Politics: राजनीतिक हलचल: गेंदा चौक पर अपनी ही पार्टी के प्रदर्शन में पिटे युवा नेता, फिर माफीनामा! शह-मात को लेकर यह कैसी राजनीति इन नेता पर सटीक क्यों बैठ रही मेहनत करें मुर्गा, अंडा खाए फकीर वाली कहावत???? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम राजनीतिक हलचल में…..
Politics: Political turmoil: Young leaders were beaten during their own party's protest at Genda Chowk, then apologized!

पहले जूतम पैजार, फिर माफीनामा
पिछले दिनों हुए प्रदर्शन के दौरान युवा नेताओं में आपसी जूतम पैजार ने पार्टी की खूब किरकिरी कराई। दरअसल प्रदर्शन के दौरान गेंदा चौक पर जिले के कोयलांचल के एक छटे हुए युवा नेता ने समर्थकों के साथ विद्युत नगरी और आमला क्षेत्र के एक युवा नेता की लगभग 15 मिनट तक जमकर गधाकुटाई की। चर्चा है कि अंधाधुंध कुटाई के बाद नेता शिकायत लेकर अब पार्टी के जिला प्रमुख के पास पहुंचे। उन्होंने कांग्रेस नेता और पिटाई करने वाले नेता के बड़े भाई को फोन कर दो टूक शब्दों में कहा कि अपने भाई से माफी मंगवाओ, अन्यथा उनके दरवाजे हमेशा के लिए बंद हो जाएंगे। पार्टी प्रमुख के इतना कहते ही नेताजी को सांप सूंख गया, लेकिन चर्चा है कि अब तक न तो युवा नेता और न ही उसके भाई ने माफी मांगी है। अब देखना यह है कि पार्टी प्रमुख अपनी टीम के सशक्त युवा भाइयों के लिए दरवाजे बंद करते है या नहीं?
शह-मात की बयानबाजी
जिले में एक सड़क सत्तारूढ़ और विपक्षी दल की बयानबाजी के कारण सुर्खियां बन गई। सोशल मीडिया पर अपने अंक बढ़ाने के लिए कई छुटभैये नेता बढ़चढ़कर पोस्ट करने के बाद स्क्रीन शाट अपने आंकाओं को भेजने से नहीं चुक रहे। हालांकि दोनों ही पार्टी के लोग पिछले दिनों एक मंत्री के आने के बाद से एक दूसरे पर व्यंग बाण छोड़ने से पीछे नहीं हट रहे। इसमें एक मामला विपक्षी पार्टी के प्रमुख द्वारा दौड़कर मंत्री से मिलने का भी है। हालांकि पार्टी प्रमुख का यह मंसूबा यह कामयाब नहीं हो सका। इस पर भी कटाक्ष कर रहे हैं कि जब मंत्री ने ज्ञापन देने का समय नहीं दिया तो जिला प्रमुख दौड़कर क्या बताने चाह रहे, जबकि उनकी पार्टी के लोग इसे जिला प्रमुख की बड़ी उपलब्धि बता रहा है।
मेेेेहनत करे मुर्गा, अंडा खाएं फकीर
एक पार्टी में प्रदर्शन के दौरान अजीबो गरीबों स्थिति एक नेता को दो-दो हाथ होना पड़ा। प्रदर्शन भले ही छात्र विंग के नाम था, लेकिन किसानों की समस्याओं को भी प्राथमिकता से शामिल किया गया था। पार्टी के किसान विंग के प्रमुख सबसे ज्यादा भीड़ लेकर आए, लेकिन हेडलाइन छात्र विंग ने लूट ली। चूंकि किसान नेता सीधा-साधा और गांव से जुड़ा व्यक्ति है। शहर के मौका परस्त नेताओं और मीडिया मैनेजमेंट की तिकड़म नहीं जानता था, इसलिए कार्यक्रम खत्म होने के बाद अपने साथ हुए धोखे को लेकर परेशान होते रहा। चर्चा है कि किसान नेता को उसके साथियों ने सलाह दी है कि अगली बार जो भी करेंगे, अलग होगा और शहर में मुक्त में मजमा लूटने वाले नेताओं को दूर रखा जाएगा। बताते चले कि इस आयोजन में किसानों की बड़ी संख्या उस विंग के प्रमुख द्वारा जुटाई गई भीड़ के ही प्रमाण थे।




