Betul Samachar: गौशाला में रोज मौत की मुंह में जा रही थी गौमाता
Betul News: Cows were facing death every day in the cowshed.

खबर छपी तो नपा को हरे घास पहुंचाने की आई याद, बात बढ़ी तो झूठी खबर करवाई जारी
Betul Samachar: बैतूल। नगरपालिका के आधिपत्य वाली कढ़ाई गौशाला में गायों की हालत बद से बद्दतर हालत में है। कई बीमार और पशु आहार खाकर मौत के मुंह में गई गायों को लेकर सांझवीर टाईम्स की खबर के बाद कलेक्टर ने सीएमओ को बुधवार गौशाला भेजा था। यहां गायों का वेक्सीनेशन कराया गया है। गायों की मौत और एनजीओ द्वारा खराब पोषण आहार खिलाने की खबर के बाद कल ही आनन फानन में एक ट्राली हरा घास पहुंचा गया है।
वेक्सीनेशन के बाद गौशाला में मौजूद गायों की हालत में सुधार आया है, लेकिन नगरपालिका के जिम्मेदार गौशाला पहुंचने के बाद अपनी पीठ खुद थपथपाने के लिए सरकारी प्रेसनोट जारी करवा रहे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि खबर का कितना असर हुआ है।
शहर में खुलेआम गाय विचरण कर रही है। हालात यह है कि मुख्य मार्गों से लेकर गलियों में इनकी बड़ी संख्या मिल जाएगी। लोगों की नाराजगी के बाद नगरपालिका को गाय पकड़ने की याद आती है और यह अभियान फिर टायटाय फिस हो जाता है। कुछ दिन पहले ही नगरपालिका ने प्रेसनोट जारी कर बताया था कि 65 गायों को पकड़कर कढ़ाई स्थित गौशाला पहुंचाया गया है।
इसके बाद नपा के आधिपत्य वाली गौशाला में गायों की संख्या वर्तमान में 130 से अधिक पहुंच गई है। गायों की संख्या अधिक होने के बाद गौशाला में हालात बिगड़ गए हैं। यहां एनजीओ को गौशाला संचालन का जिम्मा सौपा है, लेकिन उनके कर्मचारियों द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने के कारण रोज 2 से 3 गायों के दम तोड़ने का सिलसिला कई दिनों से जारी है। सांझवीर टाईम्स ने चार दिन पहले कढ़ाई स्थित नपा की गौशाला का निरीक्षण किया तो वास्तविकता सामने आ गई।
खबर छपी तो अधिकारी और घास भी पहुंचा
चौकाने वाली बात यह है कि गायों की लगातार मौत और गौशाला की अव्यवस्था पर खुद संवेदनशील कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी नाराज हुए। उन्होंने यह गंभीर मामला संज्ञान में आते ही सीएमओ सतीष मटसेनिया को पशु विभाग से सामंजस्य स्थापित करते हुए गायों का इलाज कराने के निर्देश दिए थे। बुधवार को पशु विभाग की टीम ने यहां पर पहुंचकर अधिकांश गायों का वेक्सीनेशन कर दवाइयां भी दी। इसके अलावा घटिया पशु आहार का मामला सुर्खियां बनने पर नपा ने हरा घास भी एक ट्राले में भरकर भेजा। यह पूरा घटनाक्रम सांझवीर टाईम्स में खबर प्रकाशित होने के बाद कलेक्टर के निर्देश पर हुआ। फिलहाल गौशाला में गायों की स्थिति में सुधार बताया जा रहा है।
कलेक्टर के पहुंचने की खबर के पहले दफनाई दो गाय
एक और चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं कि गौशाला में गायों की लगातार मौत और अव्यवस्थाओं के मामले में कलेक्टर ने नपा के सीएमओ की क्लास लगाई तो हड़कंप मच गया। यहां की अव्यवस्थाओं पर पर्दा डालने के प्रयास शुरू हो गए। कढ़ाई गौशाला के पास रहने वाले प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बुधवार भी अज्ञात कारणों से दो गायों की मौत हुई।
जब कलेक्टर की नाराजगी और पहुंचने की खबर सामने आई तो नपा के अधिकारियों ने गायों को दफनाने के निर्देश दिए। एनजीओ ने दोनों गायों को बुधवार अधिकारियों के पहुंचने के पहले दफना दिया। इसके बाद निरीक्षण करने पहुंचे अधिकारियों ने टीकाकरण कर दिया और पूरी व्यवस्थाएं माकुल बता दी, लेकिन वास्तविकता पर कोई ध्यान नहीं दिया।




