Betul Ki Khabar: छात्रावास में प्रवेश नहीं मिलने से बच्चों को रोज 30 किमी करना पड़ रहा सफर
Betul Ki Khabar: Due to not getting admission in the hostel, children have to travel 30 km daily

आश्वासन के बावजूद छात्रावास में नहीं मिला प्रवेश, कलेक्टर से लगाई गुहार
Betul Ki Khabar: बैतूल। आमला विकासखंड के ग्राम सोनादेही और कोठिया के चार छात्रों के समक्ष शिक्षा को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। गांव में हाईस्कूल न होने के कारण इन बच्चों ने अपने गांव से दूर ग्राम जंबाड़ा के स्कूल में दाखिला लिया और वहीं स्थित अनुसूचित जाति छात्रावास में मई में प्रवेश के लिए आवेदन भी कर दिया। उन्हें मौखिक रूप से प्रवेश का आश्वासन भी मिला था, लेकिन अब उन्हें छात्रावास में जगह नहीं दी जा रही है। इसके बाद पालकों समेत छात्र रोजाना 30 किमी की दूरी तय करने को लेकर परेशान हैं।
छात्रों ने बताया कि सोनादेही और कोठिया से जंबाड़ा छात्रावास की दूरी करीब 30 किलोमीटर है। रोज इतनी दूरी तय कर स्कूल जाना उनके लिए मुश्किल साबित हो रहा है। आर्थिक स्थिति भी इतनी मजबूत नहीं है कि किराए के मकान में रहकर पढ़ाई कर सकें। इस कारण वे अपने पालकों के साथ जिला मुख्यालय पहुंचे और संवेदनशील कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी से न्याय की गुहार लगाई।
स्कूल के साथ छात्रावास ही एकमात्र विकल्प
पीड़ित बच्चों ने बताया कि उन्होंने हाल ही में आठवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है और आगे की पढ़ाई के लिए उच्च विद्यालय में प्रवेश लेना आवश्यक था। जंबाड़ा स्कूल और छात्रावास ही उनके लिए एकमात्र विकल्प था, लेकिन अब छात्रावास प्रबन्धन ने प्रवेश देने से इनकार कर दिया गया है। जबकि उन्होंने पूर्व में ही प्रवेश के लिए आवेदन दे दिया था। बच्चों ने मांग की है कि पूर्व में दिए गए आश्वासन के अनुसार छात्रावास में उन्हें तत्काल प्रवेश दिलाया जाए ताकि वे निर्बाध रूप से अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।




