Betul Samachar : केंद्रीय मंत्री गडकरी के रवाना होते ही पुराने हालात में पहुंची सड़क

Betul News: As soon as Union Minister Gadkari left, the road returned to its old condition.

बारिश में सड़क बनाने के लिए ठेकेदार की कवायद बेकार, वाहन चालकों के और हुए बुरे हाल

Betul Samachar : बैतूल। इसे विडंबना ही कहा जाएगा कि बैतूल से लेकर भोपाल तक बनने वाले फोरलेन के कुछ हिस्सों को बनाने के लिए जितेंद्र सिंह एंड कंपनी ने नियम-कायदे ताक पर रख दिए। हद तो तब हो गई, जब कंपनी के जिम्मेदारों को अपने विभाग के मंत्री नितिन गडकरी के निजी प्रवास पर इसी मार्ग से आने की जानकारी मिली तो उसे आनन फानन में बेमौसम हुई बारिश में बनाने के तथाकथित प्रयास किए गए। लोगों ने पहले ही उनकी गुणवत्ता पर सवाल उठाए और उनकी बात शत प्रतिशत सही भी साबित हुई। उनके काफिले के लौटते ही सुधारी गई सड़क फिर पुराने स्तर पर पहुंच गई है। इससे वाहन चालक का भोपाल सफर नुकसानदेह साबित हो रहा है। ज्ञात हो कि इस सड़क को लेकर भूतल परिवहन मंत्री गडकरी ने एक कार्यक्रम में अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए अधिकारियों को जमकर लताड़ा है।

ढाई दिन चले अढ़ाई कोस वाली कहावत बैतूल से भोपाल वाली सड़क पर सटीक बैठ रही है। लोगों को यह समझ नहीं आ रहा है। पिछले दस वर्ष से अधिक से इस फोरलेन को नजाने किसकी नजर लगी की आज तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। कई तरह की अडंगे लगने के कारण सड़क निर्माण करने वाली पूर्व कंपनी को ब्लैक लिस्टेड तक होना पड़ा। उम्मीद के साथ एनएचएआई ने जितेंद्र सिंह एंड कंपनी को करीब 6 वर्ष पहले बैतूल से इटारसी तक फोरलेन निर्माण का जिम्मा सौंपा था, लेकिन यह कंपनी भी न तो जनप्रतिनिधियों और न ही एनएचएआई के अधिकारियों के पैमाने पर खरी उतर पाई। इसके बाद लगातार क्षेत्र के लोग और वाहन चालक अपनी नाराजगी सार्वजनिक रूप से जाहिर कर रहे हैं।

गडकरी आए तो सुधारी रोड, फिर वैसे ही हालात

पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी अपने परिजनों के साथ नागपुर से सड़क मार्ग से दो दिन के लिए चुरना अभ्यकरण पहुंचे थे। उनके आने की भनक लगते ही बरेठा मार्ग की खस्ताहाल हालत देखकर एनएचएआई के अधिकारियों ने ठेकेदार से इसकी मरम्मत कराई, लेकिन यह दाव उल्टा पड़ गया। दरअसल जिस समय सड़क की मरम्मत की जा रही थी, बारिश विलेन बनकर बरसने लगी। नतीजा यह हुआ कि बारिश के कारण डामर की गुणवत्ता पर सवाल उठने लाजमी था।

लोगों ने भी जमकर इस काम की आलोचना की। हालांकि दो दिनों का पारिवारिक दौरा कर मंत्री गडकरी वापस नागपुर लौट गए, लेकिन उनके लौटते ही फिर बारिश विलेन बनकर बरसी तो बरेठा के पास बिछाई गई डामर की परत ने कंपनी की लापरवाही उजागर कर दी। हालात यह हो गए कि मंत्री की नाराजगी से बचने के लिए जिन गड्ढों पर डामर बिछाया था, उसने भी साथ छोड़ दिया। और जगह-जगह गड्ढें निकल आए। यह गड्ढें फिर दुर्घटना और जाम का कारण बन रहे हैं।

गडकरी बरसे, लेकिन टोल की समस्या का हल नहीं

केंद्रीय मंत्री गडकरी को सबसे पावरफुल माना जाता है। उन्होंने पूरे देश में अपने कार्यकाल के दौरान सड़कों का जाल बिछा दिया, लेकिन अपने संसदीय क्षेत्र के पड़ोसी कहे जाने वाले बैतूल जिले के इटारसी तक मार्ग की स्थिति सुधारने अधीनस्थों को दिए निर्देशों पर अमल नहीं करवा पाए। हालांकि जब व्यक्गित दौरे पर बैतूल पहुंचे तो उन्होंने आंखों से वास्तविकता देखी और एक कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों पर मार्ग की दुर्दशा को लेकर सार्वजनिक वक्तवय दिया।

वे बोल पड़े कि सड़क को लेकर अधिकारी हफ्ता ले रहे हैं क्या? उनकी यह बात बैतूल-भोपाल फोरलेन की व्यथा बताने के लिए काफी है। भले ही सात किमी के क्षेत्र को हाईकोर्ट से हरीझंडी न मिलने के कारण बनाने पर असमर्थता जता रहे हैं, लेकिन ठेकेदार ने जो सड़क बनाई, उसकी गुणवत्ता इटारसी के पहले तक आसानी से देखी जा सकती है। दूसरी ओर खस्ताहाल सड़क पर टोल वसूली का मु्ददा भी चर्चा में है, लेकिन इसका स्थाई निराकरण जिले के जनप्रतिनिधि भी नहीं निकाल पाए।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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