Betul Samachar: खुले चेम्बरों ने बढ़ाया खतरा, ड्रेनेज बना मुसीबत का सबब

जांच हो तो उजागर होगी निर्माण में बड़ी खामियां, नागरिकों ने उठाए गंभीर सवाल
Betul Samachar: बैतूल। शहर में कोतवाली से लल्ली चौक तक किए जा रहे ड्रेनेज निर्माण कार्य को लेकर नागरिकों में लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है। बारिश के मौसम में जलभराव से राहत देने के उद्देश्य से शुरू किया गया यह निर्माण कार्य अब लोगों के लिए परेशानी और खतरे का कारण बनता जा रहा है। निर्माण में बरती जा रही लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी से आम नागरिकों की जान जोखिम में पड़ गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार ड्रेनेज निर्माण के दौरान लगभग हर 10 मीटर की दूरी पर चेम्बर बनाए गए हैं, लेकिन उन्हें बिना ढक्कन लगाए ही खुला छोड़ दिया गया है। ये खुले चेम्बर दिन-रात दुर्घटना को आमंत्रण दे रहे हैं। खासकर रात के समय राहगीरों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई है। कई स्थानों पर सड़क किनारे बने गहरे चेम्बरों के कारण वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों और व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते इन्हें ढका नहीं गया तो बड़ा हादसा हो सकता है। नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया है कि कई बार नगर पालिका और संबंधित अधिकारियों को शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। वहीं पालतू पशुओं के चेम्बरों में गिरने की आशंका भी लगातार बनी हुई है, जिससे लोगों में डर का माहौल है।
डीपीआर की अनदेखी के आरोप
सूत्रों के मुताबिक ड्रेनेज निर्माण कार्य में निर्धारित डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) के नियमों का सही पालन नहीं किया जा रहा है। कई स्थानों पर निर्माण कार्य मनमाने तरीके से किया गया है। नागरिकों का कहना है कि यदि तकनीकी विशेषज्ञों से पूरे प्रोजेक्ट की जांच कराई जाए तो निर्माण में हुई गंभीर अनियमितताएं उजागर हो सकती हैं।
पानी निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल
ड्रेनेज का मुख्य उद्देश्य बारिश के पानी की सुचारु निकासी सुनिश्चित करना होता है, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता को देखकर लोगों ने इसकी उपयोगिता पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। कहीं ड्रेनेज का बेस जरूरत से ज्यादा ऊंचा बना दिया गया है तो कहीं अत्यधिक नीचे, जिससे पानी के बहाव में बाधा उत्पन्न होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस असमान निर्माण के कारण बारिश के दौरान पानी एक ही स्थान पर जमा हो सकता है।
बारिश में बढ़ेगी परेशानी
स्थानीय दुकानदारों और रहवासियों का कहना है कि कई जगह ड्रेनेज की ऊंचाई सड़क स्तर से अधिक है, जिससे बारिश का पानी उसमें जाने के बजाय घरों और दुकानों के सामने जमा होगा। इससे जलभराव की समस्या और गंभीर रूप ले सकती है तथा व्यापार और आवागमन प्रभावित हो सकता है।
नगर पालिका की भूमिका पर सवाल
पूरे मामले में नगर पालिका की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों का आरोप है कि अधिकारियों की लापरवाही और ठेकेदार को मिली खुली छूट के कारण निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं हो रहा है। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं दिखाई दे रही। शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि ड्रेनेज निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और सुरक्षा मानकों के अनुसार कार्य को तत्काल सुधार कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी दुर्घटना से बचा जा सके और शहर को वास्तविक राहत मिल सके।




