Prashasnik Kona: प्रशासनिक कोना: बड़े साहब की गूगली पर कैसे बोल्ड हुए यह छात्र नेता?? मुफ्त के गुटखे-पान खाने 2 आरक्षक कैसे बुरे फंसे??? पुराने साहब की अपने चेलों को सेट करने के अरमान किस वजह रह गए अधूरे???? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम प्रशासनिक कोना में……..
Prashasnik Kona: How did this student leader get fooled by the senior officer's googly? How did two constables get into trouble for eating free gutkha and paan?

बड़े साहब की गुगली पर बोल्ड हुए नेता
अपने बोल को लेकर तेज तर्रार छवि बना चुके बड़े साहब का पारा अब नेताओं पर भी गरम हो रहा है। पिछले दिनों एक प्रमुख विपक्षी दल के छात्र संगठन जुड़े नेता ने साहब ने ऐसी घुट्टी पिलाई की, वे पानी पानी होने के साथ क्लिन बोल्ड हो गए। चर्चा के अनुसार विपक्ष के एक नेता पर कुछ दिनों पहले बिना अनुमति के थाना घेरने पर एफआईआर हुई तो छात्र विंग के नेता अपने पार्टी के जिला प्रमुख को इम्प्रेस के चक्कर में ज्ञापन सौंपने के दौरान जमकर नारेबाजी करने लगे।
कहा जा रहा है कि छात्र विंग के इस नेता का नारेबाजी वाला वीडियो किसी मीडियाकर्मी ने बड़े साहब को दिखा दिया। इसके बाद साहब ने नेताजी के अवैध खनन के मामले को रीओपन करने की अनुशंसा कर डाली। इस मामले को लेकर साहब को समझने वाले अधिकारी का कहना है कि साहब ने हुड़दंग कर मीडिया फुटेज खंगाले और राजनीति चमकाने वाले तथाकथित नेता के अनाप-शनाप बकने पर आइना दिखा दिया। सीधा मैसेज दिया है कि जिनके घर शीशे के होते वे दूसरे के घर पत्थर नहीं फेंकते। इसके बाद साहब ने भी संदेश दे दिया है कि इस तरह की नेतागिरी की तो दूसरे अवैध खनन और धंधे वालों पर इसी तरह का चाबूक चलेगा। साहब के रवैए के बाद विपक्षी पार्टी के नेताओं में भाग दौड़ मची है।
मुफ्त के गुटके पर फंसे सिपाही
गंज क्षेत्र के चर्चित दिलबहार चौक की एक पान की गुमठी पर दो पुलिसकर्मियों को मुफ्त के पान- गुटखा खाने की आदत पड़ गई है। आए दिन गरीब पानठेले वाले से अड़ीबाजी करना उनकी आदत में शुमार हो गया है। चर्चा है कि शनिवार रात भी ऐसा ही कुछ करते और पान की गुमठीधारक को सट्टे के मामले में उलझा देने की चेतावनी दे डाली। इस बीच अचानक विभाग की एक महिला अधिकारी अपने वाहन से राउंड मारते समय पुलिसकर्मियों को देख यहां पर पहुंच गई। पुलिसकर्मियों की हरकत देख वहीं से संबंधित थाना प्रभारी को फोन खड़खड़ाया, इससे थाने में हड़कंप मच गया। इतना होने के बावजूद दोनों पुलिसकर्मी अपने कृत्य पर शर्मिंदा होने की जगह इस बात को लेकर परेशान थे कि वरिष्ठ अधिकारियों को मुक्त का गुटखा-पान खाने की चुगली आखिर किसने की? दोनों स्मार्ट सिपाही अब चुगली करने वालों की खोज में लगे हैं।
पुराने साहब की नहीं गली दाल
पुराने साहब डेढ़ साल तक जिले में रहकर खूब फीलगुड करते रहे, इस दौरान उन्होंने चेले-चपाटियों की बड़ी गैंग बना ली। वर्दी वाले विभाग में नए साहब की आमद भी हो गई। पुराने साहब को उम्मीद थी कि नए साहब को बोलकर चेले-चपाटियों की दुकानदारी चलवा देंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। नए साहब फिलहाल किसी को वेटेज नहीं दे रहे हैं। हर मामलों में पहले अपने संपर्क सूत्र से संबंधितों के बारे में जानकारी एकत्रित कर रहे हैं। इसके बाद ही किसी को फटकने दे रहे हैं। यही वजह है कि पुराने साहब की दाल नहीं गल पा रही है और उनके चेले-चपाटियों के मुफलिसी में दिन गुजर रहे हैं।




