Betul Samachar: ऑनलाईन हाजरी में अतिथि शिक्षकों ने नियमित शिक्षकों पछाड़ा

Betul News: Guest teachers outperformed regular teachers in online attendance

जिले में मात्र 65 प्रतिशत शिक्षक ही दर्ज कर पा रहे उपस्थिति, प्राचार्य भी पीछे

Betul Samachar: बैतूल। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए स्कूली शिक्षा विभाग ने दो माह पहले ऑनलाईन हाजरी प्रणाली लागू की थी। इसका उद्देश्य था कि हर शिक्षक स्कूल पहुँचते ही मोबाइल ऐप ‘हमारे शिक्षक एपÓ के माध्यम से सेल्फी लेकर अपनी उपस्थिति दर्ज करे। लेकिन विभाग की यह मंशा धरातल पर पूरी तरह सफल नहीं हो पाई। बैतूल जिले में हालात यह हैं कि नियमित शिक्षक इस व्यवस्था को गंभीरता से नहीं ले रहे, जबकि अतिथि शिक्षक पूरी जिम्मेदारी से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार जिले में शिक्षा विभाग के कुल 4 हजार से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं, जिनमें से अब तक केवल 65 प्रतिशत शिक्षक ही ‘हमारे शिक्षक एपÓ पर प्रतिदिन उपस्थिति दर्ज करने में सफल हो रहे हैं। यानी लगभग एक तिहाई शिक्षक अब भी इस प्रक्रिया से दूरी बनाए हुए हैं। आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि जिन नियमित शिक्षकों से अनुशासन और नियमों के पालन की उम्मीद की जाती है, वही शिक्षक सबसे ज्यादा उदासीनता दिखा रहे हैं।

इसके विपरीत, अतिथि शिक्षकों का रवैया बिल्कुल अलग है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक 91 प्रतिशत से अधिक अतिथि शिक्षक समय पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। यह स्थिति बताती है कि अतिथि शिक्षक, जिनका कार्यकाल अस्थाई होता है और जिन्हें अक्सर असुरक्षा की स्थिति में रहना पड़ता है, वे अपने कर्तव्यों के प्रति अधिक सजग और जिम्मेदार दिखाई दे रहे हैं। क्यों कि इन शिक्षकों को अपनी नौकरी जाने का हमेशा डर बना रहेता है।

नियमित शिक्षक पिछड़ रहे

ऑनलाईन उपस्थिति में न केवल नियमित शिक्षक पिछड़ रहे हैं, बल्कि स्वयं प्राचार्य भी इसमें पीछे दिखाई दे रहे हैं। कई स्कूलों के प्राचार्य अपनी ही हाजिरी दर्ज करने में लापरवाही बरत रहे हैं। यह स्थिति विभाग के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि जब नेतृत्व ही नियमों को गंभीरता से नहीं लेगा तो अधीनस्थ शिक्षकों से अनुशासन की उम्मीद करना मुश्किल होगा। गौरतलब है कि शिक्षा विभाग ने यह व्यवस्था इसलिए लागू की थी ताकि शिक्षकों की मनमानी और देर से स्कूल पहुँचने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाया जा सके।

पहले अक्सर यह शिकायतें मिलती थीं कि कई शिक्षक समय पर स्कूल नहीं पहुँचते और बिना वजह छुट्टियाँ लेते हैं। विभाग को उम्मीद थी कि डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता आएगी और विद्यार्थियों को पढ़ाई का पूरा समय मिल पाएगा। लेकिन मात्र दो माह में ही इस व्यवस्था की पोल खुलने लगी है। विभागीय आदेशों का कड़ाई से पालन नहीं होने के कारण नियमित शिक्षक इसे हल्के में ले रहे हैं। यदि समय रहते इस पर सख्ती नहीं बरती गई तो ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था भी अन्य योजनाओं की तरह कागज़ों में ही सिमटकर रह जाएगी।

लगातार कर रहे निगरानी

शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे लगातार निगरानी कर रहे हैं और जिन शिक्षकों ने गंभीरता नहीं दिखाई, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी यह भी मानते हैं कि अतिथि शिक्षकों ने जिस प्रकार जिम्मेदारी का परिचय दिया है, उससे नियमित शिक्षकों को सीख लेनी चाहिए। कुल मिलाकर, बैतूल जिले में अतिथि शिक्षकों ने ऑनलाइन हाजिरी के मामले में अपनी सक्रियता और जिम्मेदारी से यह साबित कर दिया है कि समर्पण पद और स्थायी नियुक्ति से नहीं बल्कि कर्तव्यनिष्ठा से आता है।

अब देखना यह होगा कि विभाग नियमित शिक्षकों को कितना अनुशासित कर पाता है और यह व्यवस्था कितनी प्रभावी साबित होती है। ऑनलाईन उपस्थिति कम होने के संबंध में चर्चा के लिए जिला शिक्षा अधिकारी अनिल सिंह कुशवाह से उनके मोबाईल नं. 9826289708 पर संपर्क किया लेकिन उनसे सपंर्क नहीं हो पाया।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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