Betul Ki Khabar: सीढ़ी से गिरकर मृत हुए छात्र का शव घर ले जाने नहीं मिला सरकारी वाहन, किराए के वाहन से ले गए, अधिकारियों की संवेदनहीनता उजागर
Betul Ki Khabar: A government vehicle was not available to take the body of a student who died after falling from a staircase to his home; it was taken in a hired vehicle, exposing the insensitivity of officials.

Betul Ki Khabar: बैतूल। जिले के भैंसदेही विकासखंड के एकलव्य आदर्श आवासीय छात्रावास में ह्रदय विदारक घटना हुई। दूसरी मंजिल की सीढ़ियों से गिरने के कारण छात्र की मौत हो गई। इस हादसे के बाद परिजन गहरे शोक में डूबे हुए हैं। इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों की संवेदनहीनता ने परिजनों को और आहत कर दिया। जिला अस्पताल से मृत छात्र के शव को घर ले जाने के लिए परिजनों को सरकारी शव वाहन उपलब्ध नहीं कराया। परिजन निजी वाहन करके शव घर लेकर गए। अब इस मामले में मध्यप्रदेश आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। परिजनों को शव वाहन उपलब्ध नहीं कराने पर प्रशासनिक अधिकारियों की गंभीर लापरवाही बताई गई।
बता दे कि भैंसदेही विकासखंड के एकलव्य आदर्श आवासीय छात्रावास में रहने वाले छात्र सिवनपाट निवासी साहित्या पिता रामदास परते की छात्रावास की सीढ़ियों से गिरने के बाद इलाज के दौरान भोपाल ए स में मौत हो गई। छात्र के शव को सोमवार शाम को बैतूल जिला चिकित्सालय लाया गया। मंगलवार सुबह परिजन शव को ले जाने के लिए सरकारी एंबुलेंस मिलने की आस लगाए बैठे रहे लेकिन सरकारी एंबुलेंस नहीं मिल पाई।
इस मामले में आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त की जि मेदारी थी कि परिजनों को छात्र के शव को घर ले जाने के लिए एंबुलेंस उपलब्ध कराए। इतना बड़ा हादसा होने के बावजूद सरकारी अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। दुख की घड़ी में प्रशासनिक अधिकारियों का सहयोग न मिलना परिजनों के घाव पर नमक छिड़कने जैसा है। परिजन छात्र के शव को निजी एंबुलेंस की सहायता से घर लेकर गए।
रामू टेकाम ने बताया अधिकारियों की गंभीर लापरवाही
इस मामले में मंगलवार सुबह मध्यप्रदेश आदिवासी कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष रामू टेकाम ने जिला अस्पताल पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की। परिजनों को सरकारी शव वाहन उपलब्ध नहीं कराने पर अधिकारियों की गंभीर लापरवाही बताया। साथ ही भाजपा को भी आड़े हाथों लिया है। रामू टेकाम ने सोशल मीडिया प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्रावास के छात्र की मौत हो जाने के बाद जिला अस्पताल से शव को घर ले जाने के लिए सरकारी एंबुलेंस नहीं मिली। इसमें अधिकारियों की गंभीर लापरवाही हुई है उन पर तत्काल कार्रवाई होना चाहिए।
टेकाम ने कहा कि इस मामले में केंद्रीय राज्य मंत्री डीडी उईके और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया अभी तक किसी पर कार्रवाई नहीं हो सकी। आदिवासी अत्याचार, शोषण, अन्याय में बैतूल मध्यप्रदेश में नंबर वन पर है। श्री टेकाम ने सांझवीर टाइ स से चर्चा में कहा कि छात्र की मौत और एंबुलेंस नहीं दिए जाने के संबंध में कलेक्टर से मुलाकात कर जांच और कार्रवाई की मांग करेंगे। इस मामले में चर्चा करने के लिए कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी और सहायक आयुक्त से संपर्क किया गया। मिटिंग में होने के कारण अधिकारियों से चर्चा नहीं हो सकी।




