Betul News: मौसम से बिगड़ी सेहत, बुखार 103 डिग्री तक

वायरल फिवर के अटैक से कई बच्चों की हालात बिगड़ी, पीआईसीयू और शिशु वार्ड खचाखच भरे
Betul News: बैतूल। बारिश का ब्रेक और फिर तेज धूप निकलने, इसके बाद सड़कों पर उड़ रही धूल के अलावा खराब खान-पान से बच्चों और बुजुर्गों की सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है। तापमान में उछाल आने के साथ सर्दी-खांसी और तेज बुखार के साथ वायरल फीवर के मरीज बढ़ गए हैं। बच्चों और बुजुर्गों में ब्लड इंफेक्शन से स्थिति गड़बड़ा रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में हर दिन 800 से 1000 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चों और बुजुर्गों की संख्या सबसे अधिक है। जिला अस्पताल के पीआईसीयू और शिशु वार्ड भी इस समय खचाखच भरे हुए हैं।
पिछले कई दिनों से मौसम में जबरदस्त बदलाव आया है। बारिश की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। इसके बाद तेज धूप से तापमान अचानक बढ़ा है। मौसम के इसी बदलाव की वजह से बीमारियों का दौर पिछले डेढ़ माह से जबरदस्त उछाल आया है। हालात यह है कि शासकीय और निजी अस्पताल मरीज से पटे पड़े हैं। डॉक्टरों के मुताबिक सबसे अधिक मरीज वायरल फीवर और सर्दी-खांसी के ही आ रहे हैं। सामान्यतौर पर इस मौसम में वायरल फीवर और सर्दी- खांसी के मरीज कम आते हैं, लेकिन इस बार बारिश और धूप की आंख मिचौली के कारण मरीजों की संख्या में इजाफा कर दिया है।
बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे अधिक मार
डॉक्टरों की माने तो इस समय सर्दी-खांसी की सबसे अधिक मार बुजुर्गों और बच्चों पर पड़ रही है। बच्चों में वायरल फीवर, लंग्स इंफेक्शन के मामले भी सामने आ रहे हैं। कुछ बच्चों को टाइफाइट जैसे लक्षण भी मिल रहे हैं। बुजुर्गों के भी यही हाल है, लेकिन बच्चों में बुजुर्गों की अपेक्षा तेज बुखार आने से स्थिति नियंत्रण के बाहर हो जा रही है। ऐसे हालातों में सरकारी और निजी अस्पताल के पीआईसीयू और शिशु वार्ड में बड़ी संख्या में बच्चों को भर्ती कराना पड़ रहा है। हालात यह है कि कुछ बच्चों को 103 से 104 डिग्री तक बुखार आ रहा है।
सर्दी-खांसी ने बढ़ाया सिरदर्द
बदलते मौसम के कारण न सिर्फ बच्चे, बुजुर्ग, बल्कि हर उम्र के लोग इसकी चपेट में नजर आ रहे हैं। सर्दी और खांसी ने बच्चों के अलावा सभी को अपने चपेट में ले रखा है। सामान्यतौर पर सर्दी और खांसी ठीक होने में 2 से 3 दिन लगते हैं, लेकिन इस मौसम में वायरल के साथ खांसी-सर्दी होने पर 10 से 15 दिनों तक का समय लग रहा है।
ऐसे बचे बीमारियों से
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ दीप कुमार साहू की माने तो तापमान में उछाल आने और फिर बारिश होने से मौसम में बदलाव हो रहा है। इसी मौसम की वजह से बच्चे सर्वाधिक चपेट मेंं आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि कुछ बच्चों में टाइफाइट और तेज बुखार के लक्षण सामने आ रहे हैं। इसके लिए बाहर के खान-पान से बचना चाहिए, सार्वजनिक स्थान पर मास्क लगाकर ही जाना सबसे सुरक्षित है। ह्दय एवं मधुमेह विशेषज्ञ श्याम सोनी ने बताया कि वायरल के कारण मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इससे बचने के लिए केवल सुरक्षा ही सबसे बेहतर विकल्प है। लोगों को ठंडी चीजों से दूरी बनाकर रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि बुखार अधिक आने पर ब्लड सेंपल की जांच कराई जा सकती है।
इनका कहना…
जिला अस्पताल के पीआईसीयू में 10 बच्चे भर्ती है, जबकि शिशु वार्ड में 30 बच्चों का इलाज जारी है। मौसम में आ रहे बदलाव के कारण बच्चों की सेहत खराब हो रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी भी 1 हजार के करीब पहुंच गई है।
जगदीश घोरे, सीएस, जिला अस्पताल बैतूल



