Betul Samachar: पार्षदों की गली में सफाई पर विशेष ध्यान!
Betul News: Special attention on cleanliness in the councillors' streets!

बचे वार्ड में सफाईकर्मियों की दूरी, पनप रहा आक्रोश
Betul Samachar: बैतूल। नगरपालिका जो करे वह कम है, यह बात इसलिए दावे के साथ कहीं जा रही है, क्योंकि वार्डों में जो हालात नजर आ रहे हैं, वह किसी से छिपे नहीं है। पार्षदों को खुश करने के लिए अधिकारियों ने जो फंडा अपनाया है, इससे आम लोगों ने आक्रोश पनप रहा है।
हालात यह है कि शहर के 33 वार्डों में 1 से लेकर 2 सफाईकर्मी पार्षदों की गली में तैनात कर दिए गए हैं। इनका जिम्मा है कि पार्षद की गली को चकाचका कर चाकरी की जाए, ताकि स्वच्छता शाखा की शिकायतें न हो। आम लोग अपनी गली की सफाई के लिए इन कर्मियों के पास सफाई की गुहार लगाते हैं, लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया जा रहा है। इससे लोगों में जबरदस्त आक्रोश पनप रहा है।
नगरपालिका के चुनाव को लगभग तीन वर्ष का समय बीत गया है, लेकिन अधिकांश वार्ड के पार्षदों में वार्ड के लोगों के काम के प्रति जिम्मेदारी नहीं निभा पा रहे हैं। सांझवीर टाईम्स ने पूर्व के वर्ष में पार्षदों का लेखाजोखा प्रस्तुत किया था, इसमें केवल दो पार्षद ऐसे थे, जो वार्ड के लोगों की नजरों में खरा उतर पाए। शेष 31 पार्षदों को लोगों ने सिरे से खारिज कर दिया था। उम्मीद की जा रही थी कि इसके बाद पार्षदों की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। हालात यह है कि अपने कामों को तवज्जों देने के लिए लोगों के कामों को पार्षर्द परे रख रहे हैं। इसी वजह कई वार्डों में लोगों की नाराजगी बढ़ रही है।
पार्षद के घरों के पास दिख रहे सफाईकर्मी
नगरपालिका की स्वच्छता शाखा के पास सबसे अधिक कर्मचारी है। यही वजह है कि पार्षद अपनी गली को चमकाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। शहर के 33 वार्डों में हालात यह है कि पार्षद की गली को चमकाने के लिए सुबह 1 से 2 सफाईकर्मी मौजूद रहते हैं। इनमें झाडू लगाने से लेकर नाली सफाई तक के कर्मचारी शामिल हैं। हर दिन पार्षद की पूरी गली में झाडू लगने के अलावा कचरा उठाने और नाली की सफाई नियमित रूप से हो रही है। चौकाने वाली बात है कि पार्षदों की गली के आगे और पीछे गंदगी और नाली बजबजा रही है, लेकिन यहां ध्यान देने वाला कोई नहीं है। केवल लोगों की नाराजगी और हेल्पलाइन में शिकायत के बाद ही नाली की सफाई हो पा रही है।
लोगों की शिकायत पर कार्रवाई नहीं
नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कई वार्ड के लोगों ने बताया कि कर्मचारियों को अक्सर पार्षद की गली में ही सक्रिय देखा जाता है। जब उन्हें अपने क्षेत्र की सफाई या नाली साफ करने का बोला तो वे ध्यान नहीं देते हैं। कुछ कहने पर विवाद की स्थिति निर्मित होती है। कुछ सफाईकर्मी सुबह से ही शराब के नशे में अपनी ड्यूटी निभाते हैं, लेकिन स्वच्छता शाखा के जिम्मेदार कोई ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। इससे स्थिति लगातार बिगड़ रही है।
इनका कहना…
पार्षदों की गली में सफाई का कोई विशेष नजरिया नहीं है। सभी जगह सफाई की जा रही है। जहां ऐसी शिकायत मिल रही है, वहां सफाईकर्मियों को हिदायत भी दी जाती है।
संतोष धनेलिया, स्वच्छता निरीक्षक, बैतूल




