Betul Samachar: सत्र बीता, कॉलेज को अब स्टेशनरी बांटने की आई याद

जेएच कालेज में एक और बड़ी लापरवाही उजागर
Betul Samachar: बैतूल। जेएच कालेज में बड़े फर्जीवाड़े होने के बावजूद कार्यप्रणाली सुधरने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामला अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग को स्टेशनरी बांटने से जुड़ा है। चौकाने वाली बात यह है कि वर्ष 2023-24 और 2024-25 के विद्यार्थियों को स्टेशनरी देने की याद कालेज प्रशासन को पूरा सत्र बीतने के बाद आई है।
दोनों ही सत्र के विद्यार्थी दूसरी कक्षा में पहुंचकर नई किताबों लेने के प्रयास कर रहे हैं और उन्हें दूसरे सत्र की किताबे बांटने का फरमान जारी हुआ। इस लापरवाही के बाद कालेज प्रशासन कटघरे में आ खड़ा हुआ है।

बताया जाता है कि अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को कालेज से हर वर्ष स्टेशनरी उपलब्ध कराई जाती है। इसके लिए हर वर्ष बजट भी आवंटित होता है। जिले के सबसे बड़े जिले कालेज में पिछले दो वर्षों से अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को स्टेशनरी वितरित ही नहीं की गई।
इस मामले की भनक लगते ही युवक कांग्रेस नेता मोनू वाघ ने कुछ दिनों पहले ही सूचना के अधिकार के तहत आवेदन देकर जानकारी मांगी थी। इसके बाद अचानक कालेज प्रबंधन की आंख खुली और आनन फानन में 8 अप्रैल को आदेश जारी कर अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के नियमित विद्यार्थियों से
वर्ष 2023-24 और 2024-25 में स्टेशनरी लेने के लिए कहा गया। इसके लिए उनसे पिछली कक्षाओं का व्हाइट कार्ड की मूल प्रति पुस्तकाल से संपर्क करने को कहा गया। चौकाने वाली बात यह है कि पिछले 2-3 वर्षों से अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों की स्टेशनरी पुस्तकालय में रखी है, लेकिन इसका वितरण नहीं किया गया।
इसके पीछे कई मायने निकाले जा रहे हैं। जागरूक छात्र नेता मानू वाघ ने आरटीआई लगाई तो इसके चार दिन बाद नोटिफिकेशन जारी कर सूचना निकालना प्रबंधन की मजबूरी बन गई। सूत्र बताते हैं कि मामला तूल न पकड़े इसलिए कालेज के सभी एचओडी से कहा गया है कि एससी-एसटी वर्ग के विद्यार्थियों को स्टेशनरी ले जाने संदेश भेजा जाए।
कालेज प्रबंधन की इस लापरवाही के बाद कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। कांग्रसे नेता वाघ ने कहा कि यदि वे आरटीआई नहीं लगाते और लाभार्थियों की जानकारी नहीं लेते तो शायद विद्यार्थियों को स्टेशनरी से वंचित होना पड़ सकता था।
इनका कहना…
वर्ष 2023-24 और 2024-25 में स्टेशनरी वितरण क्यों नहीं हुआ? यह पूर्व के लोग ही बता सकते हैं। मुझे इस संबंध में जानकारी मिली थी, तब पुराने वर्ष की स्टेशनरी विद्यार्थियों को देने के लिए निर्देश दिए हैं। यदि कोई अनियमित्ता भी हो तो आडिअ में स्थिति सामने आ जाएगी।
डॉ. मीनाक्षी चौबे, प्राचार्य जेएच कालेज बैतूल
हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें
👇https://chat.whatsapp.com/KWRuTRhIWoXDiwhdwiCm29?mode=gi_t
बैतूल जिले की ताजा खबरें (Hindi News Madhyapradesh) अब हिंदी में पढ़ें| Trending और Viral खबरों के लिए जुड़े रहे snewstimes.com से| आज की ताजा खबरों (Latest Hindi News) के लिए सर्च करें snewstimes.com




