यूरिया खाद की भारी किल्लत पर किसानों का खेड़ी में चक्काजाम
खरीफ सीजन में खाद की कमी से किसान परेशान, कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी

बैतूल। खरीफ सीजन के बीच बैतूल जिले में यूरिया खाद की भारी किल्लत से किसान परेशान हैं। दो दिन पहले चिचोली में तहसील कार्यालय का घेराव कर चुके किसानों का गुस्सा शुक्रवार को खेड़ी गांव में फूट पड़ा। यहां सैकड़ों किसानों ने सड़क पर चक्का जाम कर प्रदर्शन किया।
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने किसानों को समझाइश देकर मामला शांत किया, लेकिन कांग्रेस ने इसे लेकर प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत वागद्रे ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों में खाद की आपूर्ति नहीं हुई, तो कांग्रेस जिले के हर ब्लॉक मुख्यालय पर जोरदार आंदोलन करेगी।
खेती के लिहाज से अहम समय में जब फसलें अंकुरित हो चुकी हैं और यूरिया खाद की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है, तब किसान परेशान हैं। कई किसान बारिश में भीगते हुए सहकारी समितियों के बाहर लंबी लाइन में खड़े हैं, लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल पा रही है। वहीं, किसानों और कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि रसूखदार किसानों को पिछले दरवाजे से खाद दी जा रही है, यहां तक कि कुछ को होम डिलीवरी तक की जा रही है।
कांग्रेस नेता हेमंत वागद्रे ने प्रशासन पर खाद वितरण में भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि छोटे किसान दर-दर भटक रहे हैं, जबकि प्रभावशाली लोगों को घर बैठे खाद मिल रही है। अगर तीन दिन में खाद नहीं मिली तो हम चुप नहीं बैठेंगे।
प्रशासन का दावा:जल्द पहुंचेगी खाद की रैक
खेड़ी में किसानों के प्रदर्शन के बाद जिला विपणन अधिकारी ने जानकारी दी कि कोसमी सोसायटी से तुरंत खाद की व्यवस्था की गई है। साथ ही अगले दो दिनों में 1500 टन यूरिया खाद की रैक बैतूल पहुंचने की संभावना है, जिससे समस्या काफी हद तक हल होने की उम्मीद जताई जा रही है।
गौरतलब है कि खरीफ की बुवाई के बाद अब यूरिया खाद की मांग चरम पर है, लेकिन प्रशासन अब तक मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं कर पा रहा है। आए दिन किसानों के प्रदर्शन इस बात का संकेत हैं कि ज़मीनी स्तर पर व्यवस्थाएं विफल होती नजर आ रही हैं।




