Politics: राजनीतिक हलचल: नेताजी ने 1 गुलदस्ते से कैसे नाप दी कई नेताओं की बधाई?? भैया अध्यक्ष बने तो मौके का फायदा उठाने वालों की बाढ़ आई….. माननीय के लिए कौनसा अधिकारी बन रहा विलेन, जिसके तबादले के हो रहे प्रयास??? जिम्मेदारी को अभी ठिकाना नहीं किसके मन मे फुट रहे लड्डू???? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम राजनीतिक हलचल में…….

Politics: Political stir: How did Netaji measure the congratulations of many leaders with one bouquet?? When Bhaiya became the president, there was a flood of people taking advantage of the opportunity.....

एक गुलदस्ते ने नाप दी कईयों की बधाई

सत्तारूढ़ पार्टी के एक युवा नेता का पिछले दिनों जन्मदिन खासा चर्चा में रहा। जमीन बनाने में लगे यह युवा नेता वैसे अपने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट कर सुर्खियां बटोरते रहे, लेकिन पिछले दिनों उन्होंने जिस अंदाज से अपना जन्मदिन मनाया, इससे लोगों की हंसी फुट पड़ी। दरअसल नेताजी अपने जन्मदिन पर जिला मुख्यालय पहुंचकर पार्टी के केंद्रीय मंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, विधायक और जिला अध्यक्ष से भी मिलने पहुंचे। हालांकि उनके जन्मदिन किसी को पता नहीं था। वे अपने साथ फूल गुलदस्ता लेकर पहुंचे और साथ चलने वाले नेताओं से मिलकर सोशल मीडिया पर फोटो डाली। इसका कैप्शन था कि फलाने नेता ने उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। हालांकि सभी फोटो में गुलदस्ता एक ही नजर आया। जब छानबिन की गई तो पता चला कि नेताजी खुद अपने जेब से पैसा खर्च कर गुलदस्ता लेकर गए थे। अपने को लाइम लाइट में लाने के लिए बड़े नेताओं से जन्मदिन की बधाई के लिए हथकंडा अपनाया था। यह सोशल मीडिया के लिए तो अच्छा, लेकिन पार्टी के ही नेताओं के बीच हंसी का कारण बन गया। यह नेता जी पहले विपक्षी पार्टी में थे,लेकिन प्रदेश की राजनीति में बदलाव के बाद एक वरिष्ठ नेता के सत्तापक्ष में शामिल होने के बाद पार्टी बदल चुके हैं। यह विपक्ष से सत्ता पक्ष में गए एक प्रमुख केंद्रीय मंत्री के समर्थक बताए जाते हैं।

मौके का फायदा उठाने वालों की आई बाढ़

राजनीति में बदलाव की बयार बहती है तो कई गिरगिट और मौका परस्त भी पाला बदलने से नहीं चुकते हैं। एक पार्टी में वरिष्ठ नेता को प्रदेश स्तर का पद मिला तो उनके पास मौके के फायदा उठाने वालों की बाढ़ आ गई। अपने आप को समाजसेवी और बड़े नेता कहलाने वाले भी उनके ईदगिर्द घूमते दिखाई दे रहे हैं। पहले यही समाजसेवी और मीडिया का मुखौटा लगाकर बैठे लोग ताकत से विरोध करते थे, लेकिन पूरी राजनीति बदलने के बाद अब उनसे मिलने के अवसर तलाश रहे हैं। इसके लिए नई शुरुआत तो कहीं तरह-तरह के हथकंडे अपनाएं जा रहे हैं। हालांकि तथाकथित समाजसेवी और मीडिया का मुखौटा लगाने वाले विधायक बनने के बाद सक्रिय थे, लेकिन मौका नहीं मिला और अब मौका मिला तो चौका लगाने से नहीं चूक रहे हैं। यह वहीं लोग है जो कुछ अफसरों को फोटो दिखाकर बता रहे हैं कि वे प्रदेश प्रमुख के कितने खास है।

माननीय मान रही अधिकारी को प्रतिद्वंदी

जिले की एक माननीय को अपने क्षेत्र में पदस्थ स्वजातीय अधिकारी का सक्रिय होना रास नहीं आ रहा है। उन्हें इस अधिकारी को जिला मुख्यालय पर एक रिक्त पड़े विभाग में प्रभारी ईई बनाया गया है। चर्चा है कि उनके प्रमोशन से माननीय खुश नहीं है। इस अधिकारी के बारे में कहा जाता है कि वह काफी चतुर है। आने वाले समय में उसी जाति का होने का कारण माननीय को प्रतिद्वंदी दिखाई दे रहा है, इसलिए उसे विदाई करने के लिए मौके की तलाश में जुटी हुई है। चर्चा यह भी है कि अपनी दाल गलाने के लिए माननीय पार्टी के वरिष्ठों को भी फीडबैक दे चुकी है, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी है, क्योंकि पार्टी के ही वरिष्ठ नेता ने उन्हें प्रभारी बनाया है।

जिम्मेदारी मिली नहीं और मन में फूटने लगे लड्डू

एक विपक्षी पार्टी में इन दिनों अध्यक्ष को लेकर जमकर गहमागहमी चल रही है। कहा जा रहा है कि इस माह तक जिले में पार्टी को नया अध्यक्ष मिल जाएगा। इस बीच दावे किए जा रहे हैं कि किसे जिम्मेदार दी जाएगी, लेकिन अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि किसकी लाटरी लगेगी। इसके पहले ही एक मीडिया में संभावित दावेदारों की खबर चलने के बाद आदत के मुताबिक एक बड़े नेता के उत्साहित समर्थक के मन में अभी से लड्डू फूटने लगे हैं। सोशल मीडिया पर उत्साह में जश्न मनाया जा रहा है। जश्न में ऐसे लोग भी खुशी मना रहे हैं जो नागपुर में अय्याशी करने के दौरान जमकर कुटाई खा चुके हैं। इनकी पोस्ट देखकर लोग पार्टी से दूरियां बना रहे हैं,लेकिन नेताजी को इनकी करीबी से बहुत प्यार बताया जा रहा है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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