Betul Samachar: मुलताई कांड में कलेक्टर- एसपी ने साबित की काबलियत
Betul News: Collector-SP proved their capability in Multai incident

चिंगारी को आग का शोला बनने से पहले ही किया ठंडा
Betul Samachar: बैतूल। पवित्र नगरी मुलताई में गुरुवार शाम उपजे तनावपूर्ण हालातों के बाद जिले में जो शांति व्यवस्था कायम हुई, वह प्रशासन की त्वरित और प्रभावी कार्यवाही का परिणाम रही। हालात जिस तेजी से बिगड़ने की ओर बढ़ रहे थे, उसे देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि थोड़ी सी भी चूक जिले के साम्प्रदायिक सौहार्द पर भारी पड़ सकती थी, जो निश्चित ही जिले की शान्त फिजाओं और साम्प्रदायिक सद्भाव पर एक करारे तमाचे के रूप में निरूपित हो सकती थी। लेकिन जिस कार्यकुशलता के साथ कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी और एसपी वीरेंद्र जैन ने स्तिथि को समझा और संभाला उसके बाद यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि जिले में एक बड़ी घटना होने से पहले ही इसे रोक लिया गया।
घटनाक्रम के दौरान जिस तरह से दोनों समुदायों के लोगो का आक्रोश देखने को मिल रहा था, उससे सहज ही अंदाजा लग चुका था कि इस चिंगारी को आग का शोला बनने में ज्यादा समय नहीं लगेगा, इतना समझ आते ही जिले के कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने जिस सूझबूझ और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया, उसके बाद चंद घण्टो के भीतर ही स्तिथि पूरी तरह नियंत्रण में आ चुकी थी। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने सांझवीर टाइम्स से बातचीत में बताया कि, हालातों को देखते हुए यह तय था कि, जल्द से जल्द दोनो पक्षो के बीच समन्वय स्थापित नहीं किया गया तो हालात और ज्यादा बिगड़ सकते हैं।
लिहाजा बिना एक पल गंवाए वह अपने अंगरक्षकों के भरोसे हजारों की भीड़ के बीच चले गए और समझाइशें देना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया की यह काम काफी जोखिम भरा हो सकता था, क्योंकि दोनो पक्षों में आक्रोश बराबर दिखाई दे रहा था, लेकिन यहां हिम्मत का हारना बड़े हादसे का कारण बन सकता था। उन्होंने बताया कि दोनो पक्षों के लोगो ने ध्यान से उनकी समझाइशें सुनी और सहयोग के लिए राजी भी हुए। कड़ी मशक्कत के बाद आखिर सभी के सहयोग से एक बड़ी घटना टालने में हम कामयाब रहे। हमने दोनो पक्षों से सामंजस्य बनाये रखने की अपील की,और लोगो ने भी अपनी समझदारी का परिचय देते हुए सदभाव को बनाये रखा जो सामाजिक एकता का एक बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आया है।
कुल मिलाकर कलेक्टर एसपी ने साबित कर दिया कि सही दिशा और सही समय पर की गई कार्रवाई बड़े संकट को टाल सकती है। सुर्यवंशी ने न केवल प्रशासनिक मशीनरी को तुरंत सक्रिय किया, बल्कि स्वयं सैकड़ों की भीड़ के बीच पहुंचकर गुस्साए लोगों से सीधे संवाद स्थापित किया। उनकी शांत और दृढ़ बातचीत ने तनावग्रस्त माहौल में संतुलन कायम किया, जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं।
एसपी वीरेंद्र जैन ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने मिलकर हालातों को नियंत्रण में लिया। एसपी वीरेंद्र जैन के मार्गदर्शन में रातभर चली पुलिस निगरानी और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल की तैनाती ने किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोका। मुलताई में उपजी यह स्थिति पुलिस प्रशासन के लिए किसी इम्तहान से कम नहीं थी, और कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी के अलावा एसपी वीरेंद्र जैन भी इस परीक्षा में सफल साबित हुए। जिले में अब पूर्ण शांति है और आमजन अपने नियमित कार्यों में लौट आए हैं। निश्चित ही यह सफलता प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया, संवाद कौशल और जनता के सहयोग का परिणाम है, जिसने चिंगारी को आग बनने से पहले ही बुझा दिया।




