Betul News: पुलिस की पिटाई से मृत उदित का बैतूल से गहरा नाता
Betul News: Udit, who died due to police beating, had a deep connection with Betul.

पांसे ने थाने घेरा तो पुलिस ने आरोपियों पर की एफआईआर, मृतक के एक मामा सांईखेड़ा के सरपंच
Betul News: बैतूल। राजधानी भोपाल के पिपलानी थाने के अंतर्गत अपने दोस्तों के साथ पार्टी बनाकर लौट रहे उदित गायकी के साथ तथाकथित मारपीट के साथ हुई मौत से राजनीति गरमा गई है। इस मामले में भले ही पुलिस ने मारपीट करने वाले पिपलानी थाने के दोनों आरक्षकों पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया, लेकिन यह सब इतनी आसानी से नहीं हुआ। मृतक उदित का बैतूल जिले से गहरा नाता था, इसलिए सबसे पहले जानकारी मिलते ही मुलताई के पूर्व विधायक सुखदेव पांसे परिजनों से मिले और पिपलानी घेर डाला। इसी का नतीजा है कि उनकी मारपीट करने वाले आरक्षकों पर तत्काल एफआईआर की चेतावनी का दूसरा दिन असर देखने को मिला और पुलिस को आरक्षकों के खिलाफ मामला दर्ज करना पड़ा। इधर मृतक उदित का बैतूल से गहरा नाता रहने के कारण बहुसंख्यक कुनबी समाज से जुड़ा होने के कारण सामाजिक लोगों में भी आक्रोश व्याप्त है।
20 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर उदित गायकी अपने दोस्तों के साथ तीन दिन पहले पार्टी करने गए थे। वापस लौटते समय पिपलानी थाने के आरक्षक ने कार में गाना बजने पर दोस्तों के साथ रोक लिया। डर के मारे में उदित कार छोड़कर भागने लगा तो थाने के आरक्षकों संतोष बामनिया और सौरभ आर्य ने रात 2 बजे उसका पीछा किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों के हाथ लगने पर उदित की बदमाशों की तरह पिटाई करते रहे। इसके बाद जब उसकी हालत बिगड़ी तो पुलिसकर्मी वापस लौट गए। कार में दोस्तों के साथ उदित ने पीने के लिए पानी मांगा। इसके बाद उल्टियां करते रहा और हालत बिगड़ी तो दोस्तों ने अस्पताल ले गए पर उसकी जान नहीं बच सकी। उदित के दोस्त अक्षत भार्गव ने गंभीर आरोप लगाते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों द्वारा दस हजार रुपए मांगने और बुरी तरह पीटने के आरोप भी लगाए। इसके बाद पिपलानी पुलिस कटघरे में खड़ी हो गई।

परिजनों के विरोध में पांसे भी हुए शामिल
बैतूल जिले से जुड़ा और कुनबी समाज के युवक की पुलिस पिटाई से मौत के मामले में पूरे भोपाल में हड़कंप मच गया। यह जानकारी जैसे ही पूर्व मंत्री और प्रदेश कांग्रेस के संगठन उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे को मिली तो वे सबसे पहले मृतक उदित के परिजनों से मिले। उन्हें ढंढास बंधाया। इसके बाद शनिवार को परिजन और कुनबी समाज के अलावा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ पिपलानी थाने का घेराव कर दिया।
उन्होंने अपने चिर परिचित लहजे में पुलिस अधिकारियों को चेतावनी दी कि जब तक आरक्षकों के खिलाफ एफआईआर नहीं होगी, वे थाने से नहीं हिलेंगे। उनकी इस चेतावनी से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। उन्हें आश्वस्त किया कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद एफआईआर की जाएगी, लेकिन वे नहीं माने। बताया जा रहा है कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें रविवार तक एफआईआर करने का आश्वासन दिया। इसके बाद थाने का घेराव खत्म हुआ। इतना ही नहीं पांसे ने पूरी घटना की जानकारी प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को दी तो वे भी रविवार सुबह मृतक उदित के परिजनों से मिलने और सात्वांना देने पहुंचे। प्रदेश अध्यक्ष ने मामले की न्यायिक जांच की मांग भी मुख्यमंत्री से की।
मृतक के पिता भैंसदेही निवासी, मामा सांईखेड़ा के सरपंच
मृतक उदित का मामला केवल भोपाल तक सीमित नहीं कहा जा सकता है। दरअसल मृतक उदित के पिता मूलत: भैंसदेही के बराहपुर के निवासी रहे हैं। उनके दादा यहां पर शिक्षक थे, इसलिए उदित का जिले से भी गहरा नाता था। इतना ही नहीं मृतक उदित के सबसे बड़े मामा अजय गावंडे शिक्षक, दूसरे नंबर के मामला बबलू गावंडे सांईखेड़ा के सरपंच है , जबकि सबसे छोटे मामा सुभाष गावंडे सर्वेयर है। बताया जाता है कि मृतक उदित की माता गावंडे परिवार की एकलौती बहन थी। इसी वजह एकमात्र भांजे के निधन से गावंडे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा है। इसी वजह जिले में भी कुनबी समाज के अलावा अन्य लोगों ने इस घटना की तीखे शब्दों में निंदा करते दोषियों को फांसी देने की मांग की है।




