Betul Ki Khabar: Video: माचना एनीकेट पहली बार लबालब, सतपुड़ा के सात गेट पांच-पांच फीट तक खोले
Betul Ki Khabar: Machana Anicut overflows for the first time, seven gates of Satpura opened up to five feet each

जिले में भारी बारिश से हर जगह त्राहि-त्राहि, डुल्हारा में कुआं धंसा, शोभापुर में सड़क बही।
Betul Ki Khabar: बैतूल। आषाढ़ के माह में पहली बार बारिश का रौद्र रूप देखने को मिला है। पूरे जिले में पिछले 24 घंटे से लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शहर को पानी की आपूर्ति का प्रमुख आधार केंद्र माचना एनीकेट पहली बार ओवर फ्लो हो गया। पहाड़ी क्षेत्र में हुई बारिश से सारनी के सतपुड़ा डैम के सात गेट 5-5 फीट खोलने पड़े। इधर घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के डुल्हारा में भारी बारिश से कुआं धंस गया। इस कुएं से गांव के बीस परिवार पानी पीते थे। अब यहां पीने के पानी की बड़ी समस्या आ खड़ी हुई है। इसके अलावा जिले में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त होने की खबर आई है।
जिले में हो रही झमाझम बारिश से समूचा जिला पानी-पानी हो चुका है। सबसे ज्यादा साढ़े पांच इंच बारिश घोड़ाडोंगरी ब्लॉक में दर्ज की है। लगातार बारिश के कारण खेतों में भी जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई। फसलों को नुकसान हो सकता है। सड़कों पर जलभराव होने के कारण वाहन चालकों को आवाजाही में भी परेशानी हो रही। बारिश की झड़ी के कारण लोग घरों में दुबकने के लिए मजबूर हो गए हैं। अगले 24 घंटे के दौरान जिले में फिर जिले में झमाझम बारिश का अलर्ट जारी किया है।
2 करोड़ की लागत से बनी सड़क बह गई
भारी बारिश के कारण सारनी शोभापुर कॉलोनी के गणेश चौक में रिटर्निंग वॉल नहीं होने के कारण नाले में बाढ़ आने के कारण सड़क बह गई। बताया जा रहा है कि छह महीने पहले इस सड़क का 2 करोड़ 38 लाख की लागत से सड़क का निर्माण किया था। नाले से सड़क बनने पर यहां रिटर्निंग वॉल का निर्माण करना था, लेकिन बिना रिटर्निंग वॉल के ही सड़क का निर्माण कर लिया। नाले में बाढ़ आते ही सड़क बह गई। इसमें अधिकारियों और सड़क निर्माण करने वाली कंपनी की भी लापरवाही सामने आई है। सड़क बहने के कारण रास्ता बाधित हो चुका है।

सतपुड़ा जलाशय के खोले सात गेट
सारनी पहाड़ी क्षेत्र में भारी बारिश होने के कारण सतपुड़ा जलाशय का जलस्तर बढ़ गया। जल स्तर बढ़ने के कारण सतपुड़ा जलाशय के 7 गेट 5-5 फीट खोल दिए हैं। जलाशय के गेट खोलने के कारण कई छोटी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। जानकारी के मुताबिक सारनी क्षेत्र में 24 घंटों के दौरान 154 मिमी बारिश दर्ज की गई है। सतपुड़ा जलाशय से 11600 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड से छोड़ा जा रहा है। भड़ंगा नदी ऊफान पर होने के कारण सोमवार शाम तक चोपना क्षेत्र के 15 गांवों का संपर्क घंटों तक टूटा रहा।
कुआं धंसने से पानी के लिए तरसे ग्रामीण
ग्राम डुल्हारा में बारिश के कारण कुआं धंस गया। कुआं धंसने के कारण गांव में पीने के पानी की किल्लत खड़ी हो गई। बताया जा रहा है कि इस कुएं से गांव के बीस परिवार पीने के पानी भरते थे, लेकिन बारिश से कुआं अब धंस गया है। गांव में नलजल योजना भी नहीं है। पीने के पानी के लिए कुआं एक मात्र साधन था। ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए अब परेशान होना पड़ रहा है।
माचना डैम हुआ ओवर फ्लो
झामाझम बारिश के कारण माचना डैम ओवर फ्लो हो गया है। अब शहरवासियों को पानी की किल्लत से नहीं जूझना पड़ेगा। विवेकानंद वार्ड में बने माचना डैम से पूरे शहर में पीने के पानी की सप्लाई की जाती है। गर्मी के दिनों में यह डैम पूरी तरह से सूख गया था। जिसके कारण शहर में पानी की किल्लत खड़ी हो गई थी। नगरपालिका ने डैम का गहरीकरण कराय था। डैम में 150 फीट चौड़ा और 15 फीट गहराई तक गहरीकरण कराया गया था। जिससे डैम में पानी की स्टोरेज क्षमता भी बढ़ गई। अब बारिश में यह डैम ओवर फ्लो हो गया है। डैम ओवर फ्लो होने से अब शहर में पर्याप्त पानी की सप्लाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि नगरपालिका अभी तक दो दिन के अंतराल से पीने के पानी की सप्लाई करते आ रही है। अब नगरपालिका एक दिन के अंतराल में पानी की सप्लाई शुरू करेगी। जिससे शहरवासियों को भी राहत मिलने वाली है।
बारिश से धराशाही होने लगे पेड़
पिछले कुछ दिनों से जिले में लगी बारिश की झड़ी के कारण अब पुराने पेड़ धराशाही होने लगे हैं। जिला मुख्यालय पर एमएलबी स्कूल के सामने पानी के कारण एक विशाल पेड़ धराशाही हो गया। पेड़ धराशाही होने के कारण यहां एक बड़ा हादसा होने से टल गया। पेड़ से सटी बाउंड्रीवाल भी क्षतिग्रस्त हो गई है। पेड़ बिजली के तारों पर गिरने से बिजली सप्लाई भी ठप हो गई। कई देर तक बिजली के तारों में करंट चलते रहा। इसकी सूचना विद्युत विभाग के अधिकारियों को भी दी गई। काफी देर बाद बिजली कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने बिजली सप्लाई बंद की। सारनी क्षेत्र में भी लगातार हो रही बारिश के कारण कॉलोनी और जंगल में कई पेड़ धराशाही हो गए। शोभापुर के क्लब कॉलोनी में डब्ल्यूसीएल आवास पर एक पेड़ गिर गया जिससे कंपनी को काफी नुकसान पहुंचा है। यहां बिजली भी बाधित हो गई।
घोड़ाडोंगरी में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज
घोड़ाडोंगरी ब्लॉक में सबसे ज्यादा पांच इंच बारिश दर्ज की है। भूअभिलेख कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार से मंगलवार सुबह 8 बजे तक बैतूल ब्लॉक में 46.6, घोड़ाडोंगरी 138.0, चिचोली 48.0, शाहपुर 75.0, मुलताई 54.6, प्रभातपट्टन 36.5, आमला 50.0, भैंसदेही 15.0, आठनेर 46.2, भीमपुर 55.0 मिमी बारिश दर्ज की है। जिले में अब तक कुल औसत वर्षा 11 इंच हो चुकी है।




