घटिया काम का घटिया नतीजा, सफाई करवाने में नाकाम विभाग
गोदना डैम की फूटी नहर, सिंचाई के लिए किसान परेशान

बैतूल। जल संसाधन विभाग की मनमानी के चलते जिले के कई जलाशयों की नहरे फुटने की कगार पर पहुंच रही है। ऐसे में किसानों की परेशानियां भी बढ़ना तय माना जा रहा है, क्योंकि रबी फसल के सीजन में नहरों के ही माध्यम से किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है और फुटी नहरों के भरोसे रहने वाले किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिल पाएगा या नहीं, अब इसकी चिंता भी किसानों को सताने लगी है।
ताजा मामला चिचोली विकासखंड के गोधना में सामने आया है। यहां पर नहरों के निर्माण में बरती मनमानी और भ्रष्टाचार के चलते नहरों का फुटना लगातार जारी है। गोधना के किसानों का कहना है कि जलाशय से सटी हुई नहर 5 दिसंबर की रात अचानक फुटने से किसानों की परेशानियां बढ़ गई है। गोधना डैम की राइट कैनल की सफाई किए बिना नहीं चालू कर दी गई। जिसका परिणाम यह निकला कि डैम की फूटने से पानी व्यर्थ बह रहा है और किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है।
बार-बार फूट रही नहरें
किसानों का आरोप है कि जल संसाधन विभाग के तत्कालीन एसडीओ भूपेन्द्र सूर्यवंशी द्वारा नहरों का घटिया निर्माण और मरम्मत कार्य में जमकर भ्रष्टाचार किया गया, जिसके चलते गोधना डैम की नहर बार-बार फुट रही है। नहरों का मरम्मती कार्य भी घटिया स्तर का करवाया गया है और रबी सीजन शुरु होने के पूर्व जहां नहरों की सफाई करवाई जानी चाहिए थी। सफाई नहीं कराई गई और जलाशय से पानी छोड़ दिया गया, जिसके चलते 5 दिसंबर की रात नहर अचानक फुट गई। यही स्थिति जलाशय की अन्य नहरों में भी देखी जा सकती है। किसानों ने जल संसाधन विभाग प्रमुख से तत्काल नहरों की सफाई और मरम्मत कराए जाने की मांग की है, ताकि किसानों को रबी फसल की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकें।
इनका कहना…
गोधना जलाशय की नहर किस स्थान पर क्षतिग्रस्त हुई है। इसकी जानकारी ली जा रही है। नहर की सफाई और मरम्मतीकरण कराया जा रहा है।
विपिन वामनकर, ईई, जल संसाधन विभाग बैतूल




