Betul News: जिले में हर घर तिरंगा अभियान बना मजाक

Betul News: Every home tricolor campaign in the district became a joke

केंद्र सरकार ने 2 से 15 अगस्त तक अभियान शुरू करने का दिया था फरमान, जिले में अब तक शुरूआत नहीं

Betul News: बैतूल। आजादी का जज्बा लोगों के दिल में जगाने के लिए केंद्र सरकार ने इस वर्ष स्वाधीनता दिवस पर 2 से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान चलाने के निर्देश जारी किए थे। अभियान पूरे पखवाड़े में तीन चरणों में चलाया जाना था, लेकिन ताज्जुब की बात है कि बैतूल जिले में राष्ट्रीय पर्व के इस आयोजन को लेकर जिस तरह से बेरूखी दिखाई दे रही है। इस पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। अभियान का प्रथम चरण पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक कहीं पर कोई गतिविधियां दिखाई नहीं दे रही है, जबकि गाइडलाइन के मुताबिक अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना सुनिश्चित किया गया था।

देश में आजादी की 78वीं वर्षगांठ धूमधाम से मनाई जाएगी। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार देशभक्ति की अलख जगाने के लिए विभिन्न आयोजन करने के लिए गाइडलाइन जारी कर चुकी है। हर घर तिरंगा अभियान इसमें प्रमुख रूप से शामिल किया जा रहा है। जागरूकता लाने के उद्देश्य से घर-घर तक तिरंगा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। गाइड लाइन जारी हुए कई दिन बीत गए, लेकिन बैतूल जिले में अब तक किसी भी तरह के आयोजन को लेकर सूचना नहीं पहुंची है।

पहले चरण में 2 से 6 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान के तहत आयोजन होना था, लेकिन सारा अभियान टाय-टाय फिस होता दिखाई दे रहा है। जिला प्रशासन की ओर से आयोजन को लेकर अब तक किसी तरह की कोई सूचना नहीं दी गई है। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि केंद्र और राज्य सरकार की गाइडलाइन को लेकर हर घर तिरंगा अभियान केा लेकर किस तरह गंभीर है। बड़ी बात यह है कि प्रथम चरण निपटने के बाद दूसरा चरण कल से शुरू होने वाला है।

राजनीति पार्टी अधिक सक्रिय

देश की स्वाधीनता को लेकर जिला प्रशासन की हर घर तिरंगा अभियान को लेकर चुप्पी पर सवालिया निशान खड़े हो गए। दूसरी ओर राजनीतिक दलों ने इसे बड़े स्तर पर शुरू कर दिया है। भाजपा में तो मंगलवार संभाग और जिला प्रभारी की मौजूदगी में हर घर तिरंगा अभियान को लेकर जिस तरह बड़ी समीक्षा हुई, इससे प्रशासन की लापरवाही उजागर हो रही है। भाजपा ने जिस तरह से रणनीति बनाकर हर घर तिरंगा अभियान को वृहद रूप से आयोजन करने की रणनीति बनाई, इससे जिला प्रशासन को सीख लेने की जरूरत है।

15 अगस्त राष्ट्रीय पर्व के उपलक्ष में केंद्र सरकार द्वारा हर घर तिरंगा अभियान की शुरुआत 1 अगस्त से की है जिसके तहत 15 अगस्त तक पूरे पखवाड़े तीन चरणों में अभियान चलाया जाना था आज 6 अगस्त हो गया है लेकिन जिला प्रशासन राष्ट्रीय पर्व के इस आयोजन को लेकर बेरुखी दिखा रहा है। प्रथम चरण में कोई भी गतिविधियां दिखाई नहीं दे रही है जबकि अभी तक गाइडलाइन के मुताबिक अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रमों को किया जाना था।

गाइडलाइन के मुताबिक यह होने थे आयोजन

प्रथम चरण (2-8 अगस्त 2025)- देशभक्ति के वातावरण का जागरण तथा तिरंगे पर केन्द्रित सार्वजनिक कार्यक्रम / चर्चाएं इत्यादि किया जाना है। इस अभियान के प्रथम चरण में, तिरंगा से प्रेरित कला, तिरंगा प्रदर्शनी का प्रदर्शन, तिरंगा रंगोली, तिरंगा राखी निर्माण, तिरंगा बुनाई, तिरंगा पर प्रश्नोत्तरी, तिरंगे के लिए स्वयं सेवा, तिरंगा सजावट और प्रकाश वयवस्था तथा सैन्य बलों के जवानों और पुलिसकर्मियों को पत्र लेखन इत्यादि प्रमुख घटक होंगे।

द्वितीय चरण (9-12 अगस्त 2025)- लोगों को साथ लाने, मीडिया मे प्रसार, ध्वजों की उपलब्धता तथा सार्वजनिक स्थलों पर तिरंगे की विसिबिलिटी हेतु प्रयास किया जाना। स्थानीय उत्पादों पर केंद्रित तिरंगा मेला, तिरंगा कंसर्ट, तिरंगा बाइक / तिरंगा साइकिल रैली, उच्च जनभागीदारी के साथ तिरंगा यात्रा, तिरंगा ध्वज की बिक्री और समुचित व्यवस्था, मानव श्रृंखला निर्माण, तिरंगा गान आदि महत्वपूर्ण घटक हैं।

तीसरा चरण (13-15 अगस्त 2025)- घर कार्यालय तथा वाहनों पर तिरंगा लगाना, सेल्$फी अपलोड, सर्वत्र तिरंगे की दृश्यता तथा संस्कृति मंत्रालय के साथ सूचनाओं का सतत आदान-प्रदान किया जाना हर जगह तिरंगा दृश्यता, तिरंगा के साथ रिकॉर्ड इत्यादि महत्वपूर्ण कार्यक्रम हैं।

आजादी की लड़ाई में बैतूल का महत्वपूर्ण स्थान

देश को गुलामी के दौर से मुक्त करने के लिए हमारे पूर्वजों ने जो लड़ाई लड़ी थी उसमें बैतूल का भी स्थान प्रमुख रूप से था। देशभर में जितने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी इस जिले ने दिए हैं, उतने किसी भी जिले में नहीं है यहां आदिवासियों ने अंग्रेजों के छक्के छुड़ाने में कोई कसर बाकी नहीं रखी यही वजह रही थी 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में जहां हमारे यहां के सेनानियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया वहीं शहीदों की सूची में अपना नाम लिखने में कोई कमी नहीं रखी। आजादी की लड़ाई में आदिवासियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही जंगल सत्याग्रह की शुरुआत बैतूल जिले से ही हुई थी। इस संबंध में कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी से उनके मोबाइल 7692970993 पर कई बार काल किया, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया।

इनका कहना….

घर-घर तिरंगा अभियान को लेकर टीएल की बैठक में समीक्षा की गई है। 2 से 15 अगस्त तक घर-घर तिरंगा अभियान के संबंध में जानकारी लेकर बता पाएंगे।

रोमित उइके, जिला जनसंपर्क अधिकारी बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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