कि शिकायत आने पर ही कार्रवाई करेंगे। इसी वजह इस तरह की सेल लगाने के बाद इनके बैरंग लौटने पर लोगों को लुटने का आभाष होता है। इसके बाद की गई शिकायतें औपचारिकता निभाती है। इस संबंध में वाणिज्य कर अधिकारी श्री मरकाम को उनके मोबाइल 9754450531 पर कई बार काल किया, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया।

इनका कहना….

मुझे आपके माध्यम से जानकारी मिली है। इस बारे में नियम भी देख रहे हैं और शीघ्र ही न्यू बैतूल स्कूल मैदान पर लगे मेगा ट्रेड फेयर की जांच की जाएगी। नियम से उपभोक्ताओं द्वारा बिल मांगने पर देना चाहिए।

विजय राठौर, सहायक वाणिज्य कर अधिकारी बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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