Betul Ki Khabar: एसडीओपी के वीडियो दिखाते ही कांग्रेस की असलियत उजागर
Betul Ki Khabar: Congress's reality exposed as soon as SDOP showed the video

ञ्च भाजपा नेता ने स्मारक से राष्ट्रीय ध्वज नहीं कांग्रेस का झंडा हटाया था, शासकीय कार्य में बाधा का बन सकता है मामला
Betul Ki Khabar: बैतूल। जिला कांग्रेस के नवागत अध्यक्ष निलय डागा के सोमवार को नगरागमन को लेकर कारगिल चौक पर लगाए गए झंडे से भाजपा-कांग्रेस की राजनीति में बवाल आ गया। दरअसल स्मारक पर कांग्रेस के झंडे लगाने का विरोध करने वाले भाजपा नेता के साथ शहर कांग्रेस अध्यक्ष मोनू बडोनिया और पार्षद उमाशंकर दीवान ने गाली गलौच कर मारपीट कर दी। इसके बाद भाजपा नेताओं ने थाने पहुंचकर विरोध किया तो दोनों कांग्रेसियों पर एफआईआर दर्ज कर ली गई।
अपने स्वागत समारोह के बाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष डागा ने इसे अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न चिन्ह बनाते हुए कोतवाली थाने में तीन घंटे तक जमकर हंगामा किया, उनकी मांग थी कि भाजपा नेता पर राष्ट्रीय ध्वज हटाने का मामला बनाया जाए, लेकिन रात 9.30 बजे एसडीओपी सुनील लाटा एक ऐसा वीडियो लेकर थाने पहुंचे और कांग्रेसियों को दिखाया तो उनके तोते उड़ गए और अचानक धरना समाप्त कर दिया। वीडियो में स्थिति स्पष्ट थी कि भाजपा नेता ने कारगिल चौक के शहीद स्मारक पर राष्ट्रीय ध्वज नहीं बल्कि कांग्रेस के झंडे हटाए थे।

राजनीति में मौके पर चौका लगाना कोई नई बात नहीं है। सोमवार को इसकी बानगी नए जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय डागा के प्रथम नगर आगमन पर देखने को मिली। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नए अध्यक्ष के स्वागत को अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न चिन्ह बनाते हुए विभिन्न शासकीय स्थलों पर कांग्रेस के झंडे और तोरण भी लगाई। हालांकि पहली मर्तबा ऐसा देखा गया जब शहर के कारगिल चौक पर ब्रह्मोस मिसाइल के स्तंभ पर अपने झंडे लगा दिए। इस दौरान रास्ते से जाने वाले सदर निवासी भाजपा नेता सतीश बड़ोनिया ने इसका विरोध किया तो कांग्रेस के शहर अध्यक्ष मोनू बड़ोनिया और भगतसिंह वार्ड के पार्षद उमाशंकर दीवान से उनका विवाद हो गया।
विवाद उस समय बढ़ गया जब कांग्रेस नेताओं ने विरोध जताने वाले भाजपा नेता बड़ोनिया के साथ गाली-गलौच कर मारपीट कर दी। यहां पुलिस भी मौके पर पहुंची थी, लेकिन ब्रह्मोस मिसाइल वाले स्मारक से झंडे नहीं हटाए। इसके बाद भाजपा नेता बड़ोनिया ने खुद कांग्रेस के झंडे हटाए। यह मामला उस समय तूल पकड़ गया जब भाजपा नेता के साथ मारपीट से नाराज भाजपाईयों ने आमला विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे और जिलाध्यक्ष सुधाकर पंवार के नेतृत्व में कोतवाली थाने पहुंचकर अपना विरोध जताया। कोतवाली पुलिस ने मामले में भाजपा नेता बड़ोनिया की रिपोर्ट पर दोनों कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया।
थाने में कांग्रेस का हाईवोल्टेज ड्रामा
चूंकि नए जिलाध्यक्ष का सोमवार को शहर आगमन हुआ और उनके दो पदाधिकारियों पर एफआईआर हुई तो इसे लपकते हुए मुद्दा बनाने में समय नहीं लगा। नए जिलाध्यक्ष डागा ने स्वागत कार्यक्रम खत्म होने के बाद बड़ी तदाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लेकर कोतवाली थाने में विरोध शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि भाजपा नेताओं के दबाव में कांग्रेसियों पर एफआईआर हुई है।
एक अन्य आरोप लगाते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष डागा ने टीआई से कारगिल स्मारक से भाजपा नेता सतीश बड़ोनिया द्वारा राष्ट्रीय ध्वज हटाने पर राष्ट्रीय ध्वज दुरुपयोग का मामला दर्ज करने की मांग की। हालांकि टीआई रविकांत डेहरिया समझाइश देते रहते कि भाजपा नेता ने कांग्रेस के झंडे हटाए, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं हुए। कार्यकर्ताओं के साथ कोतवाली के मुख्य द्वार पर कांग्रेसियों ने एफआईआर की मांग को लेकर ढाई घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा किया।
सीसीटीवी ने खोली कांग्रेस की पोल
जिस राष्ट्रीय ध्वज अपमान के मामले को लेकर थाने में हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। इसकी बैतूल के एसडीओपी सुनील लाटा ने रात 9.30 बजे पोल खोल दी। दरअसल कांगे्रसियों के आरोप पर उन्होंने एक सीसीटीवी क्लिप दिखाई तो उनके तोते उडऩे लगे। इस वीडियो क्लिप में स्पष्ट देखा जा रहा है कि भाजपा नेता ने कारगिल चौक से केवल कांग्रेस के झंडे हटाए। राष्ट्रीय ध्वज कोई अन्य युवक हटाते देखा जा रहा है। कांग्रेस के फेेंक आरोपी की यहां जैसे ही पोल खुली, ढाई घंटे से चला आ रहा हाईवोल्टेज ड्रामा खत्म हो गया। कानून के जानकारों का मामना है कि इस स्थिति में थाने के अंदर बिना अनुमति के धरना देने पर कांगे्रेसियों पर शासकीय कार्य में बाधा और फेंक प्रमाण बताकर भाजपा नेता बड़ोनिया पर राष्ट्रीय ध्वज के अपमान के आरोपों पर पुलिस स्वयं भी एफआईआर कर सकती है।
इनका कहना
हमनें कारगिल चौक से कई वीडियो फुटेज तलाशे। कांग्रेसियों के कोतवाली में हंगामे के दो घंटे बाद ऐसा वीडियो तलाश किया, जिसमें राष्ट्रीय ध्यज का भाजपा नेता ने कहीं अपमान नहीं किया। यह वीडियो जिला कांग्रेस अध्यक्ष को भी दिखाया, इसके बाद उन्होंने धरना समाप्त किया। बिना अनुमति के कोतवाली में प्रदर्शन करने और शासकीय कार्य में बाधा को लेकर क्या हो सकता है, इसको लेकर देखेंगे।
सुनील लाटा, एसडीओपी बैतूल।




