Betul News: कांग्रेस में फिर दो फाड़, हेमंत के बायकाट करने से गरमाई राजनीति

Betul News: Congress splits again, politics heats up after Hemant's boycott

पद से हटाए जाने के बाद समर्थकों सहित जंगी प्रदर्शन में नहीं पहुंचे कई दिग्गज

Betul News: बैतूल। जिले की कांग्रेस राजनीति में बड़ा चेहरा और बहुसंख्यक कुनबी समाज से तालुकात रखने वाले हेमंत वागद्रे को जिला कांग्रेस अध्यक्ष के पद से हटाने के बाद वे काफी नाराज चल रहे हैं। उनकी नाराजगी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के छिंदवाड़ा प्रवास पर जाते समय उनके समर्थकों द्वारा बिना स्वागत किए नारेबाजी के बाद देखने को मिली।

दूसरी मर्तबा बुधवार जब कांग्रेस का वोट चोर, गद्दी छोड़ कार्यक्रम बैतूल में आयोजित किया गया, तब कयास लगाए जा रहे थे कि कांग्रेस के सभी नेता मंच पर आएंगे , लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वागद्रे ने अपने बड़ी संख्या में जिलेभर के समर्थकों के साथ प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम से बायकाट कर दिया। इससे एक बार फिर कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी सतह पर आ गई है। राजनीतिक विश£ेषक इसे कांगेस में दो फाड़ बता रहे हैं।

कांग्रेस में संगठन सृजन अभियान जोर शोर से चला। पर्यवेक्षक बैतूल आए और जिला कांग्रेस के दावेदारों से हर ब्लाक में जाकर मिले। इसके बाद रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को सौंपी गई। यहां से पिछले दिनों पूरे प्रदेश के 72 जिलों के कांग्रेस अध्यक्ष घोषित किए गए। इस सूची में बैतूल से पूर्व विधायक निलय डागा का नाम शामिल था। हेमंत वागद्रे के स्थान पर उनकी नियुक्ति की गई। हालांकि उम्मीद कम थी कि पिछड़ा वर्ग और बहुसंख्यक समाज से आने वाले वागद्रे को पार्टी इस तरह पद से हटाएंगी, लेकिन इसे संगठन सृजन नाम देकर पार्टी ने बहुसंख्यक कुनबी समाज की नाराजगी मोल ले ली।

यह बात राजनैतिक जानकार भी दावे से कहते हैं कि वागद्रे की समाज में गहरी पेठ है। चूंकि उनका परिवार सामाजिक और अन्य गतिविधियों में वर्षों से बैतूल से लेकर आठनेर क्षेत्र तक जुड़ा हुआ है। सामाजिक कार्यक्रमों में भी वागद्रे परिवार के दायित्वों को नजर अंदाज नहीं किया जाता है। अचानक उन्हें इस तरह हटाकर निलय डागा को जिम्मेदारी देने से न सिर्फ कुनबी समाज, बल्कि उनके जिलेभर में फैले समर्थकों में गलत मैसेज चला गया है। यदि उन्हें पद से हटाना ही था तो कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर बिदा किया जा सकता था , लेकिन जिस तरह पद से हटाया, इससे उनके समर्थक भी काफी नाराज बताए जा रहे हैं।

पांसे पहुंचे, वागद्रे समर्थक सहित नदारद

बुधवार को शिवाजी आडिटोरियम में जिस तरह कांग्रेस ने शक्ति प्रदर्शन के लिए पूरे जिले से कार्यकर्ताओं को बुलाया, यह किसी से नहीं छिपा है। अलबत्ता कांग्रेस की सीनियर लॉबी कहलाए जाने वाले जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष हेमंत वागद्रे अपनी पूरी टीम के साथ कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे, जबकि पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे पूरे समय कार्यक्रम में मौजूद रहे, लेकिन उनके अलावा कोई समर्थक कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाया। इसे पूर्व जिला अध्यक्ष वागद्रे को पद से हटाए जाने की तथाकथित नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है।

इस गुट से जुड़े कांग्रेस सीनियर लीडर अरूण गोठी, नवनीत मालवीय, मनोज मालवे, अनुराग मिश्रा, तिरूपति एरूलू, नरेंद्र मिश्रा, हेमंत पगारिया, शांतिलाल तातेड़ के अलावा कई ब्लाक कांग्रेस और प्रदेश प्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। सबकी नजर इन नेताओं पर टिकी थी पर कार्यक्रम समाप्ति तक एक भी नेता शामिल नहीं हुए। केवल पांसे पूरे कार्यक्रम में अकेले नजर आए।

फिर पुराने हालात

इस बात में कोई शंका नहीं है कि पद से हटाए जाने के बाद जिस तरह पूर्व अध्यक्ष हेमंत वागद्रे हाईकमान के निर्णय से नाराज है, इससे कांग्रेस में दो धड़े होना तय है। भले ही पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे संगठन उपाध्यक्ष होने के नाते कार्यक्रम में शामिल हुए, लेकिन वे भी वागद्रे को इस तरह से हटाए जाने से खुश नहीं कहे जा सकते हैं। जिला कांग्रेस अध्यक्ष डागा नाराजगी दूर करने के लिए पिछले दिनों खुद पहल करते हुए मुलताई स्थित पांस के निवास पर भी पहुंचे थे।

इसे लेकर राजनैतिक जानकारों का मानना है कि मतभेद दूर हो सकते हैं पर मनभेद दूर करना इतना आसान नहीं है। चूंकि वागद्रे उन्हीं के कट्टर समर्थक रहे। उनकी जिस तरह से विदाई हुई है, इससे वे भी आहत बताए जाते हैं। ऐसे हालातों में कांग्रेस में फिर दो धड़े खड़े होने से चाहे जितने भी प्रयास करें, संगठन भविष्य में बिखरा हुआ ही नजर आएंगे।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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